
अब टोल प्लाजा पर नहीं लगेगा ब्रेक, 2026 में बैरियर-फ्री होगा टोल सिस्टम
दिसंबर 2026 तक कई हाईवे पर लागू होगा बैरियर-फ्री टोल सिस्टम
ANPR कैमरे और FASTag से ऑटोमेटिक कटेगा टोल
टोल प्लाजा पर खत्म होगी लंबी लाइनों की समस्या
नियम तोड़ने पर मिलेगा ई-नोटिस, FASTag हो सकता है सस्पेंड
विजय श्रीवास्तव,
दिल्ली/जयपुर, dusrikhabar.com। देश के हाईवे पर सफर करने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब टोल प्लाजा पर रुकने, लंबी कतारों में फंसने और समय बर्बाद होने का दौर खत्म होने वाला है। केंद्र सरकार दिसंबर 2026 तक कई राष्ट्रीय राजमार्गों पर बैरियर-फ्री टोल सिस्टम लागू करने जा रही है, जिसमें गाड़ियां बिना रुके आगे बढ़ेंगी और टोल अपने आप कट जाएगा।
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हाईवे पर सफर होगा आसान और तेज
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ‘लॉजिस्टिक्स पावर समिट एंड अवॉर्ड्स 2026’ समारोह में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस नई व्यवस्था से न केवल यात्रा सुगम होगी, बल्कि ट्रैफिक जाम और समय की बर्बादी कम होने के साथ साथ ईंधन की बचत भी होगी। एक जानकारी के अनुसार 2026 के अंत तक, सभी 1,050+ टोल प्लाजा पर AI-आधारित बैरियर-फ्री सिस्टम लगाने की योजना है।
आपको बता दें कि नेशनल हाईवे अथॉरिक्टी ऑफ इडिया यानि (NHAI) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार देशभर में फिलहाल 3000 से अधिक टोल प्लाजा हैं। जिनमें लगातार टोल संग्रहण हो रहा है। इनमें भी राष्ट्रीय राजमार्गें पर 1087 एक्टिव टोल प्लाजा हैं।
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कैसे काम करेगा नया बैरियर-फ्री टोल सिस्टम
इस सिस्टम में दो प्रमुख तकनीकों का इस्तेमाल होगा। पहली ANPR (Automatic Number Plate Recognition) और दूसरी RFID बेस्ड फास्टेग। हाई-परफॉर्मेंस कैमरे वाहन की नंबर प्लेट को स्कैन करेंगे और FASTag के जरिए टोल अपने आप कट जाएगा। यानी अब न रुकना पड़ेगा, न कैश देना पड़ेगा।
नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई
अगर कोई वाहन चालक टोल भुगतान से बचने की कोशिश करता है तो उसे ई-नोटिस भेजा जाएगा साथ ही FASTag को सस्पेंड किया जा सकता है, वहीं VAHAN डेटाबेस के जरिए जुर्माना भी लगाया जाएगा
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लॉजिस्टिक्स लागत घटाने पर सरकार का फोकस
गडकरी ने कहा कि भारत को वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाने के लिए लॉजिस्टिक्स लागत को सिंगल डिजिट तक लाना जरूरी है। विभिन्न संस्थानों की रिपोर्ट के अनुसार, एक्सप्रेसवे और आर्थिक कॉरिडोर के विकास से देश की लॉजिस्टिक्स लागत 16 प्रतिशत से घटकर करीब 10 प्रतिशत तक आ गई है। उन्होंने बताया कि अमेरिका और यूरोप में यह लगभग 12 प्रतिशत है, जबकि चीन में 8 से 10 प्रतिशत के बीच है। बेहतर हाईवे और एक्सप्रेसवे से यह बदलाव संभव हुआ है।
ग्रीन फ्यूल और भविष्य की योजना
गडकरी ने बताया कि भारत अपनी 87% तेल जरूरत आयात करता है जिस पर करीब हर साल करीब 22 लाख करोड़ रुपये खर्च होते हैं। गडकरी ने ग्रीन हाइड्रोजन को भविष्य का ईंधन बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि ईंधन लागत और प्रदूषण दोनों कम किए जाएं।
बैरियर-फ्री टोल सिस्टम लागू होने के बाद भारत का हाईवे नेटवर्क न केवल तेज और स्मार्ट बनेगा, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा। यह कदम 5 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य की दिशा में बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।
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