
थैलेसीमिया में बोन मैरो ट्रांसप्लांट बना स्थायी इलाज की सबसे बड़ी उम्मीद…
विश्व थैलेसीमिया दिवस विशेष
भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल का जागरुकता अभियान हो रहा सफल
थैलेसीमिया पर उम्मीद की नई किरण
बोन मैरो ट्रांसप्लांट से बच्चों को मिल रहा स्वस्थ जीवन
समय पर जांच, सही डोनर और आधुनिक तकनीक से संभव हो रहा स्थायी उपचार
महावीर सिंह,
जयपुर,dusrikhabar.com। भारत में तेजी से बढ़ रहे थैलेसीमिया के मामलों के बीच आधुनिक चिकित्सा तकनीकें मरीजों के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर पहचान और बोन मैरो ट्रांसप्लांट (BMT) के जरिए थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को नया जीवन दिया जा सकता है।
भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल जयपुर के विशेषज्ञों ने विश्व थैलेसीमिया दिवस पर जागरूकता बढ़ाने के साथ समय रहते जांच और उपचार की आवश्यकता पर जोर दिया। आपको बता दें कि भारत में हर साल 10हजार बच्चे थैलेसीमिया से पीड़ित जन्म लेते हैं। वहीं राजस्थान में जयपुर, जोधपुर, जैसलमेर और बाड़मेर जैसे शहरी क्षेत्रों के अलावा आदिवासी इलाकों जैसे डूंगरपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर में थैलेसीमिया से पीड़ित रोगियों की संख्या अधिक है। इनमें भी सर्वाधिक छोटे बच्चे हैं।
read also:
बार-बार खून चढ़ाने की मजबूरी बनती है गंभीर खतरा

वरिष्ठ ब्लड कैंसर एवं बीएमटी विशेषज्ञ डॉ. प्रकाश सिंह शेखावत
भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल के वरिष्ठ ब्लड कैंसर एवं बीएमटी विशेषज्ञ डॉ. प्रकाश सिंह शेखावत ने बताया कि थैलेसीमिया मेजर से पीड़ित बच्चों को हर 15 से 20 दिन में रक्त चढ़ाने की जरूरत पड़ती है।
लगातार ब्लड ट्रांसफ्यूजन से शरीर में आयरन की मात्रा अत्यधिक बढ़ जाती है, जिससे हृदय, लिवर और हार्मोन संबंधी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मरीजों के लिए नियमित निगरानी और विशेषज्ञ उपचार बेहद जरूरी है।
बोन मैरो ट्रांसप्लांट बना स्थायी इलाज की सबसे बड़ी उम्मीद
विशेषज्ञों के अनुसार बोन मैरो ट्रांसप्लांट वर्तमान समय में थैलेसीमिया का सबसे प्रभावी और स्थायी उपचार माना जाता है। इस प्रक्रिया में मरीज के खराब बोन मैरो को स्वस्थ स्टेम सेल्स से बदला जाता है, जिससे शरीर सामान्य रूप से रक्त बनाना शुरू कर देता है।
read also:
डॉ. शेखावत ने बताया कि यदि मरीज को समय पर उपयुक्त डोनर मिल जाए, खासतौर पर भाई-बहन में मैचिंग डोनर होने पर, तो बीएमटी की सफलता दर काफी अधिक हो जाती है। उन्होंने बताया कि अब हैप्लो-आइडेंटिकल ट्रांसप्लांट जैसी आधुनिक तकनीकों के जरिए परिवार के अन्य सदस्यों से भी सफल ट्रांसप्लांट संभव हो रहा है, जिससे ज्यादा मरीजों को उपचार का अवसर मिल पा रहा है।
कम उम्र में ट्रांसप्लांट से बेहतर मिलते हैं परिणाम
डॉक्टरों का कहना है कि कम उम्र में किया गया बोन मैरो ट्रांसप्लांट बेहतर परिणाम देता है। सफल ट्रांसप्लांट के बाद बच्चों को बार-बार रक्त चढ़ाने और आयरन कम करने वाली दवाइयों की जरूरत से राहत मिल सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार उपचार के बाद बच्चे सामान्य जीवन जी सकते हैं, स्कूल जा सकते हैं और खेलकूद जैसी गतिविधियों में भी हिस्सा ले सकते हैं।
राजस्थान सरकार की मां योजना और केंद्र सरकार के Coal India Program के तहत थैलेसीमिया मरीजों के लिए निशुल्क बीएमटी उपचार की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
read also:
शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

बाल कैंसर एवं रक्त रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवानी माथुर
बीएमसीएच की बाल कैंसर एवं रक्त रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवानी माथुर ने बताया कि थैलेसीमिया मेजर से पीड़ित बच्चों में छह माह से एक साल की उम्र के बीच खून की कमी दिखने लगती है।
उन्होंने बताया कि इसके प्रमुख लक्षणों में अत्यधिक कमजोरी, चेहरा पीला पड़ना, बार-बार संक्रमण होना, भूख कम लगना, वजन और लंबाई का सही विकास नहीं होना, पेट फूलना और जल्दी थक जाना शामिल हैं।
डॉ. माथुर ने कहा कि यदि बच्चे में ऐसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत थैलेसीमिया जांच करानी चाहिए, क्योंकि समय पर पहचान होने से उपचार अधिक प्रभावी हो सकता है।
read also:
विवाह पूर्व स्क्रीनिंग से रोकी जा सकती है बीमारी
विशेषज्ञों ने कहा कि थैलेसीमिया रोकथाम के लिए विवाह पूर्व और गर्भावस्था के दौरान स्क्रीनिंग बेहद जरूरी है।
यदि दोनों माता-पिता थैलेसीमिया माइनर हों, तो बच्चे में थैलेसीमिया मेजर होने का खतरा लगभग 25 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। ऐसे में समय पर जांच और जेनेटिक काउंसलिंग के जरिए इस बीमारी को काफी हद तक रोका जा सकता है।
Note:-
दूसरी खबर ई-पेपर का ये प्रारूप आपको कैसा लगा , dusrikhabarnews@gmail.com पर बताएं …

—————————–
#Thalassemia, #Bone Marrow Transplant, #BMT Treatment, #World Thalassemia Day, #Blood Disorder, #Stem Cell Therapy, #Rajasthan Health News, #Genetic Counseling, #BMCH Jaipur, #Thalassemia Awareness, थैलेसीमिया, बोन मैरो ट्रांसप्लांट, BMT उपचार, थैलेसीमिया मेजर, ब्लड कैंसर विशेषज्ञ, थैलेसीमिया जांच, स्टेम सेल ट्रांसप्लांट, राजस्थान स्वास्थ्य योजना, जेनेटिक काउंसलिंग, विश्व थैलेसीमिया दिवस
