
जयपुर में पकड़ा नकली नोटों का जखीरा, करीब साढ़े चार लाख के नकली नोट बरामद, बांग्लादेश से भारत पहुंची करेंसी…
नकली नोटों के अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश, चार आरोपी गिरफ्तार
जयपुर में 4 लाख 30 हजार 500 रुपए की कथित नकली करेंसी बरामद
500 रुपए के 861 नकली नोट पुलिस के हाथ लगे
बजाज नगर थाना पुलिस और CST की संयुक्त कार्रवाई
नकली नोटों का कथित कनेक्शन बांग्लादेश–कोलकाता–हरियाणा से जयपुर तक
USDT के जरिए कथित भुगतान का एंगल भी जांच में आया सामने
पुलिस ने जताई आगामी चुनावों में बड़ी खेप खपाने की आशंका
विजय श्रीवास्तव,
जयपुर,dusrikhabar.com। बाजार में किसी दुकानदार के हाथ जब नकली नोट पहुंचता है तो नुकसान सिर्फ उस एक व्यक्ति का नहीं होता। उसकी मेहनत की कमाई, कारोबार का भरोसा और आम लोगों के बीच नकदी की विश्वसनीयता तक प्रभावित होती है। इसी चिंता के बीच जयपुर पुलिस ने नकली भारतीय करेंसी के एक कथित अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा करते हुए 4 लाख 30 हजार 500 रुपए के नकली नोट बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, 500-500 रुपए के 861 नकली नोट बरामद किए गए हैं। बजाज नगर थाना पुलिस और CST की संयुक्त कार्रवाई में चार युवकों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में नकली नोटों की सप्लाई का कथित रास्ता बांग्लादेश से कोलकाता और फिर हरियाणा होते हुए जयपुर तक पहुंचने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और जयपुर में नकली करेंसी की यह खेप आखिर किन लोगों तक पहुंचाई जानी थी।
ढाका से जयपुर तक पहुंची नकली करेंसी की कथित सप्लाई चेन
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, नकली नोट बांग्लादेश के ढाका में तैयार किए जाने और तस्करी के जरिए भारत लाए जाने की आशंका है। इसके बाद कथित तौर पर यह खेप कोलकाता पहुंची और वहां से हरियाणा के रास्ते जयपुर लाई गई। पुलिस ने इस मामले में अंशुल (24), साहिल चौधरी (24), प्रियांशु (21) और आकाश (26) को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन आरोपी हरियाणा के रोहतक क्षेत्र से बताए गए हैं, जबकि साहिल सीकर जिले का निवासी बताया गया है।
जांच एजेंसियों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जयपुर में इस नेटवर्क की जड़ें कितनी गहरी हैं और नकली नोटों को आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क की एक अहम कड़ी अमन राणा नामक व्यक्ति बताया जा रहा है, जो रोहतक का रहने वाला है और फिलहाल कोलकाता में रहकर कथित तौर पर नेटवर्क संचालित कर रहा था। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
एक असली के बदले पांच नकली नोट देने का दावा
स्पेशल कमिश्नर (ऑपरेशन) ओमप्रकाश के अनुसार, पूछताछ में यह जानकारी सामने आई है कि एक लाख रुपए की असली करेंसी के बदले पांच लाख रुपए की नकली करेंसी उपलब्ध कराने का कथित कारोबार किया जाता था। जयपुर पहुंची खेप को पुलिस टेस्टिंग के तौर पर भेजी गई खेप मानकर जांच कर रही है। पुलिस को आशंका है कि यदि यह खेप सफलतापूर्वक बाजार में खप जाती तो आने वाले चुनावों के दौरान इससे कहीं बड़ी मात्रा में नकली नोट जयपुर और आसपास के इलाकों में पहुंचाए जा सकते थे।
हालांकि, चुनाव में नकली करेंसी खपाने की आशंका फिलहाल पुलिस की जांच का हिस्सा है, इसे अभी अंतिम तथ्य नहीं माना जा सकता।
read also:राजस्थान में मिलावट पर बड़ा वार! जयपुर में 6,900 लीटर मूंगफली तेल जब्त
USDT के जरिए भुगतान का एंगल भी सामने आया
इस मामले ने इसलिए भी पुलिस की चिंता बढ़ाई है क्योंकि कथित नकली करेंसी नेटवर्क में डिजिटल भुगतान और USDT के इस्तेमाल की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, जयपुर से गिरफ्तार साहिल चौधरी का संबंध USDT से जुड़े काम से है। पूछताछ में सामने आया कि हरियाणा से आए तीन आरोपी कथित तौर पर साहिल को नकली नोटों की खेप सौंपने जयपुर पहुंचे थे।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल कितने लेनदेन में हुआ और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
मोबाइल में मिले पुराने कनेक्शन के सुराग
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन भी खंगाले। पुलिस के अनुसार, मोबाइल से 23 मई 2025 को कोलकाता जाने से संबंधित वीडियो मिले हैं। इन डिजिटल सुरागों के आधार पर पुलिस यह जांच कर रही है कि आरोपियों का कोलकाता से संपर्क कितना पुराना है और क्या इससे पहले भी नकली करेंसी से संबंधित कोई गतिविधि हुई थी।
यदि जांच में यह कनेक्शन साबित होता है तो इससे यह संकेत मिल सकता है कि जयपुर में पकड़ी गई खेप कोई अचानक हुई कोशिश नहीं, बल्कि पहले से चल रहे नेटवर्क का हिस्सा थी।
नकली नोटों के पीछे दिखी चकाचौंध भरी जिंदगी
पुलिस जांच में आरोपियों की कथित जीवनशैली ने भी कई सवाल खड़े किए हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास महंगे मोबाइल फोन और लग्जरी वाहन मिले हैं। उनके विदेश यात्राओं से जुड़े तथ्यों की भी जांच की जा रही है। नकली करेंसी के इस मामले का मानवीय पहलू यहीं सामने आता है।
जब कोई व्यक्ति आसान और तेज कमाई के लालच में ऐसे अपराध का हिस्सा बनता है, तो उसका असर केवल कानून-व्यवस्था पर नहीं पड़ता। नकली नोट बाजार में पहुंचने पर छोटे दुकानदार, रेहड़ी-पटरी वाले, मजदूर, टैक्सी चालक और रोजमर्रा के कारोबार करने वाले लोग सबसे ज्यादा परेशान हो सकते हैं।
किसी छोटे दुकानदार को दिनभर की कमाई में नकली नोट मिल जाए तो उसके लिए वह रकम सीधे आर्थिक नुकसान बन जाती है। वह नोट आगे चलाने की कोशिश करे तो कानून का खतरा और उसे नष्ट कर दे तो मेहनत की कमाई का नुकसान—दोनों परिस्थितियों में आम आदमी ही पिसता है।
दो राज्यों में पुलिस जांच, कोलकाता कनेक्शन भी खंगाला जाएगा
जयपुर पुलिस अब इस मामले की जांच को राजस्थान से बाहर भी ले जा रही है। पुलिस की टीमें रोहतक भेजे जाने की तैयारी में हैं, जबकि कोलकाता पुलिस से भी संपर्क कर वहां के संभावित कनेक्शन की जांच की जाएगी। पुलिस का लक्ष्य कथित नेटवर्क के मुख्य संचालकों तक पहुंचना और यह पता लगाना है कि नकली नोट कहां तैयार हुए, भारत में किस रास्ते से पहुंचे और जयपुर में इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। बरामद नकली करेंसी की जानकारी RBI को भी दी गई है।
समय रहते कार्रवाई से टली बड़ी आशंका
पुलिस के मुताबिक, जयपुर में पकड़ी गई खेप शुरुआती तौर पर छोटी मात्रा में भेजी गई थी। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इसे बाजार में सफलतापूर्वक चलाने के बाद बड़ी मात्रा में नकली करेंसी भेजने की योजना हो सकती थी। अगर यह आशंका जांच में सही साबित होती है तो समय रहते हुई कार्रवाई ने नकली नोटों की संभावित बड़ी खेप को बाजार तक पहुंचने से रोक दिया।
फिलहाल पुलिस चारों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उनके संपर्कों, वित्तीय लेनदेन, मोबाइल डेटा तथा संभावित सहयोगियों की जानकारी जुटा रही है।
आम आदमी के लिए नकली नोट सिर्फ एक कागज नहीं
नकली नोट का सबसे बड़ा नुकसान उस व्यक्ति को होता है जो उसे असली समझकर स्वीकार करता है। एक मजदूर की दिनभर की कमाई, छोटे दुकानदार की बिक्री या किसी परिवार की जरूरी खरीदारी में शामिल रकम अगर नकली निकल जाए तो उसका सीधा असर घर के बजट पर पड़ता है।
इसीलिए नकली करेंसी का कारोबार केवल आर्थिक अपराध नहीं है। यह बाजार के भरोसे और आम आदमी की मेहनत की कमाई पर सीधा हमला है। जयपुर पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब असली चुनौती सिर्फ चार आरोपियों को पकड़ना नहीं, बल्कि उस पूरे नेटवर्क तक पहुंचना है जिसने नकली नोटों को सीमा पार से भारतीय बाजार तक पहुंचाने का कथित रास्ता बनाया।
———————————
#JaipurCrime, #CounterfeitNotes, #FakeCurrency, #RajasthanPolice, #JaipurPolice, #CounterfeitCurrencyGang, #Bangladesh, #Kolkata, #Haryana, #USDT, #CyberCrime, #CrimeNews, #RajasthanNews, #CounterfeitNotesSeized, जयपुर नकली नोट, नकली करेंसी, 4.30 लाख नकली नोट, जयपुर पुलिस, फेक करेंसी गिरोह, नकली नोट गिरोह, बांग्लादेश नकली नोट कनेक्शन, कोलकाता नकली करेंसी, हरियाणा नकली नोट, USDT नकली करेंसी, राजस्थान क्राइम न्यूज, Fake Currency Jaipur
