
हार्ट और कैंसर की दवा सस्ती करने का सरकार बड़ा ऐलान, 39 दवाओं के दाम किए तय…
जरूरी दवाओं पर सरकार का बड़ा फैसला, सरकार ने 39 दवाओं के दाम किए तय
कैंसर, हार्ट और डायबिटीज के मरीजों को मिलेगी राहत
अब मरीजों को निर्धारित कीमत से अधिक भुगतान नहीं करना होगा
सरकार का उद्देश्य इलाज का खर्च कम करना
संदीप बहल
जयपुर,dusrikhabar.com। बीमारी का दर्द जितना तकलीफ देता है, उससे कहीं ज्यादा चिंता कई परिवारों को महंगी दवाओं का खर्च सताता है। कैंसर, हृदय रोग, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज कराना लाखों परिवारों के लिए आर्थिक चुनौती बन जाता है। ऐसे में केंद्र सरकार ने आम मरीजों को राहत देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 39 आवश्यक दवाओं की अधिकतम खुदरा कीमत (MRP) तय कर दी है। अब दवा कंपनियां इन दवाओं को निर्धारित कीमत से अधिक पर नहीं बेच सकेंगी।
कैंसर से लेकर हार्ट और डायबिटीज तक की दवाएं होंगी किफायती
केंद्र सरकार के अधीन नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने ड्रग्स प्राइस कंट्रोल ऑर्डर (DPCO)-2013 के तहत 39 नई दवाओं की अधिकतम खुदरा कीमत तय करने का आदेश जारी किया है।
इन दवाओं का उपयोग कई गंभीर बीमारियों के इलाज में किया जाता है, जिनमें शामिल हैं—
- कैंसर
- हृदय रोग
- डायबिटीज
- हाई ब्लड प्रेशर
- संक्रमण (इंफेक्शन)
- आंखों की बीमारियां
- सांस संबंधी रोग
कंपनियों पर सख्ती, मनमानी कीमत वसूलने पर होगी कार्रवाई
8 जुलाई को जारी अधिसूचना के अनुसार अब कोई भी दवा कंपनी इन दवाओं को तय अधिकतम कीमत से ज्यादा पर नहीं बेच सकेगी।
एनपीपीए ने कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि वे—
- नई मूल्य सूची सभी डीलरों और राज्य ड्रग नियंत्रकों को उपलब्ध कराएं।
- अस्पतालों और मेडिकल स्टोर तक नई कीमतों की जानकारी पहुंचाएं।
- मरीजों को सही और निर्धारित मूल्य पर दवाएं उपलब्ध कराएं।
यदि कोई कंपनी निर्धारित कीमत से अधिक वसूली करती है तो उसे अतिरिक्त राशि ब्याज सहित वापस करनी होगी।
जीएसटी के नाम पर नहीं होगी अतिरिक्त वसूली, मरीजों के हित को प्राथमिकता
सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि दवा कंपनियां जीएसटी तभी जोड़ सकेंगी, जब वास्तव में वह कर सरकार को जमा किया गया हो या जमा किया जाना हो।
जीएसटी के नाम पर मनमाने तरीके से दवा की कीमत बढ़ाने की अनुमति नहीं होगी।
यह कार्रवाई ड्रग्स प्राइस कंट्रोल ऑर्डर (DPCO) और आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत की जाएगी।
सरकार का मानना है कि स्वास्थ्य सेवा केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीजों को सस्ती और सुलभ दवाएं उपलब्ध कराना भी उतना ही जरूरी है।
इन प्रमुख दवाओं के दाम किए गए निर्धारित
नई सूची में कई महत्वपूर्ण दवाएं शामिल हैं, जैसे—
- टेनेक्टेप्लेस इंजेक्शन
- विटामिन डी-3 ओरल सॉल्यूशन
- इमैटिनिब ओरल सॉल्यूशन
- एम्पाग्लिफ्लोजिन कॉम्बिनेशन दवाएं
- टेल्मिसार्टन कॉम्बिनेशन
- एस्पिरिन एवं एटोरवास्टेटिन कैप्सूल
- क्लोपिडोग्रेल कॉम्बिनेशन दवाएं
आम मरीजों के लिए क्यों है यह फैसला अहम?
महंगी दवाओं के कारण कई परिवार इलाज बीच में छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं। सरकार का यह कदम मरीजों के आर्थिक बोझ को कम करने, इलाज को अधिक सुलभ बनाने और दवा कंपनियों की मनमानी पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे विशेष रूप से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों और उनके परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
- केंद्र सरकार ने 39 आवश्यक दवाओं की अधिकतम खुदरा कीमत तय की।
- कैंसर, हार्ट, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर समेत कई गंभीर बीमारियों की दवाएं शामिल।
- दवा कंपनियां तय कीमत से अधिक राशि नहीं वसूल सकेंगी।
- जीएसटी के नाम पर मनमानी वसूली पर भी रोक।
- नियम तोड़ने पर अतिरिक्त रकम ब्याज सहित लौटानी होगी।
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