
“हर मिनट है कीमती”: अंतरराष्ट्रीय इमरजेंसी मेडिसिन दिवस पर नारायणा हॉस्पिटल जयपुर ने लोगों को किया जागरूक
अंतरराष्ट्रीय इमरजेंसी मेडिसिन दिवस पर नारायणा हॉस्पिटल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
BLS और CPR ट्रेनिंग के जरिए लोगों को सिखाए गए जीवन बचाने के तरीके
हीटस्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और कार्डियक इमरजेंसी को लेकर विशेषज्ञों ने किया सतर्क
प्रशिक्षित इमरजेंसी टीम और समय पर उपचार को बताया जीवन रक्षक
नवीन सक्सेना,
जयपुर, Dusrikhabar.com। Narayana Hospital Jaipur में अंतरराष्ट्रीय इमरजेंसी मेडिसिन दिवस 2026 के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में इमरजेंसी मेडिसिन, समय पर उपचार और बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) के महत्व को लेकर लोगों को जागरूक किया गया। अस्पताल की विशेषज्ञ टीम ने कार्डियक अरेस्ट, हीटस्ट्रोक, बेहोशी और अन्य मेडिकल इमरजेंसी के दौरान शुरुआती सहायता देने के तरीकों का लाइव डेमो भी प्रस्तुत किया।
बेसिक लाइफ सपोर्ट ट्रेनिंग में सिखाई गई जीवन बचाने की तकनीक
कार्यक्रम के दौरान नारायणा हॉस्पिटल जयपुर की इमरजेंसी मेडिसिन टीम ने प्रतिभागियों को CPR (सीपीआर), मरीज की सांस और पल्स जांचने की प्रक्रिया तथा एम्बुलेंस पहुंचने से पहले दी जाने वाली प्राथमिक सहायता की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बताया कि मेडिकल इमरजेंसी के दौरान सही समय पर दिया गया बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) कई मामलों में मरीज की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

गर्मियों में हीटस्ट्रोक और डिहाइड्रेशन को लेकर दी चेतावनी
डॉ. ईशा सिंह ने कहा कि भीषण गर्मी के दौरान हीटस्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और कार्डियक इमरजेंसी तेजी से गंभीर स्थिति में बदल सकती हैं। उन्होंने बताया कि तेज बुखार, कमजोरी, चक्कर आना, उलझन और बेहोशी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर प्राथमिक उपचार और अस्पताल पहुंचना मरीज की जान बचाने में अहम साबित हो सकता है।
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बुजुर्गों और हृदय रोगियों को बरतनी चाहिए विशेष सावधानी
डॉ. ईशा सिंह ने कहा कि गर्मियों में बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार मरीजों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत होती है। पर्याप्त पानी पीना, धूप से बचना और शरीर में किसी भी असामान्य बदलाव पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
“हर मेडिकल इमरजेंसी में समय सबसे महत्वपूर्ण”
डॉ. प्रदीप कुमार गोयल ने कहा कि मेडिकल इमरजेंसी केवल दुर्घटनाओं तक सीमित नहीं है। अत्यधिक गर्मी कई बार हृदय संबंधी समस्याओं को भी बढ़ा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित इमरजेंसी टीम, त्वरित निर्णय और समन्वित उपचार प्रणाली मरीजों के बेहतर परिणाम सुनिश्चित करती है।
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JCI और NABH मानकों से मरीजों का बढ़ता भरोसा
बलविंदर सिंह वालिआ ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं अस्पताल की प्राथमिक जिम्मेदारी हैं। उन्होंने बताया कि NABH और JCI जैसी मान्यताएं इस बात का प्रमाण हैं कि अस्पताल अंतरराष्ट्रीय स्तर के सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा मानकों का पालन कर रहा है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार JCI मान्यता मरीजों की सुरक्षा, संक्रमण नियंत्रण और प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ जैसे कई महत्वपूर्ण मानकों पर आधारित होती है।
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