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गुरु पूर्णिमा आज: गुरु वंदना, संत सम्मान और दुर्लभ ग्रह योग, 515संत-महंतों का सम्मान, जयपुर के जेईसीसी में भव्य आयोजन

गुरु पूर्णिमा आज: गुरु वंदना, संत सम्मान और दुर्लभ ग्रह योग, 515संत-महंतों का सम्मान, जयपुर के जेईसीसी में भव्य आयोजन

गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व आज: गुरु वंदना, संत सम्मान और दुर्लभ ग्रह योग से आस्था, श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा का संगम

पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जा रही गुरु पूर्णिमा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

राजस्थान में 515 संत-महंतों का सम्मान करेगी राज्य सरकार

जेईसीसी जयपुर में कमलेशजी महाराज के सानिध्य में गुरु पूर्णिमा महोत्सव

गुरु चरण पादुकाओं के पूजन की विशेष व्यवस्था

रुद्री पाठ, हनुमान चालीसा, भजन कॉन्सर्ट और महाआरती का आयोजन

राज पारीक और केशवम बैंड देंगे भक्तिमय प्रस्तुतियां

खीर एवं भोजन प्रसादी का भी आयोजन

शुक्र और मंगल की युति से बना दुर्लभ ‘केंद्र दृष्टि योग’

मेष, वृषभ, सिंह और तुला राशि के लिए शुभ माना जा रहा है यह योग

विजय श्रीवास्तव,

जयपुर, dusrikhabar.com।आज पूरे देश में गुरु पूर्णिमा श्रद्धा, भक्ति और कृतज्ञता के साथ मनाई जा रही है। सनातन संस्कृति में गुरु को ईश्वर से भी श्रेष्ठ माना गया है, क्योंकि वही अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश तक पहुंचने का मार्ग दिखाते हैं। इस वर्ष गुरु पूर्णिमा का महत्व और भी बढ़ गया है, क्योंकि एक ओर शुक्र और मंगल की युति से दुर्लभ ‘केंद्र दृष्टि योग’ बन रहा है, वहीं राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए 515 संत-महंतों के सम्मान की घोषणा की है। जयपुर के जेईसीसी में परम पूज्य कमलेशजी महाराज के सानिध्य में दिव्य गुरु पूर्णिमा महोत्सव, भजन कॉन्सर्ट और गुरु वंदना का भव्य आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है।

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गुरु पूर्णिमा: गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन अवसर

गुरु पूर्णिमा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाले गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का उत्सव है। भारतीय संस्कृति में गुरु को वह स्थान प्राप्त है जो मनुष्य को अज्ञान से ज्ञान, भ्रम से सत्य और निराशा से आशा की ओर ले जाता है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा हमारी सनातन संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। गुरु ही मन, कर्म और वचन को एकाग्र कर जीवन को सही दिशा देते हैं।

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राजस्थान में 515 संत-महंतों का होगा सम्मान

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर राजस्थान सरकार देवस्थान विभाग के माध्यम से प्रदेशभर में लगभग 515 संत-महंतों का सम्मान करेगी।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी जिलों में अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जो स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में संतों और महंतों का सम्मान करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री का विशेष ‘गुरु वंदन संदेश’ भी संतों को भेंट किया जाएगा।

जेईसीसी जयपुर में कमलेशजी महाराज के सानिध्य में भव्य गुरु पूर्णिमा महोत्सव

जयपुर के जेईसीसी, सीतापुरा में आज परम पूज्य कमलेशजी महाराज के सानिध्य में ‘गुरु पूर्णिमा दिव्य कृपा महोत्सव’ का भव्य आयोजन हो रहा है।

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कार्यक्रम में श्रद्धालु—

  • गुरु वंदना
  • रुद्री पाठ
  • वैदिक मंत्रोच्चार
  • सामूहिक हनुमान चालीसा
  • संकीर्तन
  • लाइव भजन कॉन्सर्ट
  • महाआरती
  • खीर प्रसादी एवं भोजन प्रसादी

का लाभ प्राप्त करेंगे।

भजन गायक राज पारीक एवं केशवम बैंड अपनी भक्तिमय प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव कराएंगे।

कमलेशजी महाराज बोले— जीवन में गुरु का होना सबसे आवश्यक

परम पूज्य कमलेशजी महाराज ने गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गुरु का स्थान जीवन में सर्वोच्च होता है। उन्होंने कहा कि “गुरु कोई भी हो सकता है— माता-पिता, शिक्षक या आध्यात्मिक मार्गदर्शक। जो हमें सही मार्ग दिखाए, वही हमारा गुरु है।” उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में गुरु चरण पादुकाएं भी विराजमान रहेंगी, ताकि जो श्रद्धालु अपने गुरु के पास नहीं पहुंच सके, वे यहां चरण पादुकाओं का पूजन कर अपने गुरु के प्रति श्रद्धा अर्पित कर सकें।

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गुरु पूर्णिमा पर बना दुर्लभ ‘केंद्र दृष्टि योग’

इस बार गुरु पूर्णिमा पर शुक्र और मंगल ग्रह के बीच लगभग 90 डिग्री का दुर्लभ केंद्र दृष्टि योग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार—

  • शुक्र सुख, समृद्धि, प्रेम और ऐश्वर्य का कारक है।
  • मंगल साहस, ऊर्जा, पराक्रम और भूमि का प्रतिनिधित्व करता है।

इन दोनों ग्रहों की विशेष स्थिति कई लोगों के लिए आर्थिक उन्नति, करियर में सफलता और पारिवारिक सुख के नए अवसर लेकर आ सकती है।

इन राशियों के लिए शुभ माना जा रहा है यह योग

मेष राशि

आत्मविश्वास बढ़ेगा, नौकरी में नई जिम्मेदारी और व्यापार में लाभ मिलने की संभावना है।

वृषभ राशि

आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। वाहन, भूमि और भौतिक सुख-सुविधाओं के योग बनेंगे।

सिंह राशि

करियर में सम्मान, पदोन्नति और नए अवसर मिलने की संभावना है।

तुला राशि

आय के नए स्रोत बनेंगे। कला, मीडिया और ग्लैमर से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिल सकता है।

(नोट: ज्योतिषीय भविष्यवाणियां पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित होती हैं। इन्हें व्यक्तिगत जीवन के निश्चित परिणाम के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।)

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गुरु हमें केवल ज्ञान नहीं, जीवन जीने की कला भी सिखाते हैं

गुरु पूर्णिमा हमें यह संदेश देती है कि जीवन में सफलता केवल शिक्षा से नहीं, बल्कि सही मार्गदर्शन, संस्कार और सद्गुणों से मिलती है। गुरु के प्रति सम्मान केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि जीवनभर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प है।

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