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पंजाब नेशनल बैंक की साख धूमिल, PNB की करेंसी चेस्ट में 17 करोड़ के नकली नोट मिलने से मचा हड़कंप…

पंजाब नेशनल बैंक की साख धूमिल, PNB की करेंसी चेस्ट में 17 करोड़ के नकली नोट मिलने से मचा हड़कंप…

जब बाड़ ही खेत को खाए तो रखवाली कौन करे…?

क्या PNB बैंक में अफसरों की मिलीभगत का खेल…!

Punjab National Bank की सुरक्षा पर उठे सवाल

सहारनपुर के PNB करेंसी चेस्ट में करीब 17 करोड़ रुपये के नकली नोट मिले

जयपुर भेजी गई रकम में 4,30,900 रुपये की कमी से मामले की हुई शुरुआत

CCTV में पार्ट-टाइम हाउसकीपर नोटों की गड्डियों से रकम निकालता हुआ दिखाई दिया

9 अगस्त से करेंसी चेस्ट का विस्तृत ऑडिट हुआ शुरू 

मामले में तीन बैंक अधिकारियों को किया गया सस्पेंड

तीन मैनेजरों और एक हाउसकीपर के खिलाफ केस दर्ज 

-विजय श्रीवास्तव-

जयपुर/ सहारनपुर, dusrikhabar.com। जिस बैंक में लोग अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित समझकर जमा करते हैं, उसी बैंक की करेंसी चेस्ट में करीब 17 करोड़ रुपये के नकली नोट मिलने से बैंकिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की घंटाघर शाखा का है। बैंक के ऑडिट के दौरान यह बड़ी गड़बड़ी सामने आई। इससे पहले जयपुर भेजी गई रकम में 4 लाख 30 हजार 900 रुपये की कमी मिली थी, जिसने जांच की दिशा बदल दी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन बैंक अधिकारियों को निलंबित किया गया है, जबकि तीन मैनेजरों और एक पार्टटाइम हाउसकीपर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। RBI के छह अधिकारियों की टीम भी करेंसी चेस्ट की जांच के लिए बैंक पहुंचकर जांच कर रही है।

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बैंकिंग व्यवस्था पर बड़ा सवाल: आखिर भरोसा कहां सुरक्षित है?

बैंक आम लोगों के लिए सिर्फ पैसा जमा करने की जगह नहीं, बल्कि उनकी वर्षों की मेहनत और बचत का भरोसा होता है। ऐसे में करेंसी चेस्ट जैसी बेहद संवेदनशील व्यवस्था में 17 करोड़ रुपये के नकली नोट मिलना महज एक वित्तीय गड़बड़ी नहीं, बल्कि निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

जयपुर भेजी गई रकम में कमी ने खोला बड़े खेल का रास्ता

पूरे मामले की शुरुआत उस समय हुई, जब सहारनपुर की घंटाघर स्थित PNB शाखा से जयपुर करेंसी चेस्ट भेजी गई रकम में 4.30 लाख रुपये की कमी सामने आई। बैंक के अनुसार, कुछ दिन पहले पार्टटाइम हाउसकीपर विशाल कुमार को करेंसी चेस्ट में रखे नोटों की गड्डियों को व्यवस्थित करने का काम सौंपा गया था। इसमें गले, कटे और अन्य प्रकार के नोटों को अलग-अलग व्यवस्थित किया जाना था।

इसके बाद बैंक की तय प्रक्रिया के तहत 5 अगस्त को रकम जयपुर भेजी गई। वहां नोटों की गिनती के दौरान 4,30,900 रुपये कम पाए गए। जयपुर करेंसी चेस्ट से इसकी सूचना मेरठ स्थित PNB अधिकारियों को दी गई।

CCTV ने हाउसकीपर की गतिविधियों पर उठाए सवाल

रकम कम मिलने की जानकारी के बाद PNB के मेरठ चीफ मैनेजर और जांच अधिकारी अरुण कुमार चौबे को मामले की जांच के लिए सहारनपुर भेजा गया। जांच टीम ने करेंसी चेस्ट में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। बैंक अधिकारियों के मुताबिक, फुटेज में पार्टटाइम हाउसकीपर विशाल कुमार नोटों की गड्डियों से रकम निकालता हुआ दिखाई दिया। CCTV फुटेज के आधार पर बैंक ने विशाल कुमार को काम से हटा दिया और उसके खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज कराया गया। लेकिन जांच यहीं खत्म नहीं हुई।

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ऑडिट में सामने आया 17 करोड़ के नकली नोटों का मामला

हाउसकीपर से जुड़ी गड़बड़ी सामने आने के बाद बैंक ने 9 अगस्त से करेंसी चेस्ट का विस्तृत ऑडिट शुरू कराया। ऑडिट टीम ने करेंसी चेस्ट में मौजूद नकदी, रिकॉर्ड और नोटों का मिलान किया। इसी प्रक्रिया के दौरान जांचकर्ताओं को ऐसा खुलासा मिला, जिसने बैंक अधिकारियों को भी हैरान कर दिया।

जांच में करेंसी चेस्ट में करीब 17 करोड़ रुपये के नकली नोट पाए गए। इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट बैंक की करेंसी चेस्ट तक पहुंचने की जानकारी सामने आते ही पूरे बैंक महकमे में हड़कंप मच गया।

तीन बैंक मैनेजरों से पूछताछ, जवाब से संतुष्ट नहीं हुई जांच टीम

नकली नोटों के करेंसी चेस्ट में पहुंचने और वहां रखे जाने को लेकर बैंक अधिकारियों से पूछताछ शुरू की गई। जांच के दायरे में सीनियर डिवीजनल मैनेजर रवि कुमार कांसे, करेंसी चेस्ट मैनेजर सुशील कुमार और यमुनानगर-जगाधरी में तैनात करेंसी चेस्ट मैनेजर अमित कुमार आए। इन अधिकारियों से यह जानने की कोशिश की गई कि नकली नोट करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे, उन्हें किस स्तर पर स्वीकार किया गया और रिकॉर्ड में इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली।

जांच अधिकारी के मुताबिक, तीनों अधिकारी पूछताछ के दौरान संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी गई।

तीन अधिकारी सस्पेंड, विभागीय जांच भी शुरू

मामला सामने आने के बाद PNB ने तीनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। बैंक की ओर से अब विभागीय जांच भी शुरू की गई है। बैंक के दिल्ली रोड स्थित मंडल कार्यालय की सीनियर मैनेजर निशा सिंह के अनुसार, मामले की जांच बैंक स्तर पर जारी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि करोड़ों रुपये के नकली नोट बैंक की करेंसी चेस्ट तक पहुंचे कैसे?

RBI के 6 अधिकारी पहुंचे बैंक, जांच जारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के छह अधिकारियों की टीम मंगलवार सुबह करीब 8 बजे दो वाहनों से बैंक पहुंची। बताया गया है कि RBI की टीम कई घंटे तक बैंक के अंदर रहकर मामले की जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों द्वारा बैंक कर्मचारियों से पूछताछ और करेंसी चेस्ट से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है। अब जांच एजेंसियों के सामने कई अहम सवाल हैं—17 करोड़ के नकली नोट बैंक तक कब पहुंचे? इन्हें करेंसी चेस्ट में किसने रखा? नोटों की पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई?

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पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ दर्ज किया केस

सहारनपुर के DIG अभिषेक सिंह ने बताया कि बैंक के चीफ मैनेजर की शिकायत पर तीन मैनेजरों और पार्टटाइम हाउसकीपर के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि नकली नोटों के पूरे मामले में किस-किस व्यक्ति की भूमिका रही और इतनी बड़ी रकम बैंक की करेंसी चेस्ट तक किस माध्यम से पहुंची। फिलहाल बैंक की आंतरिक जांच, RBI की पड़ताल और पुलिस जांच तीनों स्तर पर मामला आगे बढ़ रहा है।

अब जांच का असली केंद्र यह है कि यह रकम बैंक की सुरक्षा व्यवस्था को पार कर करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंची और इतने बड़े स्तर की गड़बड़ी समय रहते क्यों नहीं पकड़ी गई।

पंजाब नेशनल बैंक में घोटाले से जुड़े ये प्रकरण भी 

PNB से जुड़े घोटालों की लगातार खबरें, बैंकिंग व्यवस्था और ग्राहकों के भरोसे पर उठते सवाल

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से जुड़े अलग-अलग समय के कई कथित घोटाले और वित्तीय गड़बड़ियां सामने आई हैं, जिनमें कुछ मामलों में बैंक अधिकारियों, कर्मचारियों या बैंक से जुड़े एजेंटों की भूमिका जांच के दायरे में रही है।

 

  1. वर्ष 2018 का नीरव मोदी प्रकरण सबसे बड़ा उदाहरण रहा, जिसमें PNB से जुड़े करीब 11,500 करोड़ रुपये के घोटाले ने पूरे बैंकिंग सिस्टम को हिला दिया था।
  2. करनाल के सेक्टर-13 स्थित पंजाब नेशनल बैंक में कैशियर ने ही करीब 60 लाख रुपए का गबन कर लिया गया है। शाखा प्रमुख की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी कैशियर गीतेश बरेजा के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।

  3.  इसके बाद भी मामले पूरी तरह थमे नहीं। दिसंबर 2025 में PNB ने SREI समूह की दो कंपनियों से जुड़े करीब 2,434 करोड़ रुपये के लोन फ्रॉड की जानकारी RBI को दी।
  4. बलरामपुर की पीएनबी नहर बालागंज शाखा में 12 करोड़ का घोटाला, 86 फर्जी खातों से गबन
  5. वहीं बुलंदशहर में करीब 50 ग्राहकों के 1.25 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी के मामले में बैंक मैनेजर और बैंक मित्र समेत छह लोगों की गिरफ्तारी हुई।
  6.  राजस्थान के नवलगढ़ में भी गोल्ड लोन से जुड़े कथित घोटाले में पूर्व शाखा प्रबंधक समेत कई लोगों की गिरफ्तारी हुई और जांच में फर्जी गोल्ड लोन खातों तथा असली सोने की जगह नकली आभूषण रखने के आरोप सामने आए। 

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इन घटनाओं को जोड़कर देखें तो ग्राहकों का बैंक पर भरोसा प्रभावित होना स्वाभाविक चिंता है, लेकिन हर मामले में आरोपों और जांच के अंतिम निष्कर्ष के बीच अंतर रखना भी जरूरी है। ऐसे मामलों में कड़ी निगरानी, पारदर्शिता और जवाबदेही ही ग्राहकों का विश्वास मजबूत कर सकती है।

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