
सरस-राजीविका का नया बिजनेस मॉडल; महिलाएं बनेंगी और आत्मनिर्भर…
सरस-राजीविका का साथ, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार की नई पहल
273 लखपति दीदी कैंटीनों पर मिलेंगे सरस ब्रांड के उत्पाद
महिला स्वयं सहायता समूहों को सरस बूथ और मिनीमार्ट में प्राथमिकता
राजीविका सखियों को डेयरी उद्यमिता और दुग्ध समितियों से जोड़ा जाएगा
कैमल मिल्क पाउडर की मार्केटिंग के लिए ग्रामीण नेटवर्क का होगा उपयोग
नवीन सक्सेना,
जयपुर,dusrikhabar.com। राजस्थान में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर राजीविका और सरस (आरसीडीएफ) मिलकर महिलाओं के लिए नया बिजनेस मॉडल तैयार करेंगे।
इस मॉडल के जरिए ग्रामीण और शहरी महिलाओं को डेयरी सहकारिता, स्वरोजगार और उद्यमिता के नए अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इस संबंध में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
read also:थैलेसीमिया में बोन मैरो ट्रांसप्लांट बना स्थायी इलाज की सबसे बड़ी उम्मीद…
महिलाओं के लिए तैयार होगा नया बिजनेस मॉडल
प्रदेश सरकार अब महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने के लिए राजीविका और सरस के संयुक्त मॉडल पर काम करेगी। शासन सचिवालय में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि महिलाओं को डेयरी व्यवसाय, सरस बूथ संचालन और उत्पाद मार्केटिंग से जोड़कर रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएंगे। यह पहल खासतौर पर ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है।

लखपति दीदी कैंटीनों पर मिलेंगे सरस के उत्पाद
राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन की प्रबंध संचालक श्रुति भारद्वाज ने बताया कि राज्यभर में संचालित 273 लखपति दीदी कैंटीनों पर अब सरस दूध और दूध से बने सभी उत्पाद उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही पहले चरण में सभी जिला कलेक्ट्रेट में सरस कैंटीन शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इससे महिलाओं को रोजगार के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर व्यवसाय के अवसर भी मिलेंगे।
read also:चंडीगढ़ में जर्नलिस्ट प्रीमियर लीग में राजस्थान चैम्पियन, पिंकसिटी प्रेसक्लब..

स्वयं सहायता समूहों को मिलेगी प्राथमिकता
सरकार ने निर्णय लिया है कि सरस डेयरी बूथ, सरस मिनीमार्ट और सरस पार्लर के आवंटन में राजीविका से जुड़े महिला स्वयं सहायता समूहों को प्राथमिकता दी जाएगी। इन बूथों और पार्लरों का संचालन “सरस राजीविका दीदी” द्वारा किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और स्वरोजगार को मजबूती मिलेगी।

डेयरी व्यवसाय से जुड़ेंगी राजीविका सखियां
बैठक में यह भी तय किया गया कि राजीविका सखियों को दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों का सदस्य बनाया जाएगा। इससे उन्हें मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक सम्बल योजना के तहत प्रति लीटर पांच रुपये का अनुदान भी मिलेगा। इसके अलावा आरसीडीएफ और जिला दुग्ध संघ महिलाओं को डेयरी उद्यमिता, सरस बूथ संचालन और कौशल विकास प्रशिक्षण भी प्रदान करेंगे।
read also:विजय की पार्टी TVK के सभी 108 MLAs देंगे इस्तीफा, अगर DMK या AIADMK ने…
कैमल मिल्क पाउडर की मार्केटिंग पर फोकस
बीकानेर, बाड़मेर और जैसलमेर क्षेत्रों में कैमल मिल्क पाउडर और उससे जुड़े उत्पादों की मार्केटिंग के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई गई है। राजीविका के ग्रामीण नेटवर्क के माध्यम से सरस उत्पादों की पहुंच गांव-गांव तक बढ़ाई जाएगी, जिससे स्थानीय उत्पादों को नया बाजार मिलेगा।
————————–
