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18 साल की तकलीफ से मिली राहत: गीतांजली हॉस्पिटल उदयपुर में महिला के पेट से निकली 8 किलो की गांठ…

18 साल की तकलीफ से मिली राहत: गीतांजली हॉस्पिटल उदयपुर में महिला के पेट से निकली 8 किलो की गांठ…

पेट की सर्जरी में निकला गर्भाशय और फाइब्रॉइड सहित करीब 8 किलो की गांठ 

करीब 90 मिनट में हुआ सफल ऑपरेशन, 3 यूनिट चढ़ाया गया रक्त

सर्जरी के बाद करीब एक दिन रखा गया ICU निगरानी में

महिलाओं को असामान्य रक्तस्राव और लगातार पेट दर्द को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह

माही राठौड़,

उदयपुर,dusrikhabar.com। उदयपुर के गीतांजली हॉस्पिटल में चिकित्सकों ने 44 वर्षीय महिला को 18 साल से चली आ रही तकलीफ से राहत दिलाई। भीलवाड़ा निवासी महिला लंबे समय से अत्यधिक मासिक रक्तस्राव और बार-बार होने वाले पेट दर्द से परेशान थी। समय के साथ समस्या इतनी बढ़ गई कि उसका सामान्य जीवन प्रभावित होने लगा। जांच में महिला के गर्भाशय में करीब 40×40 सेंटीमीटर आकार का विशाल फाइब्रॉइड मिला। चिकित्सकों की टीम ने चुनौतीपूर्ण सर्जरी कर करीब 8 किलोग्राम वजन के गर्भाशय और फाइब्रॉइड को सफलतापूर्वक निकाल दिया।

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18 साल तक दर्द और रक्तस्राव को सहती रही महिला

महिला को करीब 18 वर्षों से अत्यधिक मासिक रक्तस्राव की समस्या थी। इसके साथ ही समय-समय पर पेट में दर्द भी होता था। शुरुआत में उसने इसे सामान्य स्वास्थ्य समस्या मानकर ज्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन धीरे-धीरे परेशानी बढ़ती गई।

लगातार बनी रही इस तकलीफ का असर उसके दैनिक जीवन और सामान्य गतिविधियों पर भी पड़ने लगा। आखिरकार परिवार की सलाह पर महिला इलाज के लिए गीतांजली हॉस्पिटल, उदयपुर पहुंची।

जांच में सामने आया 40×40 सेंटीमीटर का विशाल फाइब्रॉइड

अस्पताल में आवश्यक जांच के बाद चिकित्सकों को पता चला कि महिला के गर्भाशय में करीब 40×40 सेंटीमीटर का विशाल फाइब्रॉइड विकसित हो चुका है। गांठ का आकार इतना बड़ा था कि पेट का अधिकांश हिस्सा इसी विशाल द्रव्यमान से भरा हुआ महसूस हो रहा था।

फाइब्रॉइड का आकार अनियमित था और उसमें कई बड़े उभरे हुए हिस्से थे। ऐसे में गांठ का विशाल आकार और जटिल संरचना ऑपरेशन के लिए बड़ी चुनौती थी।

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90 मिनट में पूरी हुई जटिल सर्जरी

मरीज की स्थिति और संभावित जोखिमों का विस्तृत आकलन करने के बाद सर्जरी का निर्णय लिया गया। डॉ. मधुबाला चौहान के मार्गदर्शन में डॉ. नीलम तोषनिवाल और डॉ. दिव्या चौधरी ने 8 अगस्त 2026 को ऑपरेशन किया।

करीब 90 मिनट चली सर्जरी में विशाल फाइब्रॉइड के साथ गर्भाशय को भी निकालना पड़ा। सर्जरी के बाद निकाले गए गर्भाशय और फाइब्रॉइड का कुल वजन करीब 8 किलोग्राम पाया गया।

ऑपरेशन के दौरान चुनौती, एनेस्थीसिया टीम ने संभाला मोर्चा

इतने बड़े फाइब्रॉइड की सर्जरी के दौरान मरीज का ब्लड प्रेशर कम हो गया। एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. अक्षय, डॉ. पूर्वा और उनकी टीम ने तत्काल स्थिति को संभाला और लगातार मरीज की निगरानी की।

ऑपरेशन के बाद महिला को करीब एक दिन ICU में निगरानी में रखा गया। उपचार के दौरान मरीज को 3 यूनिट रक्त भी चढ़ाया गया। चिकित्सकीय टीम के समन्वित प्रयासों से सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी हुई।

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ऐसे लक्षणों को लंबे समय तक नजरअंदाज न करें

चिकित्सकों के अनुसार, इतने बड़े फाइब्रॉइड की सर्जरी सामान्य मामलों की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण होती है। बड़ी गांठ आसपास के अंगों पर दबाव डाल सकती है और ऑपरेशन के दौरान अधिक रक्तस्राव का जोखिम भी रहता है। ऐसे मामलों में सर्जिकल, एनेस्थीसिया, OT, ICU और पोस्ट-ऑपरेटिव टीम के बीच बेहतर तालमेल जरूरी होता है।

चिकित्सकों ने महिलाओं को सलाह दी कि लंबे समय तक अत्यधिक मासिक रक्तस्राव, लगातार पेट दर्द या पेट के आकार में असामान्य बदलाव को सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच कराने से समस्या की पहचान और उपचार संभव है।

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