
वेदांता उदयपुर वर्ल्ड म्यूजिक फेस्टिवल 2026 का भव्य आगाज़, कैलाश खैर ने…
गांधी ग्राउंड में भारतीय और अंतरराष्ट्रीय सुरों का संगम
10 वर्षों की संगीत यात्रा की ऐतिहासिक शुरुआत
कैलाश खेर से लेकर ग्लोबल आर्टिस्ट्स ने बांधा समां
सुश्री सोनिया,
उदयपुर,dusrikhabar.com। वेदांता उदयपुर वर्ल्ड म्यूजिक फेस्टिवल 2026 की शुरुआत पहले दिन एक उत्साहपूर्ण और जीवंत माहौल के साथ हुई। गांधी ग्राउंड में भारतीय और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने फेस्टिवल के 10 वर्षों के ऐतिहासिक सफर की यादगार शुरुआत की।
हिंदुस्तान जिंक के सहयोग से और सहर द्वारा परिकल्पित व प्रस्तुत यह फेस्टिवल, राजस्थान सरकार और पर्यटन विभाग के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। एक बार फिर उदयपुर संगीत के जरिए वैश्विक सांस्कृतिक मंच में तब्दील नजर आया।
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राजस्थानी लोक से सजी पहली शाम
गांधी ग्राउंड की शाम विभिन्न ध्वनियों, सुरों और परंपराओं के प्रभावशाली संगम के साथ आगे बढ़ी। मंच पर संगीत की विविध रंगत देखने को मिली। प्रस्तुतियों की शुरुआत राजस्थानी फोक ऑर्केस्ट्रा से हुई, जिनकी दमदार ताल और पारंपरिक धुनों ने राजस्थान की समृद्ध लोक संगीत विरासत को खूबसूरती से उभारा और पूरी शाम के कार्यक्रम के लिए माहौल तैयार कर दिया।
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नॉर्वे और अल्जीरिया की धुनों ने जोड़ा विश्व
इसके बाद मंच पर अंतरराष्ट्रीय रंग छा गए, जब नॉर्वे के 9 ग्रेडर नॉर्ड ने नॉर्वेजियन और तमिल फोक रॉक के अपने विशिष्ट मिश्रण के साथ प्रस्तुति दी। उनकी क्रॉस-कल्चरल ध्वनियों ने दर्शकों से गहरा जुड़ाव बनाया।
इसके बाद अल्जीरिया के सोफियान सैदी ने अपनी भावपूर्ण और ऊर्जावान प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वैश्विक संगीत तालों के अनूठे संगम के साथ उन्होंने फेस्टिवल की उद्घाटन रात को यादगार बना दिया।

कैलाश खेर और कैलासा लाइव का जादू
शाम की सबसे अधिक प्रतीक्षित प्रस्तुतियों में से एक कैलाश खेर और कैलासा लाइव की रही। उनकी आत्मा को छू लेने वाली गायकी, लोक और सूफी परंपराओं से जुड़ी सशक्त रचनाओं ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। ऊर्जा से भरपूर इस प्रस्तुति में भक्ति, भावनाओं और संगीत की तीव्रता का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने फेस्टिवल के पहले दिन को यादगार समापन तक पहुंचाया।
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उदयपुर को ग्लोबल कल्चरल कैपिटल बनाने की प्रतिबद्धता
हिंदुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा कि संगीत और संस्कृति अनोखे तरीके से अलग-अलग आवाज़ों को एक सुर में पिरोते हैं। पहले दिन यह बात राजस्थानी लोक संगीत और ग्लोबल आवाज़ों के मेल से खूबसूरती से दिखाई दी।
उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान जिंक और वेदांता, युवा टैलेंट को आगे बढ़ने का अवसर देकर संगीत, कला और संस्कृति को बढ़ावा दे रहे हैं। यह जिंक सिटी उदयपुर को एक ग्लोबल कल्चरल कैपिटल में बदलने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हमें गर्व है कि यह फेस्टिवल एक प्रीमियर ग्लोबल म्यूजिक इवेंट बन चुका है।
सहर के फाउंडर ने बताई फेस्टिवल की आत्मा
फेस्टिवल के पहले दिन को लेकर ‘सहर’ के फाउंडर संजीव भार्गव ने कहा कि पहला दिन आने वाले दिनों का जोश और ऊर्जा तय करता है। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से कलाकारों को एक मंच पर लाना ही वेदांता उदयपुर वर्ल्ड म्यूजिक फेस्टिवल की मूल भावना है।
उन्होंने कहा कि यह दिन हमें याद दिलाता है कि यह फेस्टिवल सांस्कृतिक संवाद, साझा भावनाओं और साथ मिलकर संगीत का आनंद लेने की सरल खुशी के लिए कितना महत्वपूर्ण है।
शनिवार को भी रहेगा सुरों का जादू
पहले दिन की दमदार शुरुआत के बाद, वेदांता उदयपुर वर्ल्ड म्यूजिक फेस्टिवल 2026 में शनिवार को भी विविध कार्यक्रम आयोजित होंगे।
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मांझी घाट पर सुबह 9 बजे से मेडिटेटिव संगीत
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फतहसागर पाल पर दोपहर 3 बजे से रोमांटिक प्रस्तुतियां
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और शाम 6:30 बजे से गांधी ग्राउंड पर एक बार फिर दमदार म्यूजिक परफॉर्मेंस देखने को मिलेंगी।
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