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एक बीज से जंगल तक… गीतांजली उदयपुर की ‘बीजोत्सव 2.0’ पहल से हरित भविष्य की उम्मीद!

एक बीज से जंगल तक… गीतांजली उदयपुर की ‘बीजोत्सव 2.0’ पहल से हरित भविष्य की उम्मीद!

गीतांजली यूनिवर्सिटी और हवेली परिवार ने शुरु किया ‘बीजोत्सव 2.0’

एक छोटी सी सीड बॉल बन सकती हजारों पेड़ों की कहानी 

सीड्स बॉल से बंजर एवं वीरान भूमि में हरियाली पैदा करने का संकल्प

पर्यावरण संरक्षण को जन-अभियान बनाना अभियान का लक्ष्य

रोटरी क्लब ऑफ उदयपुर पन्नाधाय में भी पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम 

स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संगठनों तक अभियान ले जाने की योजना 

एक बीज से पेड़, पेड़ से जंगल और जंगल से पीढ़ियों के लिए बेहतर पर्यावरण का संदेश

माही राठौड़,

उदयपुर, dusrikhabar.com। पर्यावरण संरक्षण की बड़ी मुहिम हमेशा बड़े संसाधनों से ही शुरू हो, यह जरूरी नहीं। कभी-कभी एक छोटा-सा बीज भी बदलाव की बड़ी शुरुआत बन सकता है। इसी सोच को जमीन पर उतारने के उद्देश्य से गीतांजली यूनिवर्सिटी, उदयपुर और हवेली परिवार ने मिलकर बीजोत्सव 2.0’ की शुरुआत की है।

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इस पहल का मकसद केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि सीड्स बॉल के जरिए प्रकृति को स्वयं अपना हरित संसार विकसित करने का अवसर देना और आम लोगों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना है। अभियान की कल्पना ऐसी है कि एक बीज पेड़ बने, पेड़ों की संख्या बढ़े और धीरे-धीरे बंजर जमीन घने जंगल का रूप ले।

एक वृक्ष, अनेक जीवन’… बीजोत्सव 2.0 की थीम

12 अगस्त को अमृतम बाग रिजॉर्ट में बीजोत्सव 2.0 का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में सहायक वन संरक्षक तरुण मीणा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वहीं गीतांजली मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल की डीन डॉ. संगीता गुप्ता ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। अभियान की थीम एक वृक्ष, अनेक जीवन रखी गई है। इसके तहत फलदार और छायादार पेड़ों के बीजों से तैयार सीड्स बॉल का उपयोग किया जा रहा है।

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आयोजकों की कोशिश है कि इन सीड्स बॉल को ऐसे क्षेत्रों में पहुंचाया जाए, जहां हरियाली की जरूरत है। प्राकृतिक परिस्थितियों में इनसे पौधों के विकास को बढ़ावा देकर विरान और बंजर भूमि को धीरे-धीरे हरित क्षेत्र में बदलने की दिशा में काम किया जाएगा।

प्रकृति को सिर्फ बचाना नहीं, उसे बढ़ने का मौका देना

बीजोत्सव की खास बात इसका जनभागीदारी वाला स्वरूप है। इसमें पर्यावरण संरक्षण को केवल पौधारोपण दिवस तक सीमित रखने के बजाय लोगों को प्रकृति की प्रक्रिया का हिस्सा बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

एक सीड बॉल जमीन में पहुंचेगी, उससे पौधा विकसित होगा और वही पौधा भविष्य में छाया, फल, पक्षियों को आश्रय और वातावरण को ऑक्सीजन देने वाला पेड़ बन सकता है। इसी सोच को बड़े स्तर पर ले जाकर हजारों-लाखों सीड बॉल के जरिए हरित क्षेत्र तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।

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12 अगस्त को अमृतम बाग रिजॉर्ट में बीजोत्सव 2.0 का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में सहायक वन संरक्षक तरुण मीणा मुख्य अतिथि

12 अगस्त को अमृतम बाग रिजॉर्ट में बीजोत्सव 2.0 का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में सहायक वन संरक्षक तरुण मीणा मुख्य अतिथि

रोटरी क्लब में भी पहुंचा ‘बीजोत्सव 2.0’ का संदेश

बीजोत्सव 2.0 के तहत 13 अगस्त को रोटरी क्लब ऑफ उदयपुर पन्नाधाय में पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में क्लब सदस्यों को सीड्स बॉल के महत्व, पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण के बारे में जानकारी दी गई। प्रतिभागियों ने भी पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने और अपने आसपास हरित वातावरण विकसित करने का संकल्प लिया।

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कार्यक्रम में हवेली परिवार से प्रद्युम्न सिंह राठौड़, भानु प्रताप सिंह, राजेश कुमार माली, जयराज सिंह, आयुष लोढ़ा और संजय नागदा सहित अन्य लोग मौजूद रहे। वहीं रोटरी क्लब ऑफ उदयपुर पन्नाधाय की ओर से अरुण बागड़िया, जिला गवर्नर 2026-27, निर्मल सिंघवी, पूर्व जिला गवर्नर (PDG) और दीपक सुखाड़िया, निर्वाचित जिला गवर्नर (DGE) सहित अनेक गणमान्य लोगों एवं पर्यावरण प्रेमियों ने सहभागिता की।

आज का छोटा कदम, आने वाली पीढ़ियों का हरा भविष्य’

गीतांजली हॉस्पिटल के हेड-मार्केटिंग कल्पेश चन्द रजबार ने लोगों से इस पहल में सक्रिय रूप से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि एक छोटी-सी सीड बॉल भी आगे चलकर एक पेड़ का रूप ले सकती है और हजारों सीड बॉल मिलकर बंजर जमीन को हरे-भरे जंगल में बदल सकती हैं। उन्होंने लोगों से एकजुट होकर अपने आसपास के वातावरण को हराभरा बनाने में योगदान देने का आह्वान किया।

यह संदेश बीजोत्सव की मूल भावना को सामने रखता है—पर्यावरण के लिए किया गया कोई प्रयास छोटा नहीं होता। आज जमीन में डाला गया एक बीज आने वाले वर्षों में किसी बच्चे के लिए छांव, किसी पक्षी के लिए आश्रय और किसी परिवार के लिए फल का पेड़ बन सकता है।

गीतांजली हॉस्पिटल के हेड-मार्केटिंग कल्पेश चन्द रजबार

गीतांजली हॉस्पिटल के हेड-मार्केटिंग कल्पेश चन्द रजबार

स्कूल-कॉलेज और सामाजिक संगठनों तक पहुंचेगा अभियान

आयोजकों के अनुसार बीजोत्सव 2.0 को आने वाले समय में स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर बड़े स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा। इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को केवल किसी संस्था या समूह की जिम्मेदारी न मानकर हर व्यक्ति की रोजमर्रा की भागीदारी से जोड़ना है।

बच्चों और युवाओं को सीड्स बॉल तैयार करने और उन्हें उचित स्थानों पर पहुंचाने जैसी गतिविधियों से जोड़कर उनमें प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित की जा सकती है। आयोजकों का मानना है कि यदि यह सोच व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचे तो छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़े हरित बदलाव की नींव रख सकते हैं।

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