दिल के इलाज में नई तकनीक से मरीजों को राहत, TAVI और Leadless Pacemaker पर जोर

दिल के इलाज में नई तकनीक से मरीजों को राहत, TAVI और Leadless Pacemaker पर जोर

नारायणा हॉस्पिटल जयपुर में विशेषज्ञों ने बताया आधुनिक कार्डियक उपचार

ठीक हुए कार्डियक मरीजों ने साझा किए अनुभव

TAVI और Leadless Pacemaker आधुनिक कम इनवेसिव कार्डियक उपचार विकल्प 

कुछ मरीजों में इनसे बड़े ऑपरेशन से बचने और रिकवरी में मिल सकती मदद 

आधुनिक तकनीक के साथ मरीज की सुरक्षा और सामान्य जीवन में वापसी पर फोकस

महावीर सिंह

जयपुर,dusrikhabar.com। दिल की गंभीर बीमारियों के इलाज में अब ऐसे विकल्प भी उपलब्ध हैं, जिनमें बड़े चीरे और लंबी रिकवरी की जरूरत कम हो सकती है। नारायणा हॉस्पिटल जयपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विशेषज्ञों ने TAVI और Leadless Pacemaker जैसी आधुनिक तकनीकों की जानकारी साझा की। इलाज करा चुके मरीजों ने भी अपने अनुभव बताए।

नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर की ओर से होटल फोर पॉइंट्स बाय शेरटन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में TAVI (Transcatheter Aortic Valve Implantation) और Leadless Pacemaker जैसी आधुनिक कार्डियक तकनीकों के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान इलाज करा चुके मरीजों ने भी अपने अनुभव साझा किए और बताया कि उपचार के बाद उनके रोजमर्रा के जीवन में किस तरह बदलाव आया।

read also:पोलो मैदान से पर्यटन कारोबार तक पहुंचेगा RDTM 2026, जयपुर में बनेगा नए पर्यटन रिश्तों का मंच

जब इलाज का मतलब बड़े ऑपरेशन से आगे बढ़ा

प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. अंशु काबरा, एडिशनल डायरेक्टर-कार्डियोलॉजी, नारायणा हॉस्पिटल जयपुर ने बताया कि TAVI और Leadless Pacemaker जैसी प्रक्रियाएं कुछ उपयुक्त मरीजों में पारंपरिक ओपन-हार्ट सर्जरी या पारंपरिक वायर वाले पेसमेकर की तुलना में कम इनवेसिव विकल्प उपलब्ध करा सकती हैं।

इन प्रक्रियाओं में बड़े चीरे की जरूरत कम या नहीं होती और अस्पताल के अनुसार मरीजों के रिकवरी टाइम को कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, किस मरीज के लिए कौन-सी तकनीक उपयुक्त है, इसका फैसला उसकी बीमारी, उम्र और अन्य स्वास्थ्य स्थितियों की चिकित्सकीय जांच के आधार पर किया जाता है।

यानी आधुनिक कार्डियक उपचार का फोकस सिर्फ बीमारी का इलाज नहीं, बल्कि मरीज को कम से कम हस्तक्षेप के साथ सामान्य जीवन की ओर लौटाने पर भी है।

read also:कैसा रहेगा आपका आज, क्या कहता है भाग्यांक? 18 सितम्बर, शुक्रवार, 2026 

मरीजों के अनुभव रहे खास

कार्यक्रम का सबसे मानवीय पहलू वे मरीज रहे, जिनका इन आधुनिक तकनीकों से उपचार किया गया था। मरीजों ने मीडिया से बातचीत में अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि बड़े ऑपरेशन की आशंका के बीच कम इनवेसिव प्रक्रिया से इलाज होना उनके और उनके परिवार के लिए राहत का अनुभव रहा।

ऐसे अनुभवों का महत्व इसलिए भी है क्योंकि कार्डियक बीमारी के दौरान मरीज के साथ उसका पूरा परिवार मानसिक और भावनात्मक दबाव से गुजरता है। उपचार की प्रक्रिया जितनी स्पष्ट और मरीज-केंद्रित होती है, परिवार के लिए उतना ही भरोसा कायम करना आसान होता है।

read also: उदयपुर में मेडिकल चमत्कार: तीन भाई-बहनों ने जीती दुर्लभ जेनेटिक कैंसर से जंग, गीतांजली हॉस्पिटल ने रचा इतिहास

हर मरीज के लिए उपचार अलग

डॉ. प्रदीप कुमार गोयल, क्लिनिकल डायरेक्टर, नारायणा हॉस्पिटल जयपुर ने कहा कि जिन मरीजों को एक साथ कई स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं, उनमें किसी भी कार्डियक प्रक्रिया से पहले विस्तृत जांच और अलग-अलग विशेषज्ञों के बीच समन्वय जरूरी होता है।

उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में मरीज की पूरी स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखकर उपचार की योजना बनाई जाती है। उनके मुताबिक कम इनवेसिव तकनीकें कुछ जटिल मामलों में उपयोगी हो सकती हैं, लेकिन उपचार का तरीका मरीज की व्यक्तिगत चिकित्सकीय जरूरतों के आधार पर तय किया जाना चाहिए।

बलविंदर सिंह वालिया, डायरेक्टर, नारायणा हॉस्पिटल जयपुर एवं मुंबई ने कहा कि अस्पताल का जोर मरीजों की सुरक्षा, सुविधा और बेहतर उपचार अनुभव के साथ आधुनिक चिकित्सा तकनीक उपलब्ध कराने पर है। उन्होंने Leadless Pacemaker को विशेष रूप से उन मरीजों के लिए महत्वपूर्ण प्रगति बताया, जिनके लिए कम इनवेसिव प्रक्रिया अधिक उपयुक्त हो सकती है।

read also:जयपुर महापौर पद को लेकर ब्राह्मण समाज की दावेदारी: महासभा बोली- 30 साल से समाज का कोई मेयर नहीं बना, इस बार प्रतिनिधित्व मिले

———————————– 

#Narayana Hospital Jaipur, #TAVI, Leadless Pacemaker, #Cardiology, #Heart Treatment, #Jaipur Health News, TAVI, Leadless Pacemaker, नारायणा हॉस्पिटल जयपुर, हार्ट ट्रीटमेंट, कार्डियोलॉजी, आधुनिक हृदय उपचार

CATEGORIES
TAGS
Share This