
RTDC ने कमाया 1.14 अरब रुपये का रिकॉर्ड रेवेन्यू, 15 से अधिक साल बाद प्रोफिट में, डेस्टिनेशन वेडिंग और आउटसाइड कैटरिंग ने लिखी सफलता की नई कहानी…
विभागीय सचिव शुचि त्यागी और प्रबंध निदेशक रुक्मणि रियाड़ के कुशल नेतृत्व और अधिकारियों-कर्मचारियों की मेहनत का सुखद परिणाम
RTDC ने एक वर्ष में तय किया 7.31 करोड़ के घाटे से 3.52 करोड़ तक मुनाफे का सफर
आरटीडीसी में काफी समय से लंबित चल रहे बकाया वेतन और भत्ते मिले
अब राजस्थान में RTDC के 12 होटल्स पर कारोबारियों की नजर…!
प्रोफिट में आते ही अब आरटीडीसी होटल्स लगने लगीं दूध देने वाली गाय
कुछ होटल्स के रेनोवेशन की स्वीकृति उपमुख्यमंत्री के पास पेंडिंग
विजय श्रीवास्तव,
जयपुर,dusrikhabar.com। लंबे समय तक लगातार घाटे और बंद होते होटलों की चुनौतियों से जूझ रहा राजस्थान पर्यटन विकास निगम (RTDC) आज नई सफलता की कहानी लिख रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में निगम ने अब तक का सर्वाधिक 1 अरब 14 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड रेवेन्यू अर्जित कर न केवल नया इतिहास रचा है, बल्कि करीब 15 से अधिक वर्षों बाद मुनाफे की राह पर मजबूती से लौटकर इसे बरकरार रखने भी संकेत दिया है।
सबसे खास बात यह है कि निगम ने अपने सभी खर्चों का भुगतान करने के बाद 3.52 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट) भी अर्जित किया है। यह उपलब्धि ऐसे समय में सामने आई है जब पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में निगम को 7 करोड़ 31 लाख रुपये का घाटा झेलना पड़ा था। ऐसे में एक ही वर्ष में घाटे से मुनाफे तक का सफर RTDC के लिए किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं माना जा रहा।
डेस्टिनेशन वेडिंग और आउटसाइड कैटरिंग ने बदली तस्वीर
पर्यटन क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि RTDC की इस सफलता के पीछे सबसे बड़ी भूमिका निगम की होटलों में रहने की लग्जरी सुविधा (Accommodation), इनमें विकसित किए गए मैरिज गार्डनों के साथ साथ आउटसाइड कैटरिंग सेवाओं की रही है।
आपको बता दें कि आउटसाइड कैटिरिंग में प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति या अन्य किसी वीवीआईपी मेहमानों के लिए खाने और कैटरिंग के साथ साथ सरकार के बड़े आयोजनों और सीएमआर और सीएमओ में होने वाले आयोजनों में सीधे तौर पर RTDC की भागीदारी से विभाग प्रोफिट में पहुंचा है। आउटसाइड कैटरिंग और होटल्स से RTDC का मुनाफा बनाने में जयपुर की गणगौर होटल के जीएम तेजसिंह राठौड़ का बहुत बड़ा योगदान है।
पिछले कुछ वर्षों में राजस्थान डेस्टिनेशन वेडिंग का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। इस बदलते ट्रेंड को RTDC ने समय रहते पहचाना और अपने कई होटलों को विवाह समारोहों, कॉर्पोरेट आयोजनों और सामाजिक कार्यक्रमों के लिए तैयार किया। वर्तमान में RTDC के 12 होटलों में विकसित मैरिज गार्डनों की बुकिंग से निगम को लगातार आय प्राप्त हो रही है।
इसके अलावा आउटसाइड कैटरिंग व्यवसाय ने भी निगम की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। सरकारी, निजी और सामाजिक आयोजनों में RTDC की कैटरिंग सेवाओं की मांग बढ़ने से निगम के राजस्व में बड़ा इजाफा हुआ है।
होटल्स अकॉमोडेशन और गार्डन बुकिंग से बढ़ा कारोबार
RTDC के होटलों में आवास सुविधाओं की मांग भी लगातार बढ़ी है। पर्यटन सीजन के साथ-साथ विवाह और आयोजन उद्योग के विस्तार का सीधा लाभ निगम को मिला। होटल्स अकॉमोडेशन, बैंक्वेट बुकिंग, मैरिज गार्डन और कैटरिंग सेवाओं के संयुक्त प्रभाव से निगम का कारोबार नई ऊंचाइयों तक पहुंचा।
पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि निगम ने पारंपरिक होटल व्यवसाय के साथ वैकल्पिक राजस्व स्रोतों पर ध्यान केंद्रित किया, जिसका सकारात्मक परिणाम अब दिखाई दे रहा है।
नेतृत्व की रणनीति और कर्मचारियों की मेहनत बनी सफलता की कुंजी
RTDC के इस बदलाव के पीछे कर्मचारियों की प्रतिबद्धता को भी बड़ी वजह माना जा रहा है। सीमित संसाधनों और वर्षों की चुनौतियों के बावजूद कर्मचारियों ने संस्थान को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
निगम से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों के अनुसार पर्यटन एवं RTDC सचिव शुचि त्यागी और पर्यटन आयुक्त एवं RTDC MD रुक्मणि रियाड़ के नेतृत्व में निगम ने बेहतर प्रबंधन, संसाधनों के प्रभावी उपयोग और राजस्व बढ़ाने की रणनीतियों पर विशेष फोकस किया। इसी का परिणाम है कि निगम लगातार लाभ अर्जित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
काफी समय से लंबित कर्मचारियों के बकाया वेतन और विभिन्न भत्तों का भुगतान भी इस दौरान किया गया, जिससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा और कार्य संस्कृति में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला।
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हमारा उद्देश्य पर्यटकों को उत्कृष्ट आतिथ्य और यादगार अनुभव मिले: शुचि त्यागी

पर्यटन, कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग की सचिव शुचि त्यागी
सचिव, पर्यटन, कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व, शुचि त्यागी ने कहा कि राजस्थान पर्यटन और RTDC के लिए आने वाला समय और अधिक संभावनाओं से भरा हुआ है।
विभाग लगातार नई उपलब्धियों की दिशा में काम कर रहा है। हमारा मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राजस्थान घूमने आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को RTDC के होटलों में बेहतर सुविधाएं, उत्कृष्ट आतिथ्य और यादगार अनुभव मिले।
इसके लिए विभाग की पूरी टीम सेवा गुणवत्ता बढ़ाने, सुविधाओं के विस्तार और पर्यटक संतुष्टि को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निरंतर प्रयास कर रही है।
RTDC को आत्मनिर्भर बनाए रखना हमारी प्राथमिकता: रुक्मणि रियाड़

पर्यटन आयुक्त एवं RTDC की प्रबंध निदेशक रुक्मणि रियाड़
पर्यटन आयुक्त एवं RTDC की प्रबंध निदेशक रुक्मणि रियाड़ ने कहा कि निगम को लगातार लाभ अर्जित करने वाला और आत्मनिर्भर संस्थान बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से कई नई योजनाओं पर काम किया जा रहा है।
वर्तमान में कुछ बंद पड़े होटलों को दोबारा शुरू करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं, वहीं संचालित होटलों के आधुनिकीकरण और रिनोवेशन की योजनाओं पर भी कार्य चल रहा है ताकि उन्हें और अधिक आकर्षक तथा प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके।
उन्होंने बताया कि जिन होटलों और मोटल्स का संचालन फिलहाल संभव नहीं है, उनके लिए निजी भागीदारी (पब्लिक-प्राइवेट मॉडल) जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि इन परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग हो सके और उन्हें पुनः संचालन में लाया जा सके।
रियाड़ ने कहा कि निगम के कार्यों को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाने के लिए कुछ नई कंपनियों को भी पैनल में शामिल किया गया है। इससे कम लागत में बेहतर तकनीकी और प्रबंधन सहयोग प्राप्त होगा तथा RTDC की सेवाओं को और अधिक मजबूत किया जा सकेगा।
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RTDC को मिला 16 नई सम्पत्तियों का स्वामित्व
आयुक्त रियाड़ ने कहा कि यह RTDC के लिए बड़ी उपलब्धि है कि पिछले महीने तक निगम को 16 परिसंपत्तियों का स्वामित्व प्राप्त हो चुका है। अब हमारा फोकस इन परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग पर रहेगा। प्रदेशभर में RTDC के अधीन संचालित होटलों और मैरिज गार्डनों के महाप्रबंधकों (जीएम) से भी सुझाव और प्रस्ताव मांगे जाएंगे, ताकि स्थानीय जरूरतों और संभावनाओं के अनुसार प्रत्येक इकाई को अधिक प्रभावी, लाभकारी और पर्यटक-अनुकूल बनाया जा सके।
सीमित संसाधनों के बावजूद शानदार प्रदर्शन
RTDC की उपलब्धि इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि वर्तमान में निगम के पास संसाधनों की अत्यधिक कमी है। वहीं फिलहाल किराए के घर जैसा हाल है RTDC का। प्रदेश में बावजूद इसके सभी घाटों को पाटते हुए आरटीडीसी फिलहाल 3.52 करोड़ के फायदे में है।
हालांकि निगम के अधीन कुल 74 होटल थे, फिलहाल केवल 27 होटल ही संचालित हो रहे हैं। वहीं 1979 में निगम की स्थापना के समय से 45 से अधिक होटल और मोटल आज भी बंद पड़े हुए हैं।
ऐसी स्थिति में सीमित संख्या में संचालित इकाइयों के माध्यम से 1.14 अरब रुपये का रिकॉर्ड राजस्व अर्जित करना निगम की व्यावसायिक क्षमता और प्रबंधन दक्षता को दर्शाता है।
कई होटलों के सुधरे हालात, रेनोवेशन प्रस्तावों को स्वीकृति का इंतजार
पिछले कुछ वर्षों में RTDC ने अपने कई होटलों की स्थिति सुधारने के लिए प्रयास किए हैं। कई इकाइयों में बुनियादी सुविधाओं का उन्नयन किया गया है, जिससे पर्यटकों की संख्या बढ़ी है और बुकिंग में सुधार हुआ है।
हालांकि कई महत्वपूर्ण होटलों के रेनोवेशन और आधुनिकीकरण के प्रस्ताव अभी भी स्वीकृति की प्रतीक्षा में हैं। सूत्रों के अनुसार कुछ प्रस्ताव उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के पास मंजूरी के लिए भेजे गए हैं। यदि इन प्रस्तावों को स्वीकृति मिलती है तो कई बंद या कमजोर प्रदर्शन करने वाले होटल दोबारा पर्यटन गतिविधियों का केंद्र बन सकते हैं।
मुनाफे में आते ही बढ़ी निजी क्षेत्र के कारोबारियों की रुचि
RTDC के लाभ में आने के बाद अब उसके कई होटल निजी निवेशकों और कारोबारियों की नजर में आ गए हैं।
विशेष रूप से राजस्थान के 12 प्रमुख RTDC होटलों को लेकर कारोबारी वर्ग में रुचि बढ़ी है। पर्यटन क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि जो होटल कभी घाटे का प्रतीक माने जाते थे, वे अब ‘दूध देने वाली गाय’ की तरह नजर आने लगे हैं।
इससे यह भी स्पष्ट होता है कि यदि इन परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग और प्रबंधन किया जाए तो वे लगातार आय का बड़ा स्रोत बन सकती हैं।
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सभी 74 होटल शुरू हुए तो बदल सकती है तस्वीर
RTDC से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान उपलब्धियां केवल शुरुआत हैं। यदि निगम के अधीन मौजूद सभी 74 होटलों को चरणबद्ध तरीके से पुनः शुरू किया जाए और उनका आधुनिक पर्यटन आवश्यकताओं के अनुरूप विकास किया जाए तो निगम का लाभ कई गुना बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि राजस्थान पर्यटन की वैश्विक पहचान लगातार मजबूत हो रही है। ऐसे में राज्य सरकार और विशेष रूप से उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी का निरंतर समर्थन मिला तो RTDC भविष्य में देश ही नहीं, दुनिया के सबसे सफल और लाभकारी पर्यटन निगमों में शामिल हो सकता है।
राजस्थान पर्यटन के लिए सकारात्मक संकेत
RTDC का घाटे से निकलकर रिकॉर्ड राजस्व और शुद्ध लाभ अर्जित करना केवल एक वित्तीय उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह राजस्थान पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं का भी संकेत है। डेस्टिनेशन वेडिंग, हेरिटेज टूरिज्म, कैटरिंग सेवाएं और होटल व्यवसाय के नए मॉडल ने यह साबित कर दिया है कि सही रणनीति और प्रभावी नेतृत्व के साथ सरकारी संस्थान भी व्यावसायिक सफलता की नई मिसाल कायम कर सकते हैं।
आने वाले वर्षों में यदि बंद पड़े होटल पुनः शुरू होते हैं और लंबित रेनोवेशन परियोजनाओं को मंजूरी मिलती है, तो RTDC का यह सफर राजस्थान पर्यटन उद्योग के लिए एक नई क्रांति साबित हो सकता है।
बहरहाल देखने वाली बात ये होगी कि क्या सरकार इस दूध देने वाली गाय को पालती है या फिर ट्रेंड के अनुसार निजीकरण कर किसी बड़े कारोबारी के थाली का केक बनेगा राजस्थान पर्यटन का मान-सम्मान बढ़ाने वाला राजस्थान ट्यूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन संस्थान।
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RTDC का रिकॉर्ड रेवेन्यू, राजस्थान पर्यटन विकास निगम की सफलता, डेस्टिनेशन वेडिंग से बढ़ी RTDC की आय, RTDC होटल्स का कारोबार, राजस्थान पर्यटन में नई उपलब्धि, RTDC होटल्स रिनोवेशन, RTDC का 3.52 करोड़ का मुनाफा, राजस्थान पर्यटन उद्योग की ग्रोथ
