
जयपुर में 19 घंटे इंटरनेट बंद, 125 से अधिक अवैध निर्माण ध्वस्त, सड़क चौड़ीकरण के लिए सबसे बड़ा अभियान
19 घंटे इंटरनेट बंद, सुरक्षा घेरे में चला जयपुर का सबसे बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान
5 धार्मिक स्थल समेत 125 से अधिक अवैध निर्माणों पर चला बुलडोजर
3000 पुलिसकर्मी, ड्रोन निगरानी और बिजली कटौती के बीच हुई कार्रवाई
सड़क चौड़ीकरण से 50 से ज्यादा कॉलोनियों को मिलेगी ट्रैफिक जाम से राहत
विकास की राह में कार्रवाई, प्रभावित परिवारों के सामने नई चुनौतियां
विजय श्रीवास्तव,
जयपुर,dusrikhabar.com। राजधानी जयपुर में सोमवार को विकास और व्यवस्था के बीच संतुलन बनाने की बड़ी प्रशासनिक कवायद देखने को मिली। जगतपुरा क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने 125 से अधिक अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाया, जिनमें पांच धार्मिक स्थल भी शामिल थे।
इस कार्रवाई को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए करीब 19 घंटे तक मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद रखी गईं, तीन हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए और ड्रोन कैमरों से पूरे क्षेत्र की निगरानी की गई। प्रशासन का दावा है कि इस कार्रवाई से 50 से अधिक कॉलोनियों के लाखों लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी, जबकि प्रभावित परिवारों और स्थानीय लोगों के लिए यह दिन भावनात्मक और चुनौतीपूर्ण रहा।
सड़क चौड़ीकरण के लिए चला बुलडोजर, 125 से ज्यादा अवैध निर्माण हटाए
जयपुर के जगतपुरा स्थित नंदपुरी अंडरपास से रेलवे लाइन के समानांतर बनी सड़क पर सोमवार को बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। जयपुर विकास प्राधिकरण ने सड़क की मूल चौड़ाई बहाल करने के उद्देश्य से 125 से अधिक अवैध निर्माणों को हटाया।
इस कार्रवाई के दौरान पांच धार्मिक स्थलों को भी हटाया गया। प्रशासन के अनुसार राजस्व रिकॉर्ड में सड़क की चौड़ाई 80 फीट दर्ज है, लेकिन वर्षों से हुए अतिक्रमण के कारण कई स्थानों पर यह केवल 25 से 30 फीट तक सिमट गई थी। ऐसे में सड़क को उसके मूल स्वरूप में लाने के लिए यह अभियान चलाया गया।
कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 19 घंटे बंद रहा इंटरनेट
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह या अप्रिय स्थिति से बचने के लिए प्रशासन ने इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया।
संभागीय आयुक्त वी. सरवन कुमार द्वारा जारी आदेश के अनुसार रविवार रात 12 बजे से सोमवार रात 12 बजे तक 2G, 3G, 4G और 5G मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद रखने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि स्थिति सामान्य रहने के बाद सोमवार शाम करीब 7 बजे इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी गईं।
इंटरनेट बंद होने से हजारों लोगों को डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन कामकाज और संचार संबंधी परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। लेकिन प्रशासन का मानना था कि सुरक्षा और शांति व्यवस्था के लिए यह कदम जरूरी था।
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3 हजार पुलिसकर्मी, ड्रोन निगरानी और बिजली कटौती के बीच चला अभियान
कार्रवाई को सफल और शांतिपूर्ण बनाने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। करीब तीन हजार पुलिसकर्मियों को मौके पर तैनात किया गया था।
पूरे नंदपुरी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी गई। कई मार्गों पर बैरिकेडिंग कर आम लोगों की आवाजाही रोकी गई। प्रशासन ने ड्रोन कैमरों के जरिए पूरे इलाके पर नजर रखी।
कई लोग अपने घरों और इमारतों की छतों पर चढ़कर कार्रवाई देखने लगे थे, जिन्हें पुलिस ने माइक के जरिए घोषणा कर नीचे उतरने को कहा। साथ ही लोगों से फोटो और वीडियो नहीं बनाने की भी अपील की गई ताकि किसी प्रकार की गलत जानकारी या अफवाह न फैल सके।
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50 से अधिक कॉलोनियों को मिलेगा सीधा फायदा, ट्रैफिक दबाव होगा कम
प्रशासन का दावा है कि सड़क चौड़ीकरण का सबसे बड़ा लाभ आसपास की 50 से अधिक कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को मिलेगा।
करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा यह मार्ग नंदपुरी अंडरपास को जगतपुरा से जोड़ता है और छह प्रमुख कॉलोनियों के बीच से होकर गुजरता है। वर्तमान में सड़क संकरी होने के कारण यहां अक्सर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती थी।
सड़क के चौड़ा होने से हरे कृष्णा मार्ग पर यातायात का दबाव कम होगा। साथ ही नंदपुरी, जगतपुरा और आसपास के क्षेत्रों से मालवीय नगर, प्रधान मार्ग और अपेक्स सर्किल तक पहुंचना पहले की तुलना में अधिक आसान और तेज हो जाएगा।
स्थानीय निवासियों को उम्मीद है कि इससे रोजाना आने-जाने में लगने वाला समय कम होगा और क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर बनेगी।
प्रभावित परिवारों के लिए चुनौतीयां, विकास बनाम विस्थापन की बहस तेज
जहां प्रशासन इस कार्रवाई को शहर के विकास और बेहतर यातायात व्यवस्था के लिए जरूरी बता रहा है, वहीं प्रभावित लोगों के लिए यह दिन बेहद भावनात्मक रहा।
कई परिवार वर्षों से इन निर्माणों में रह रहे थे या व्यवसाय चला रहे थे। अचानक हुई कार्रवाई ने उनके सामने भविष्य को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दीं। कुछ लोगों ने विकास कार्यों का समर्थन किया, जबकि कुछ ने पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग भी उठाई।
शहरों के विकास के साथ अक्सर विकास और विस्थापन के बीच संतुलन का सवाल सामने आता है। जगतपुरा की यह कार्रवाई भी इसी बहस को एक बार फिर केंद्र में ले आई है कि आधुनिक बुनियादी ढांचे की जरूरतों और प्रभावित लोगों के हितों के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।
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इन थाना क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं रहीं बंद
जयपुर उत्तर के रामगंज, गलता गेट, माणक चौक, सुभाष चौक, आमेर, ब्रह्मपुरी, नाहरगढ़, कोतवाली, जालूपुरा, संजय सर्किल, शास्त्री नगर, भट्टाबस्ती, विद्याधर नगर और जयसिंहपुरा खोर सहित कई थाना क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं बंद रखी गईं।
वहीं जयपुर पूर्व के बस्सी, कानोता, तूंगा, आदर्श नगर, ट्रांसपोर्ट नगर, जवाहर नगर, जामडोली, एसएमएस अस्पताल, गांधी नगर, लालकोठी, मोतीडूंगरी, एयरपोर्ट, मालवीय नगर, जवाहर सर्किल, बजाज नगर, खो-नागोरियान, सांगानेर, प्रताप नगर, रामनगरिया और मालपुरा गेट थाना क्षेत्र भी नेटबंदी के दायरे में शामिल रहे।
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