
गीतांजलि उदयपुर में “ओरल मेडिसिन और रिसर्च” पर देशभर के विशेषज्ञों का मंथन
गीतांजलि डेंटल में राष्ट्रीय यूजी कॉन्फ्रेंस 2026 का आयोजन
गीतांजलि डेंटल की राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में देशभर के 575 विद्यार्थियों ने लिया भाग
ओरल मेडिसिन और रेडियोलॉजी में नई तकनीकों व रिसर्च पर विशेषज्ञों का मंथन
AI, रिसर्च और क्लीनिकल स्किल्स के दौर में डेंटल शिक्षा को मिली नई दिशा
संदीप बहल,
उदयपुर,dusrikhabar.com। Geetanjali Dental and Research Institute में आयोजित राष्ट्रीय यूजी कॉन्फ्रेंस 2026 ने डेंटल शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार किया। “Oral Medicine and Radiology: From Basics to Brilliance” थीम पर आयोजित इस कॉन्फ्रेंस में देशभर से आए 575 से अधिक बीडीएस विद्यार्थियों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम में आधुनिक ओरल मेडिसिन, रेडियोलॉजी, रिसर्च और क्लीनिकल इनोवेशन पर गहन चर्चा हुई।
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देशभर के 575 बीडीएस विद्यार्थियों की सहभागिता
गीतांजलि डेंटल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के ओरल मेडिसिन एवं रेडियोलॉजी विभाग द्वारा Indian Academy of Oral Medicine and Radiology (IAOMR) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में विभिन्न राज्यों के डेंटल कॉलेजों से लगभग 575 अंडरग्रेजुएट विद्यार्थियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम ने युवा डेंटल छात्रों को डेंटल रिसर्च, नई तकनीकों और क्लीनिकल स्किल्स से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।
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ओरल मेडिसिन आधुनिक दंत चिकित्सा की आधारशिला: डॉ. राकेश व्यास
कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन सत्र में डॉ. राकेश कुमार व्यास ने कहा कि ओरल मेडिसिन एवं रेडियोलॉजी दंत चिकित्सा की सबसे महत्वपूर्ण शाखाओं में से एक है। यह रोगों के शुरुआती निदान और प्रभावी उपचार में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों, रिसर्च और इनोवेशन से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि आने वाला समय डिजिटल डायग्नोस्टिक्स और एडवांस रेडियोलॉजी का होगा।
शिक्षा और रिसर्च को नई दिशा दे रहे राष्ट्रीय अकादमिक आयोजन
गीतांजलि विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन जे. पी. अग्रवाल और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अंकित अग्रवाल ने आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम विद्यार्थियों को रिसर्च, नवाचार और अकादमिक उत्कृष्टता की ओर प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय यूजी कॉन्फ्रेंस 2026 जैसे आयोजन संस्थानों की शैक्षणिक गुणवत्ता को नई ऊंचाई प्रदान करते हैं।
विशेषज्ञों के व्याख्यान और प्रतियोगिताओं ने बढ़ाया आकर्षण
कॉन्फ्रेंस में देश के कई प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने अपने व्याख्यान दिए, जिनमें डॉ. अजय परिहार, डॉ. मोहित पाल सिंह और डॉ. हरनीत सिंह शामिल रहे। कार्यक्रम में पेपर प्रेजेंटेशन, पोस्टर प्रेजेंटेशन, ग्रे सेल्स क्विज, फोटोग्राफी और ड्राइंग प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया। इन गतिविधियों ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता और शोध क्षमता को मंच प्रदान किया।
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नई तकनीकों और रिसर्च से जुड़ना समय की जरूरत
प्राचार्य डॉ. बालाजी मनोहर ने कहा कि आधुनिक डेंटल साइंस तेजी से बदल रही है और विद्यार्थियों को लगातार नई तकनीकों तथा अनुसंधान गतिविधियों से अपडेट रहना होगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कॉन्फ्रेंस विद्यार्थियों को केवल अकादमिक ज्ञान ही नहीं बल्कि व्यावहारिक अनुभव और विशेषज्ञों से प्रत्यक्ष संवाद का अवसर भी प्रदान करती हैं।
आयोजन समिति और फैकल्टी की रही अहम भूमिका
कॉन्फ्रेंस के सफल आयोजन में डॉ. सिमी थन्काप्पन ने सह-आयोजन अध्यक्ष, डॉ. भुवनेश्वरी बालाजी ने आयोजन सचिव और डॉ. हेमंत माथुर ने कोषाध्यक्ष के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में फैकल्टी सदस्यों और आयोजन समिति की सक्रिय भागीदारी रही।
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