वरिष्ठ IAS श्रुति भारद्वाज को सेवानिवृत्ति के बाद फिर RCDF की कमान, पे-माइनस-पेंशन आधार पर नियुक्ति…

वरिष्ठ IAS श्रुति भारद्वाज को सेवानिवृत्ति के बाद फिर RCDF की कमान, पे-माइनस-पेंशन आधार पर नियुक्ति…

श्रुति भारद्वाज की नियुक्ति को लेकर Dusrikhabar.com की खबर पर लगी मुहर

7 सितम्बर को चलाई थी श्रुति भारद्वाज को पुनर्नियुक्त किए जाने की खबर

सरकार ने सेवानिवृत्त IAS अधिकारी को फिर बनाया RCDF की MD एवं CEO

एक बार फिर RCDF के मुनाफे और शुद्धता के साथ सरस को मिलेगा बढ़ावा

‘पे माइनस पेंशन’ के आधार पर नियुक्ति

31 अगस्त को हुई थीं सेवानिवृत्त, करीब एक महीने तक खाली रहा था RCDF के MD का पद

पशुपालन, गोपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव सीताराम भाले ने जारी किया आदेश 

छह महीने या नियमित MD की नियुक्ति तक रहेगा श्रुति भारद्वाज का कार्यकाल

5 सितंबर 2024 से करीब दो वर्ष तक भारद्वाज रहीं RCDF की MD

पिछले कार्यकाल में RCDF के प्रोफिट और कारोबार में उल्लेखनीय पर्फोमेंस बना नियुक्ति का आधार

नई पारी में सरस ब्रांड, दुग्ध उत्पादकों, गुणवत्ता और त्योहारी सीजन की सप्लाई बड़ी प्राथमिकताएं 

 

विजय श्रीवास्तव

जयपुर,dusrikhabar.com। राजस्थान के डेयरी सेक्टर में एक बार फिर श्रुति भारद्वाज का अनुभव काम आएगा। राजस्थान सरकार ने सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी को राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (RCDF) की प्रबंध संचालक (MD) एवं CEO की जिम्मेदारी दोबारा सौंप दी है। खास बात यह है कि भारद्वाज इसी पद पर रहते हुए 31 अगस्त 2026 को सेवानिवृत्त हुई थीं और करीब एक महीने बाद उन्हें फिर उसी पद पर नियुक्त किया गया है।

पशुपालन, गोपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव सीताराम भाले की ओर से जारी आदेश के मुताबिक उनकी नियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तारीख से छह महीने या राज्य सरकार द्वारा नियमित अधिकारी की नियुक्ति होने तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगी। नियुक्ति ‘पे माइनस पेंशन’ के आधार पर की गई है और आदेश में पद से जुड़ी पात्रता शर्तों में भी शिथिलता का उल्लेख है।

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एक महीने तक खाली रही RCDF की अहम कुर्सी

श्रुति भारद्वाज के 31 अगस्त को सेवानिवृत्त होने के बाद RCDF के MD पद पर करीब एक महीने तक कोई नियमित नियुक्ति नहीं हुई। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक इस दौरान इस पद का अतिरिक्त प्रभार भी किसी अधिकारी को नहीं दिया गया था। ऐसे में उनकी दोबारा नियुक्ति ने राजस्थान की प्रशासनिक और डेयरी व्यवस्था में खासा ध्यान खींचा है।

RCDF केवल एक सरकारी संस्था नहीं, बल्कि राजस्थान के दूध उत्पादकों, पशुपालकों, जिला दुग्ध संघों और उपभोक्ताओं से सीधे जुड़ा बड़ा सहकारी नेटवर्क है। ऐसे में MD की कुर्सी का सीधा असर सरस के संचालन, दूध खरीद, प्रसंस्करण, विपणन और डेयरी से जुड़े लाखों लोगों पर पड़ता है।

सितंबर 2024 में संभाली थी पहली बार कमान

श्रुति भारद्वाज ने 5 सितंबर 2024 को RCDF के MD पद की जिम्मेदारी संभाली थी। लगभग दो वर्ष तक इसी पद पर रहते हुए वे 31 अगस्त 2026 को सेवानिवृत्त हुईं। उनके कार्यकाल के दौरान RCDF के कारोबार और लाभ में वृद्धि को लेकर कई उपलब्धियां सामने आईं।

दूसरी खबर की पूर्व रिपोर्ट के अनुसार, उनके कार्यकाल में RCDF का कारोबार ₹16,116 करोड़ से अधिक रहा और करीब ₹700 करोड़ के लाभ का आंकड़ा सामने आया। वहीं वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए RCDF के ₹400 करोड़ से अधिक लाभ और ₹10,000 करोड़ के कारोबार की उपलब्धि का भी उल्लेख किया गया था।

इन आंकड़ों को RCDF के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय प्रदर्शन के रूप में देखा गया, हालांकि अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों का संदर्भ और अवधि अलग है। इसलिए इन्हें सीधे एक ही वित्तीय वर्ष का आंकड़ा मानना उचित नहीं होगा।

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अब छह महीने की जिम्मेदारी, सामने कई बड़ी चुनौतियां

श्रुति भारद्वाज की वापसी ऐसे समय हुई है जब त्योहारी सीजन में दूध और दुग्ध उत्पादों की मांग बढ़ती है। सरस के दूध, घी, पनीर, मिठाइयों और अन्य दुग्ध उत्पादों की उपलब्धता, गुणवत्ता तथा सप्लाई चेन को सुचारू रखना उनके सामने प्रमुख व्यावहारिक चुनौतियों में शामिल रहेगा। इसके साथ ही RCDF के सामने दूध उत्पादकों के हित, भुगतान व्यवस्था, दुग्ध संघों की वित्तीय स्थिति, सरस ब्रांड का विस्तार और उत्पादों की गुणवत्ता जैसे मुद्दे भी महत्वपूर्ण हैं।

पुनर्नियुक्ति पर सवाल भी, उपलब्धियों की चर्चा भी

श्रुति भारद्वाज की पुनर्नियुक्ति को लेकर प्रशासनिक हलकों में चर्चा के साथ कुछ डेयरी संगठनों की आपत्तियां भी सामने आई हैं। अजमेर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ सहित कुछ संगठनों की ओर से उनके पिछले कार्यकाल को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। लेकिन सरकार का फैसला, RCDF के पिछले प्रदर्शन और डेयरी क्षेत्र की मौजूदा जरूरतों को देखते हुए काफी महत्वपूर्ण है। 

RCDF के लिए सरकार के पास श्रुति भारद्वाज का नहीं कोई विकल्प…

अनुभव और प्रशासनिक पकड़ से पुन: RCDF की कमान; राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (RCDF) का कामकाज प्रदेश के लाखों पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों, सहकारी दुग्ध संघों और करोड़ों उपभोक्ताओं से सीधे जुड़ा है। ऐसे में RCDF के MD जैसे महत्वपूर्ण पद पर अनुभवी और व्यवस्था की गहरी समझ रखने वाले अधिकारी की भूमिका बेहद अहम हो जाती है। 31 अगस्त को श्रुति भारद्वाज के सेवानिवृत्त होने के बाद करीब एक महीने तक यह पद खाली रहा, जिसके बाद सरकार ने एक बार फिर उन्हीं पर भरोसा जताते हुए उन्हें जिम्मेदारी सौंप दी। श्रुति भारद्वाज के पिछले कार्यकाल में RCDF के कामकाज और वित्तीय प्रदर्शन को लेकर कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां सामने आईं। प्रशासनिक स्तर पर उनकी पहचान जटिल व्यवस्थाओं को समझकर निर्णय लेने और काम को गति देने वाली अधिकारी के तौर पर रही है। यही अनुभव संभवतः उनकी पुनर्नियुक्ति के पीछे महत्वपूर्ण कारणों में शामिल रहा।

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राजस्थान की डेयरी व्यवस्था के लिए छह महीने महत्वपूर्ण,विभाग में खुशी की लहर

सरकार ने फिलहाल छह महीने की समय-सीमा तय की है। इसका अर्थ है कि यह नियुक्ति स्थायी नियुक्ति नहीं बल्कि सीमित अवधि की व्यवस्था है। हालांकि नियमित अधिकारी की नियुक्ति इससे पहले हो जाती है तो भारद्वाज का कार्यकाल उसी समय समाप्त हो जाएगा। आपको बता दें कि श्रुति भारद्वाज की पुनर्नियुक्ति से विभागीय अधिकारियों और पशुपालकों में खुशी की लहर है। विभागीय अफसरों का कहना है कि उनकी पुन: विभाग में नियुक्ति एक मिसाल साबित होगी। उनका पिछला कार्यकाल बेहद प्रशंसनीय और “आरसीडीएफ के स्वर्णयुग” की तरह रहा है, हमें उम्मीद है कि आगे भी वे इसे बनाए रखेंगी। वहीं दूसरी तरफ पशुपालकों और उनके परिवार की महिलाओं ने कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए हमेशा उनके पास प्लानिंग रहती है हमें आशा है उनका दूसरा कार्यकाल महिलाओं की और उन्नति होगी। 

वरिष्ठ IAS श्रुति भारद्वाज को सेवानिवृत्ति के बाद फिर RCDF की कमान, पे-माइनस-पेंशन आधार पर नियुक्ति...

सेवानिवृत्त वरिष्ठ IAS श्रुति भारद्वाज

दूसरी खबर से खास बातचीत में श्रुति भारद्वाज ने बताया RCDF के लिए आगे का प्लान

RCDF MD श्रुति भारद्वाज ने दूसरी खबर से बात करते हुए अपने नए कार्यकाल को लेकर कुछ खास बातें साझा कीं। उन्होंने कहा कि अब उनकी दूसरी पारी का असली फोकस RCDF के कारोबारी प्रदर्शन को बनाए रखते हुए सरस ब्रांड, दुग्ध उत्पादकों और उपभोक्ताओं के हितों के बीच और बेहतर संतुलन कैसे कायम किया जाए। वहीं उन्होंने यह भ कहा कि त्योहारी सीजन में दुग्ध उत्पादकों को उनके उत्पाद का श्रेष्ठ लाभ मिल सके एवं आरसीडीएफ के साथ साथ सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी करते हुए सरस की गुणवत्ता को ऊंचाइयों पर ले जाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। उन्होंने ये भी कहा कि एक महिला होने के नाते दुग्ध उत्पादकों से जुड़े परिवारों की महिलाओं को भी योजनाओं के तहत सीधे तौर पर RCDF से जोड़ने का उनका प्रयास रहेगा। 

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बहरहाल राजस्थान के लाखों पशुपालकों के लिए RCDF की मजबूती केवल किसी संस्था के टर्नओवर का विषय नहीं है। दूध की खरीद से लेकर किसान के भुगतान और सरस उत्पाद के उपभोक्ता तक पहुंचने तक पूरी श्रृंखला में RCDF की भूमिका सीधे दिखाई देती है। ऐसे में श्रुति भारद्वाज की वापसी को आने वाले छह महीनों के प्रदर्शन के संदर्भ में देखना महत्वपूर्ण होगा।

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