पेटीएम पर संकट, किसी भी भुगतान बैंक पर RBI की सबसे बड़ी कार्रवाई…!

पेटीएम पर संकट, किसी भी भुगतान बैंक पर RBI की सबसे बड़ी कार्रवाई…!

पेटीएम के शेयरों में भारी गिरावट से निवेशकों को झटका

RBI ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस किया स्थायी रूप से रद्द

Paytm शेयर में 8% तक गिरावट, निवेशकों को 5800 करोड़ का नुकसान

बैंकिंग गतिविधियों पर पूरी तरह रोक, आगे कानूनी लड़ाई संभव

विजय श्रीवास्तव,

दिल्ली/जयपुर,dusrikhabar.com। देश की प्रमुख फिनटेक कंपनी पेटीएम को बड़ा झटका लगा है। RBI कार्रवाई के बाद कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। Paytm Payments Bank का लाइसेंस रद्द होने के फैसले ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है और इसका सीधा असर शेयर बाजार में देखने को मिला।

भारतीय रिजर्व बैंक की सख्त कार्रवाई के बाद Paytm संकट गहरा गया है। 24 अप्रैल को केंद्रीय बैंक द्वारा Paytm Payments Bank का बैंकिंग लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द करने के फैसले का असर 27 अप्रैल को शेयर बाजार खुलते ही साफ नजर आया। कारोबार शुरू होते ही कंपनी के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई और कुछ ही मिनटों में निवेशकों को करीब 5800 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।

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आपको बता दें कि दो दिन पहले यानि सोमवार को शेयर बाजार में जैसे ही ट्रेडिंग शुरू हुई, Paytm शेयर गिरावट का दौर शुरू हो गया। कंपनी का शेयर करीब 8 फीसदी या 92 रुपये तक टूटकर 1147.10 रुपये के पिछले बंद स्तर से गिरकर 1055.25 रुपये पर पहुंच गया। इस गिरावट के चलते कंपनी का मार्केट कैप भी घटकर 67,546 करोड़ रुपये रह गया। शुरुआती कारोबार में ही 3.14 लाख से अधिक शेयरों का लेन-देन हुआ और करीब 33.65 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया गया।

इस पूरे घटनाक्रम की जड़ में RBI कार्रवाई है। भारतीय रिजर्व बैंक ने 24 अप्रैल को पेटीएम की सहयोगी इकाई Paytm Payments Bank Limited का लाइसेंस रद्द कर दिया। यह फैसला शेयर बाजार बंद होने के बाद आया था, इसलिए इसका प्रभाव अगले कारोबारी दिन बाजार खुलते ही देखने को मिला। केंद्रीय बैंक ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि बैंक का संचालन इस तरह से किया जा रहा था, जो ग्राहकों और जमाकर्ताओं के हितों के लिए हानिकारक था।

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दरअसल, RBI नियम के तहत पहले भी इस बैंक पर कई प्रतिबंध लगाए जा चुके थे। मार्च 2022 में नए ग्राहकों को जोड़ने पर रोक लगाई गई थी। इसके बाद जनवरी और फरवरी 2024 में और सख्त कदम उठाए गए, जिनमें ग्राहक खातों में जमा और क्रेडिट लेनदेन पर रोक शामिल थी। इन लगातार कार्रवाइयों के बाद अब लाइसेंस रद्द करने का अंतिम निर्णय लिया गया है।

RBI आदेश के मुताबिक, अब पेटीएम पेमेंट्स बैंक को बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के तहत किसी भी प्रकार की बैंकिंग गतिविधि करने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही बैंक को बंद करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। यह किसी भुगतान बैंक के खिलाफ अब तक की सबसे कड़ी कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है।

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हालांकि, कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दिए अपने स्पष्टीकरण में कहा है कि इस नियामकीय कार्रवाई का उसके मुख्य व्यवसाय या संचालन पर सीधा असर नहीं पड़ेगा। कंपनी का कहना है कि वह अपने अन्य फिनटेक सेवाओं के जरिए ग्राहकों को सेवाएं देती रहेगी और भविष्य में स्थिति को संभालने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

इस बीच, यह भी संकेत मिले हैं कि कंपनी आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए उच्च न्यायालय का रुख कर सकती है। लेकिन फिलहाल बाजार में Paytm शेयर गिरावट और निवेशक नुकसान की स्थिति ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

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विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की RBI सख्ती वित्तीय प्रणाली में अनुशासन बनाए रखने के लिए जरूरी है, लेकिन इसका तात्कालिक असर बाजार और निवेशकों पर साफ दिखाई देता है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी इस संकट से कैसे उबरती है और निवेशकों का भरोसा कैसे वापस हासिल करती है।

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