
जयपुर मेट्रो फेज-2 के लिए 13,037 करोड़ मंजूर, बदलेगा शहर का ट्रांसपोर्ट…
केंद्रीय कैबिनेट के 20 दिन बाद ही MoHUA स्वीकृति जारी
41 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में बनेंगे 36 नए स्टेशन
जयपुर मेट्रो फेज-2 से पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मिलेगा नया आयाम
पहले चरण में 12 किमी कॉरिडोर के लिए जल्द कार्यादेश
केंद्र-राज्य की 50-50 साझेदारी से घटेगा वित्तीय भार
विजय श्रीवास्तव,
जयपुर,dusikhabar.com।। राजस्थान की राजधानी जयपुर में सार्वजनिक परिवहन को नई दिशा देने वाली जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना को रिकॉर्ड समय में केंद्रीय स्वीकृति मिल गई है। 13,037.66 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी योजना से शहर में ट्रैफिक दबाव कम होगा और यात्रियों को आधुनिक, तेज और सुविधाजनक परिवहन व्यवस्था मिलेगी।
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रिकॉर्ड समय में मिली स्वीकृति, बढ़ी परियोजना की रफ्तार
गुलाबी नगर के लिए बड़ी सौगात के रूप में सामने आई जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना को केंद्र सरकार से औपचारिक मंजूरी मिल गई है। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) ने 13,037.66 करोड़ रुपये की इस परियोजना के लिए स्वीकृति आदेश जारी कर दिया है। खास बात यह है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने के महज 20 दिनों के भीतर यह आदेश जारी कर दिया गया, जिसे प्रशासनिक स्तर पर बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
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41 किलोमीटर कॉरिडोर से बदलेगी जयपुर की ट्रांसपोर्ट तस्वीर
जयपुर मेट्रो फेज-2 के तहत शहर में 41 किलोमीटर लंबा उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जो प्रहलादपुरा से टोडी मोड़ तक फैला होगा। इस पूरे मार्ग पर कुल 36 मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे शहर के प्रमुख क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। यह परियोजना न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करेगी, बल्कि पर्यावरण के लिहाज से भी एक टिकाऊ समाधान प्रदान करेगी।
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केंद्र-राज्य साझेदारी से आसान होगा फंडिंग मॉडल
उल्लेखनीय है कि इस परियोजना को 8 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल बैठक में मंजूरी दी गई थी। इसके बाद MoHUA स्वीकृति का तेजी से जारी होना इस परियोजना की प्राथमिकता को दर्शाता है। राज्य सरकार के अनुसार, यह योजना विकसित भारत और विकसित राजस्थान के विजन को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी इस परियोजना के त्वरित क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं। इसके तहत पहले चरण में प्रहलादपुरा से पिंजरापोल गौशाला तक 12 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के लिए जल्द ही कार्यादेश जारी किया जाएगा। साथ ही, अन्य पैकेजों के लिए निविदा प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है, जिससे परियोजना समयबद्ध तरीके से पूरी हो सके।
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इस पूरी परियोजना का क्रियान्वयन राजस्थान मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (RMRCL) द्वारा किया जाएगा। मेट्रो रेल नीति 2017 के तहत इस योजना में केंद्र सरकार 50 प्रतिशत इक्विटी देगी, जबकि शेष 50 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी। इस साझेदारी मॉडल से राज्य पर वित्तीय बोझ कम होगा और परियोजना को गति मिलेगी।
2031 तक पूरा करने का लक्ष्य, स्मार्ट सिटी की ओर कदम
सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना को वर्ष 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जयपुर मेट्रो फेज-2 के शुरू होने के बाद शहर में सार्वजनिक परिवहन की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी और यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक सफर का विकल्प मिलेगा।
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