
उदयपुर MLSU में कुलपति चयन अंतिम दौर में, नए नाम पर मुहर जल्द…
MLSU के लिए राजभवन में इंटरव्यू पूरे, घोषणा का इंतजार
अनुभव के आधार पर प्रो.सारंगदेवोत कुलपति बनाया जाना संभव
अल्पना कटेजा और कैलाश डांगा भी रेस में बरकरार
छह महीने से स्थाई नेतृत्व के बिना काम कर रहा विश्वविद्यालय
बाहरी उम्मीदवारों को प्राथमिकता मिलने की परंपरा फिर असरदार
विजय श्रीवास्तव,
उदयपुर,dusrikhabar.com। उदयपुर की मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी में कुलपति नियुक्ति की प्रक्रिया अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। सुखाड़िया यूनिवर्सिटी कुलपति चयन को लेकर राजभवन में इंटरव्यू संपन्न हो चुके हैं और अब किसी भी समय नए कुलपति के नाम का ऐलान हो सकता है।
मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी में लंबे समय से खाली पड़े कुलपति पद को भरने की कवायद अपने अंतिम चरण में है। राजभवन में इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब राज्यपाल के फैसले का इंतजार किया जा रहा है, जिससे नए कुलपति की घोषणा का रास्ता साफ हो सके।
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इस पूरे मामले में सुखाड़िया यूनिवर्सिटी कुलपति चयन को लेकर सबसे आगे प्रोफेसर एस.एस. सारंगदेवोत का नाम उभरकर सामने आया है। शैक्षणिक और प्रशासनिक क्षेत्रों में उनका व्यापक अनुभव उन्हें अन्य दावेदारों की तुलना में मजबूत स्थिति में रखता है।
हालांकि, मुकाबला एकतरफा नहीं है। प्रोफेसर अल्पना कटेजा और प्रोफेसर कैलाश डांगा भी इस दौड़ में महत्वपूर्ण दावेदार बने हुए हैं। अल्पना कटेजा वर्तमान में जयपुर स्थित राजस्थान यूनिवर्सिटी का नेतृत्व कर रही हैं, जबकि कैलाश डांगा का नाम जोधपुर के शैक्षणिक क्षेत्र में लंबे अनुभव के कारण चर्चा में है। ऐसे में सुखाड़िया यूनिवर्सिटी वीसी चयन प्रक्रिया काफी प्रतिस्पर्धी और दिलचस्प बन गई है।
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स्थानीय स्तर पर भी कुछ नामों की चर्चा जारी है। प्रोफेसर सीमा मलिक और डॉ. आनंद पालीवाल जैसे उम्मीदवारों को सर्च कमेटी की सूची में जगह मिली है, लेकिन आमतौर पर बाहरी उम्मीदवारों को प्राथमिकता दिए जाने की परंपरा को देखते हुए उनकी संभावना सीमित मानी जा रही है। इस कारण बाहरी पैनल को प्राथमिकता एक बार फिर निर्णायक कारक बन सकती है।
गौरतलब है कि सुखाड़िया यूनिवर्सिटी प्रशासन पिछले लगभग छह महीनों से स्थाई कुलपति के बिना संचालित हो रहा है। फिलहाल कोटा यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर बी.पी. सारस्वत अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं, लेकिन दोहरी जिम्मेदारी के चलते वे उदयपुर में पूरा समय नहीं दे पा रहे हैं। इससे कई अहम फैसले लंबित पड़े हैं, जिससे स्थाई कुलपति की नियुक्ति की जरूरत और भी महत्वपूर्ण हो गई है।
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पूरी चयन प्रक्रिया के दौरान राजभवन द्वारा गठित सर्च कमेटी ने करीब 500 आवेदनों का गहन परीक्षण किया। चार सदस्यीय इस कमेटी ने विस्तृत विचार-विमर्श के बाद पांच नामों का पैनल तैयार कर राज्यपाल को सौंपा था। इसके बाद जयपुर स्थित लोकभवन में सभी उम्मीदवारों के इंटरव्यू लिए गए।
अब जब जयपुर में इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, तो अंतिम फैसला राज्यपाल के स्तर पर होना है। साथ ही यह भी चर्चा है कि तय पैनल के अलावा कुछ अन्य संभावित नामों पर भी विचार किया गया है, जिससे सुखाड़िया यूनिवर्सिटी कुलपति चयन और भी रोचक बन गया है। आने वाले दिनों में इस बहुप्रतीक्षित नियुक्ति पर आधिकारिक घोषणा होने की संभावना जताई जा रही है।
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