
बर्फबारी के बावजूद चार धाम के दर्शन, केदारनाथ में ग्लेशियर काटकर मार्ग…
बर्फ की चादर के बीच खुलेगा केदारनाथ धाम
22 अप्रैल को खुलेंगे बाबा केदार के कपाट, 19 अप्रैल से शुरू होगी चारधाम यात्रा
5.96 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने कराया रजिस्ट्रेशन, पहले दिन ही 42 हजार पार
ग्लेशियर काटकर तैयार हुआ ‘स्नो कॉरिडोर’, 8-10 फीट ऊंची बर्फ की दीवारें आकर्षण
100 से अधिक मजदूरों ने दिन-रात मेहनत कर साफ किया पैदल मार्ग
प्रशासन अलर्ट: सुरक्षा, क्यू मैनेजमेंट और सुविधाओं पर विशेष फोकस
नवीन सक्सेना,
हरिद्वार, dusrikhabar.com। उत्तराखंड में इस साल केदारनाथ धाम की यात्रा रोमांच और आस्था का अनूठा संगम बनने जा रही है। भारी बर्फबारी के बीच प्रशासन ने ग्लेशियर काटकर स्नो कॉरिडोर तैयार किया है, जिससे श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से बाबा केदार के दर्शन कर सकेंगे।
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 का शुभारंभ 19 अप्रैल से हो रहा है, जबकि 22 अप्रैल को केदारनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इस बार यात्रा को खास बनाता है बर्फ के बीच बना स्नो कॉरिडोर, जहां श्रद्धालु दोनों ओर 8-9 फीट ऊंची बर्फ की दीवारों के बीच से गुजरते हुए दर्शन करेंगे।
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रिकॉर्ड तोड़ रजिस्ट्रेशन
अब तक 5.96 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। यह संख्या हर दिन तेजी से बढ़ रही है, जिससे इस बार यात्रा में रिकॉर्ड भीड़ का अनुमान लगाया जा रहा है। सरकार ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और ई-पास सिस्टम को अनिवार्य किया है ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
ग्लेशियर काटकर बना रास्ता
चोराबारी ग्लेशियर और थारू क्षेत्र में भारी बर्फबारी के कारण रास्ता पूरी तरह बंद हो गया था। कई जगहों पर बर्फ की मोटाई 10 फीट तक पहुंच गई थी। 100 से अधिक मजदूरों और मशीनों की मदद से इन ग्लेशियरों को काटकर सुरक्षित पैदल मार्ग तैयार किया गया है। यह स्नो कॉरिडोर न सिर्फ सुरक्षित है, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए एक एडवेंचर अनुभव भी बनेगा।
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पैदल मार्ग पर राहत
गौरीकुंड से केदारनाथ तक का 16-18 किमी लंबा ट्रैक अब लगभग पूरी तरह साफ कर दिया गया है। 3-4 बड़े ग्लेशियर पॉइंट्स को चिन्हित कर वहां विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। साथ ही घोड़ा-खच्चर, पालकी और पिट्ठू सेवाएं भी शुरू कर दी जाएंगी, जिससे बुजुर्ग और असहाय श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी।
हेलीकॉप्टर और मेडिकल सुविधाएं
इस बार यात्रा में हेलीकॉप्टर सेवाओं को भी बढ़ाया गया है। फाटा, सिरसी और गुप्तकाशी से केदारनाथ के लिए नियमित उड़ानें संचालित होंगी। इसके अलावा हर 2-3 किमी पर मेडिकल कैंप, SDRF और पुलिस की तैनाती, ऑक्सीजन सिलेंडर और आपातकालीन सेवाएं, मोबाइल नेटवर्क और वाई-फाई सुविधाएं] श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए उपलब्ध कराई गई हैं।
सुरक्षा और प्रबंधन पर जोर
प्रशासन ने इस बार क्यू मैनेजमेंट, हेल्थ सुविधाएं, मौसम निगरानी और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया है। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रा करें और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें।
मौसम और प्रशासन की तैयारी
फिलहाल केदारनाथ क्षेत्र में 2-3 फीट बर्फ अभी भी मौजूद है। हालांकि, मौसम में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के अनुसार मंदिर परिसर की सफाई अंतिम चरण में है, डोली पहुंचने से पहले पूरा क्षेत्र साफ कर दिया जाएगा साथ ही 24×7 कंट्रोल रूम से यात्रा की मॉनिटरिंग होगी।
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श्रद्धालुओं के लिए एडवाइजरी
प्रशासन ने श्रद्धालुओं को सलाह दी है कि मौसम अपडेट देखकर ही यात्रा करें, ऊंचाई वाले क्षेत्र के लिए जरूरी दवाइयां साथ रखें, रजिस्ट्रेशन और ID अनिवार्य रखें और भीड़ से बचने के लिए निर्धारित स्लॉट में ही दर्शन करें।
इस बार क्या है खास?
- स्नो कॉरिडोर से गुजरकर दर्शन
- डिजिटल ट्रैकिंग और ई-पास सिस्टम
- बेहतर हेल्थ और रेस्क्यू सिस्टम
- रिकॉर्ड तोड़ श्रद्धालु संख्या
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