
भारत में नई करेंसी, जल्द आएंगे प्लास्टिक के नोट…! RBI पूरी प्लानिंग के साथ कर रहा तैयारी
पॉलिमर नोटों पर RBI की बोर्ड बैठकों में हुई अहम चर्चा
कागजी नोटों की तुलना में सस्ते, टिकाऊ और सुरक्षित होंगे प्लास्टिक नोट
बढ़ती छपाई लागत और गंदे नोटों की समस्या बना रही बदलाव की वजह
पायलट प्रोजेक्ट लॉन्च करने की तैयारी में केंद्रीय बैंक
डिजिटल पेमेंट के दौर में भी नकदी की मांग लगातार बढ़ रही
विजय श्रीवास्तव,
दिल्ली/ जयपुर,dusrikhabar.com। भारत में जल्द ही प्लास्टिक बैंक नोट (Polymer Currency Notes) देखने को मिल सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश में पॉलिमर आधारित नोटों को लागू करने की संभावना पर गंभीरता से विचार कर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कागजी नोटों की बढ़ती छपाई लागत, नोटों के जल्दी खराब होने और नकली नोटों की चुनौती को देखते हुए केंद्रीय बैंक इस नई तकनीक को अपनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। यदि योजना सफल होती है तो भारत उन देशों की सूची में शामिल हो जाएगा जहां पहले से ही प्लास्टिक करेंसी का सफल उपयोग किया जा रहा है।
read also:कैसा रहेगा आपका आज, क्या कहता है भाग्यांक? 30 मई, शनिवार, 2026
RBI की बोर्ड बैठकों में पॉलिमर नोटों पर मंथन
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक की हालिया बोर्ड बैठकों में पॉलिमर नोटों को चलन में लाने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई है। बताया जा रहा है कि मुंबई और पटना में आयोजित बैठकों में इस विषय को प्रमुखता से उठाया गया। आरबीआई इस बात का अध्ययन कर रहा है कि क्या प्लास्टिक आधारित नोट भारतीय अर्थव्यवस्था और बैंकिंग व्यवस्था के लिए अधिक प्रभावी साबित हो सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पॉलिमर नोटों की लंबी उम्र और बेहतर सुरक्षा विशेषताएं उन्हें भविष्य की मुद्रा बना सकती हैं।
ना फटेंगे, ना जल्दी खराब होंगे प्लास्टिक नोट
प्लास्टिक नोटों का सबसे बड़ा फायदा उनकी मजबूती और टिकाऊपन है। सामान्य कागजी नोट जहां जल्दी फट जाते हैं, गंदे हो जाते हैं या नमी से प्रभावित होते हैं, वहीं पॉलिमर नोट अधिक समय तक सुरक्षित रहते हैं।
इसके अलावा इनमें आधुनिक सुरक्षा फीचर्स शामिल किए जा सकते हैं, जिससे नकली नोटों पर भी प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। यही कारण है कि ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्रिटेन और न्यूजीलैंड जैसे कई देशों ने पहले ही पॉलिमर करेंसी को अपनाया हुआ है।
कागजी नोटों की छपाई पर बढ़ रहा खर्च
आरबीआई की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में नोटों की छपाई पर खर्च बढ़कर 6,372.8 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 5,101.4 करोड़ रुपये था।
इसी अवधि में लगभग 23.8 अरब गंदे और क्षतिग्रस्त नोट वापस लिए गए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12.3 प्रतिशत अधिक हैं। इनमें सबसे अधिक 500 और 100 रुपये के नोट शामिल थे। ऐसे में लंबे समय तक चलने वाले पॉलिमर नोट छपाई और प्रतिस्थापन की लागत को कम कर सकते हैं।
RBI ला सकता है पायलट प्रोजेक्ट
रिपोर्ट्स के मुताबिक आरबीआई पॉलिमर करेंसी को लागू करने से पहले एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इस परियोजना के तहत सीमित संख्या में प्लास्टिक नोट जारी कर उनके उपयोग, टिकाऊपन और बैंकिंग प्रणाली पर प्रभाव का परीक्षण किया जाएगा।
बताया जा रहा है कि एटीएम मशीनें भी इन नोटों को जारी करने में सक्षम होंगी और इसके लिए आवश्यक तकनीकी संसाधन आरबीआई के पास पहले से मौजूद हैं।
डिजिटल पेमेंट बढ़ने के बावजूद नकदी की मांग मजबूत
हालांकि देश में यूपीआई और डिजिटल भुगतान का तेजी से विस्तार हुआ है, लेकिन नकदी की मांग अभी भी लगातार बढ़ रही है। 15 मई तक देश में प्रचलन में मुद्रा (Currency in Circulation) सालाना आधार पर 11.5 प्रतिशत बढ़कर 42.86 ट्रिलियन रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।
यह दर्शाता है कि डिजिटल अर्थव्यवस्था के साथ-साथ नकद लेन-देन की आवश्यकता भी बनी हुई है। ऐसे में अधिक टिकाऊ और सुरक्षित मुद्रा की जरूरत महसूस की जा रही है।
सिक्कों के उपयोग को बढ़ावा देने की कोशिश जारी
आरबीआई द्वारा सिक्कों के उपयोग को बढ़ाने के प्रयास भी जारी हैं। वित्त वर्ष 2025 में सिक्कों की आपूर्ति बढ़कर 1.5 अरब हो गई, जबकि पिछले वर्ष यह लगभग 1.2 अरब थी। इनमें सबसे अधिक 5 रुपये के सिक्के शामिल रहे।
हालांकि, सिक्कों के उपयोग को लेकर अपेक्षित परिणाम अभी तक नहीं मिल पाए हैं, जिसके चलते नकदी प्रबंधन में नए विकल्पों की तलाश जारी है।
read also:AAP का दबदबा, ‘हाथ’ भी दमदार… निकाय चुनाव नतीजे का पंजाब विधानसभा चुनावों पर क्या होगा असर?
बहरहाल यदि आरबीआई की योजना को मंजूरी मिलती है तो भारत की मुद्रा प्रणाली में यह एक बड़ा बदलाव होगा। पॉलिमर नोट न केवल छपाई लागत कम करेंगे, बल्कि उनकी लंबी उम्र, बेहतर सुरक्षा और टिकाऊपन देश की मुद्रा व्यवस्था को अधिक आधुनिक और प्रभावी बना सकते हैं। आने वाले समय में आरबीआई का पायलट प्रोजेक्ट इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
————————-
#RBI, #PlasticNotes, #PolymerCurrency, #IndianCurrency, #BankNotes, #ReserveBankOfIndia, #CurrencyUpdate, #IndianEconomy, #CashCirculation, #FinancialNews, RBI पॉलिमर नोट, प्लास्टिक नोट भारत, Polymer Currency Notes, RBI Currency Update, भारतीय रिजर्व बैंक, नए बैंक नोट, कागजी नोट, प्लास्टिक करेंसी, नकदी प्रबंधन, भारतीय मुद्रा
