कारोबारी की न्यूड फोटो वायरल, जयपुर में कॉर्पोरेट हनी ट्रैप, बड़े कारोबारियों में क्यों मची खलबली, किस-किस का नाम आया सामने?

कारोबारी की न्यूड फोटो वायरल, जयपुर में कॉर्पोरेट हनी ट्रैप, बड़े कारोबारियों में क्यों मची खलबली, किस-किस का नाम आया सामने?

हनीट्रेप में 90 लाख की कथित वसूली और 7 करोड़ के AI प्रोजेक्ट पर कब्जे का दावा

न्यूड फोटो वायरल करने के आरोप से मचा हड़कंप, कारोबारी ने पुलिस को सुनाई आपबीती

कारोबारी जगत में सनसनी: एआई प्रोजेक्ट और ब्लैकमेलिंग के आरोपों ने खींचा ध्यान

गिरफ्तारी के बाद नया मोड़, आरोपी पक्ष ने भी लगाए गंभीर आरोप

संदीप बहल,

जयपुर,dusrikhabar.com।  जयपुर में सामने आए एक हाई-प्रोफाइल कथित कॉर्पोरेट हनी ट्रैप मामले ने कारोबारी जगत में हलचल मचा दी है। एक आईटी बिजनेसमैन ने अपनी पूर्व इंटर्न और उसके कथित सहयोगी पर हनी ट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेल करने, लाखों रुपये की वसूली करने, प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने और करोड़ों रुपये के एआई प्रोजेक्ट पर कब्जा करने का प्रयास करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, आरोपी पक्ष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए खुद को पीड़ित बताया है। पुलिस दोनों पक्षों के दावों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।

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इंटर्नशिप से शुरू हुई पहचान, फिर विवादों में बदला रिश्ता

आईटी कारोबारी के अनुसार वर्ष 2017 में जोधपुर निवासी युवती उनकी कंपनी में इंटर्नशिप करने आई थी। इंटर्नशिप समाप्त होने के बाद भी दोनों के बीच संपर्क बना रहा। कारोबारी का आरोप है कि वर्ष 2022 में बेंगलुरु में हुई मुलाकात के बाद संबंधों का दायरा बढ़ा और बाद में यही संबंध विवाद का कारण बन गए।

परिवादी का कहना है कि निजी पलों के वीडियो और तस्वीरों का उपयोग कर उस पर मानसिक दबाव बनाया गया। धीरे-धीरे यह मामला व्यक्तिगत रिश्तों से निकलकर आर्थिक और कारोबारी विवाद में बदल गया।

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90 लाख रुपये की वसूली और 7 करोड़ के एआई प्रोजेक्ट पर दावा

शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसे बदनामी और झूठे मामलों में फंसाने की धमकियां देकर लाखों रुपये की मांग की गई। उसने दावा किया कि अलग-अलग समय में लगभग 90 लाख रुपये उससे लिए गए।

कारोबारी ने यह भी आरोप लगाया कि युवती और उसके सहयोगियों ने उसके 7 करोड़ रुपये मूल्य के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्रोजेक्ट पर दबाव बनाकर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश की। आरोप है कि प्रोजेक्ट से जुड़ी महत्वपूर्ण डिजिटल जानकारी और एक्सेस हासिल करने का प्रयास किया गया।

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आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल करने और प्रतिष्ठा खराब करने का आरोप

मामले का सबसे संवेदनशील पहलू कारोबारी की ओर से लगाए गए वे आरोप हैं, जिनमें कहा गया है कि उसकी निजी और कथित रूप से एआई तकनीक से तैयार की गई आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो उसके कार्यालय तथा परिचितों तक पहुंचाए गए।

शिकायतकर्ता का कहना है कि इससे उसकी सामाजिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठा को भारी नुकसान पहुंचा। उसने आरोप लगाया कि कई व्यापारिक आयोजनों में भी उसके खिलाफ अभियान चलाया गया और उसे सार्वजनिक रूप से बदनाम करने की कोशिश की गई।

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पुलिस कार्रवाई के बाद हुई गिरफ्तारी

महेश नगर थाना पुलिस के अनुसार मामले में दर्ज शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच की गई। पुलिस ने युवती को जोधपुर से तथा उसके कथित सहयोगी को दिल्ली से गिरफ्तार किया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं। इन डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच करवाई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद अदालत में विस्तृत चालान पेश किया जाएगा।

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आरोपी पक्ष ने लगाए पलटवार के आरोप

दूसरी ओर आरोपी युवती के परिवार और उसके कानूनी प्रतिनिधियों ने शिकायतकर्ता के आरोपों को निराधार बताया है। परिवार का दावा है कि कारोबारी ही युवती को परेशान कर रहा था और उसके खिलाफ पहले से दर्ज मामलों को वापस लेने के लिए दबाव बना रहा था।

आरोपी पक्ष के वकील का कहना है कि दोनों पक्ष पहले कारोबारी और पेशेवर रूप से जुड़े हुए थे तथा कई तकनीकी परियोजनाओं पर साथ काम कर चुके थे। बाद में मतभेद बढ़ने के कारण विवाद कानूनी लड़ाई में बदल गया। उनका कहना है कि अदालत में सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर पक्ष रखा जाएगा।

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बहरहाल यह मामला केवल कानूनी विवाद नहीं, बल्कि डिजिटल युग में भरोसे, निजी संबंधों और तकनीक के दुरुपयोग से जुड़ी गंभीर चुनौतियों को भी सामने लाता है। सोशल मीडिया, एआई तकनीक और डिजिटल डेटा के दौर में व्यक्तिगत जानकारी का गलत इस्तेमाल किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा, परिवार और व्यवसाय पर गहरा असर डाल सकता है। यही कारण है कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच, डिजिटल सुरक्षा और कानूनी जागरूकता पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

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