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कॉमनवेल्थ पीस मेडिएशन सम्मेलन का जयपुर में भव्य आगाज़: सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने किया उद्घाटन

कॉमनवेल्थ पीस मेडिएशन सम्मेलन का जयपुर में भव्य आगाज़: सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने किया उद्घाटन

वैश्विक मंच पर फिर हुई राजस्थानी पगड़ी-परंपरा और संस्कार की चर्चा

31 जुलाई से 2 अगस्त तक जयपुर में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन

संवाद, सहमति और मध्यस्थता को बताया न्याय का प्रभावी माध्यम  

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मध्यस्थता को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया

भारत सहित विभिन्न कॉमनवेल्थ देशों के न्यायाधीश और विधि विशेषज्ञ हुए शामिल

ऑनलाइन मिडिएशन और आधुनिक न्याय व्यवस्था को लेकर हुई विशेष चर्चा

भारत ने वैश्विक स्तर पर शांति, विधि के शासन और मध्यस्थता में अपनी नेतृत्वकारी भूमिका का दिया संदेश

विजय श्रीवास्तव, 

जयपुर,dusrikhabar.com। गुलाबी नगरी जयपुर ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर अपनी अलग पहचान बनाई। कॉमनवेल्थ पीस मेडिएशन एंड रूल ऑफ लॉ विषय पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने किया। सम्मेलन में भारत सहित विभिन्न कॉमनवेल्थ देशों के न्यायाधीश, नीति-निर्माता, वरिष्ठ अधिवक्ता और विधि विशेषज्ञ एक मंच पर जुटे। कार्यक्रम का मूल संदेश यही रहा कि विवादों का स्थायी समाधान अदालतों से पहले संवाद, सहमति और मध्यस्थता के माध्यम से संभव है, जिससे आम नागरिक को समयबद्ध और सुलभ न्याय मिल सके।

   

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संवाद और सहमति से मजबूत होगा न्याय का भविष्य

भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने जयपुर को सद्भाव और संतुलन का प्रतीक बताते हुए कहा कि जिस प्रकार यह शहर अपने सभी हिस्सों को समान महत्व देता है, उसी प्रकार मध्यस्थता प्रक्रिया में भी किसी एक पक्ष का वर्चस्व नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारत की पारंपरिक पंचायत व्यवस्था दुनिया के सामने वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) का उत्कृष्ट उदाहरण रही है। आज के दौर में पारिवारिक, व्यावसायिक, कार्यस्थल और आधारभूत संरचना से जुड़े विवादों में मध्यस्थता की भूमिका लगातार बढ़ रही है। उन्होंने ऑनलाइन मेडिएशन को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए प्रशिक्षित मध्यस्थों की भूमिका पर विशेष बल दिया।

यह संदेश केवल न्यायपालिका के लिए नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक के लिए था कि बातचीत से निकला समाधान सबसे टिकाऊ और मानवीय होता है।

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राजस्थान बना सुलभ न्याय और मध्यस्थता का मजबूत मॉडल

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि आज के समय में मध्यस्थता कोई विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता बन चुकी है। 

उन्होंने ग्राम न्याय पंचायतों की समृद्ध परंपरा का उल्लेख करते हुए बताया कि राज्य में विधिक सहायता, पीड़ित प्रतिकर और मध्यस्थता के माध्यम से हजारों मामलों का सफल निस्तारण किया गया है।

इससे आम लोगों को वर्षों तक न्यायालयों के चक्कर लगाने से राहत मिली है और समाज में विश्वास मजबूत हुआ है।

मध्यस्थता से केसों के निपटारे में भारत में दूसरे नम्बर पर राजस्थान: जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा

राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति संजीव प्रकाश शर्मा ने सम्मेलन को राज्य के लिए ऐतिहासिक अवसर बताते हुए कहा कि न्याय व्यवस्था को आधुनिक तकनीक और नवाचारों से जोड़ना समय की मांग है। 

उन्होंने राजसला समाधान समारोह’, ‘मेडिएशन फॉर नेशन’ और ‘मेडिएशन फॉर द नेशन 2.0′ जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए बताया कि इन अभियानों से हजारों विवाद आपसी सहमति से सुलझे हैं।

एक्टिंग सीजे ने कहा- आधुनिक लीगल सिस्टम को न केवल न्याय देने वाला होना चाहिए, बल्कि समाज के अंतिम छोर की भागीदारी करने वाला होना चाहिए। राजस्थान मध्यस्थता के माध्यम से केसों का निपटारा करने में भारत में दूसरे स्थान पर है।

विवाद की जगह मध्यस्थता की अपील

भारत सरकार के विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि आज शांति, मध्यस्थता और विधि का शासन केवल न्यायिक अवधारणाएं नहीं, बल्कि वैश्विक स्थिरता, आर्थिक विकास और सतत प्रगति के आधार स्तंभ बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि भारत शांति, समृद्धि और विधि के शासन के प्रति प्रतिबद्ध हैं। विवाद की जगह संवाद और मध्यस्थता की संस्कृति अपनाने का उन्होंने आह्वान किया।

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भारत ने दुनिया को दिया शांति, कानून और विश्वास का संदेश

भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि भारतीय संस्कृति ने सदैव टकराव से पहले संवाद को महत्व दिया है। उन्होंने राजस्थान की संस्कृति और यहां के लोगों के विनम्र स्वभाव की सराहना की, मेहता ने राजस्थान के लोगों की सरलता और सौम्यता का एक उदाहरण देकर समझाया।

उन्होंने कहा मुझसे मेरे साथी पूछते हैं राजस्थान के लोग इतने सरल और सौम्य कैसे हैं तो मेरा जवाब होता है कि राजस्थान की पगड़ी पहनकर देखो अपने आप शालीनता, सरलता और सौम्यता स्वभाव में आ जाएगी। इस पर सम्मेलन में मौजूद सभी गणमान्यों ने तालियों से उनकी इस बात पर सहमति जताई।

आपको बता दें कि यह कथन केवल पगड़ी की नहीं, बल्कि राजस्थान की सभ्यता, संस्कार, सम्मान और आत्मीयता की पहचान को भी दर्शाता है। वहीं महान्यायवादी आर. वेंकटरमणी ने कहा कि निष्पक्षता, न्यायसंगतता और परस्पर विश्वास किसी भी प्रभावी मध्यस्थता की आधारशिला हैं।

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कॉमनवेल्थ पीस मेडिएशन सम्मेलन का जयपुर में भव्य आगाज़: तुषार मेहता बोले राजस्थानी पगड़ी का कमाल देखना है तो इसे पहनकर देखो...

कॉमनवेल्थ पीस मेडिएशन सम्मेलन का जयपुर में भव्य आगाज़, मंच पर मौजूद न्यायमूर्ति, केंद्रीय मंत्री और सीएम।

कॉमनवेल्थ पीस मेडिएशन सम्मेलन का जयपुर में भव्य आगाज़: तुषार मेहता बोले राजस्थानी पगड़ी का कमाल देखना है तो इसे पहनकर देखो...

जाम्बिया के सर्वोच्च न्यायालय की न्यायाधीश न्यायमूर्ति आभा नायर पटेल

सुलह के बिना कानून अधूरा: न्यायमूर्ति आभा नायर पटेल

सम्मेलन में जाम्बिया के सर्वोच्च न्यायालय की न्यायाधीश एवं भारतीय मूल की पहली महिला न्यायाधीश न्यायमूर्ति आभा नायर पटेल ने कहा कि सुलह के बिना कानून अधूरा है और विधि के शासन के बिना सुलह कमजोर है।”

उन्होंने सम्मेलन में अपनी उपस्थिति पर गुलाब और कांटों की बात करते हुए ये कहा कि उन्हें इस बात का गर्व है कि वे जाम्बिया सुप्रीम कोर्ट में पहुंचने वाली भारतीय मूल की पहली महिला न्यायाधीश हैं।

 'डेथ ऑफ माई मिस्ट्रेस-द लॉ, बर्थ ऑफ माई लव-जस्टिस' (Death of My Mistress-The Law, Birth of My Love-Justice)

‘डेथ ऑफ माई मिस्ट्रेस-द लॉ, बर्थ ऑफ माई लव-जस्टिस’ (Death of My Mistress-The Law, Birth of My Love-Justice) पुस्तक का विमोचन करते अतिथि।

अरुणेश्वर गुप्ता की पुस्तक विमोचन:

सम्मेलन के दौरान निवारण के उपाध्यक्ष एवं सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अरुणेश्वर गुप्ता की आत्मकथा  ‘डेथ ऑफ माई मिस्ट्रेस-द लॉ, बर्थ ऑफ माई लव-जस्टिस’ (Death of My Mistress-The Law, Birth of My Love-Justice) पुस्तक का केंद्रीय कानून मंत्री, मुख्यमंत्री सहित अन्य अतिथियों ने विमोचन किया। कार्यक्रम के अंत में अरुणेश्वर गुप्ता ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

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अदालत से पहले बातचीत, समाज में बढ़ेगा विश्वास

इस सम्मेलन का सबसे बड़ा संदेश यही रहा कि हर विवाद अदालत तक पहुंचे, यह आवश्यक नहीं। यदि संवाद, सहमति और मध्यस्थता की संस्कृति मजबूत होगी तो परिवार, व्यापार, उद्योग और समाज में रिश्ते भी सुरक्षित रहेंगे और न्याय भी अधिक सुलभ होगा। जयपुर में पहली बार आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केवल एक कानूनी आयोजन नहीं, बल्कि विश्व को भारत की उस सोच से परिचित कराने का प्रयास है, जिसमें न्याय के साथ मानवीय संवेदनाएं भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।

कॉमनवेल्थ पीस मेडिएशन सम्मेलन का जयपुर में भव्य आगाज़: तुषार मेहता बोले राजस्थानी पगड़ी का कमाल देखना है तो इसे पहनकर देखो...

जयपुर में आयोजित कॉमनवेल्थ पीस मेडिएशन सम्मेलन में गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति।

ये गणमान्य भी रहे उपस्थित 

इस अवसर पर सर्वाेच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति संदीप मेहता, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह, राजस्थान उच्च न्यायालय के तमाम वरिष्ठ न्यायमूर्ति एवं सेशन एवं जिला जज सहित भारत एवं विदेशों से अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। इनके अलावा आयोजन में राजस्थान के मुख्य सचिव वी श्रीनिवास और डीजीपी राजीव शर्मा भी मौजूद रहे। 

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