Narayana Hospital Jaipur में DBS तकनीक से पार्किंसन मरीज को बड़ी राहत
दवाइयों का असर घटने से बढ़ी परेशानी, रोजमर्रा का जीवन हुआ कठिन
नारायणा जयपुर के विशेषज्ञों ने सुझाई आधुनिक सर्जरी, DBS बना असरदार विकल्प
5-6 घंटे चली सर्जरी, दौरान मरीज को रखा गया जागृत
ऑपरेशन के बाद 80-90% तक सुधार, दो हफ्तों में सामान्य जीवन की ओर वापसी
AI आधारित तकनीक से इलाज हुआ और सटीक, डॉक्टरों ने बताया गेम चेंजर
जयपुर, दूसरी खबर। राजस्थान के जयपुर स्थित Narayana Hospital Jaipur में आधुनिक DBS (Deep Brain Stimulation) तकनीक के जरिए एक 68 वर्षीय पार्किंसन मरीज को नई जिंदगी मिली है। लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे इस मरीज की स्थिति सर्जरी के बाद काफी सुधर गई है, जिससे उनकी जीवन की गुणवत्ता (Quality of Life) में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।
राजस्थान के सीकर जिले के रहने वाले 68 वर्षीय बुजुर्ग के लिए पार्किंसन बीमारी के साथ जीवन धीरे-धीरे बेहद चुनौतीपूर्ण होता जा रहा था। साल 2015 में बीमारी की पहचान होने के बाद से वह लगातार दवाइयों पर निर्भर थे। शुरुआती दौर में दवाओं से राहत जरूर मिली, लेकिन समय बीतने के साथ उनका असर कम होता गया औंर मरीज की परेशानी लगातार बढ़ती चली गई।
स्थिति यह हो गई थी कि दिनभर अलग-अलग समय पर मरीज को अलग-अलग शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ता था। कभी वह ठीक से चल नहीं पाते थे, तो कभी शरीर में अत्यधिक कंपन और अनियंत्रित मूवमेंट शुरू हो जाते थे। पार्किंसन बीमारी के कारण उनका दैनिक जीवन पूरी तरह प्रभावित हो चुका था और उन्हें छोटे-छोटे कामों के लिए भी परिवार पर निर्भर रहना पड़ रहा था।
यह बीमारी केवल शारीरिक तकलीफ तक सीमित नहीं रही, बल्कि मानसिक रूप से भी उन्हें प्रभावित करने लगी। लगातार दवाइयों और परेशानी के कारण उन्हें चिंता, उदासी और कई बार भ्रम जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। पिछले कुछ साल उनके और उनके परिवार के लिए काफी कठिन साबित हुए।
जब मरीज की जांच Narayana Hospital Jaipur में की गई, तो डॉक्टरों ने पाया कि उनकी स्थिति मध्यम से गंभीर स्तर तक पहुंच चुकी है। उनके शरीर का बायां हिस्सा ज्यादा प्रभावित था। हाथों की गतिविधि, चलने-फिरने और खुद से खड़े होने जैसी सामान्य क्रियाएं भी उनके लिए बेहद मुश्किल हो चुकी थीं। इसके साथ ही गिरने का खतरा भी बना रहता था।
मरीज की स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने DBS (Deep Brain Stimulation) सर्जरी का सुझाव दिया। सर्जरी से पहले एक विशेष परीक्षण किया गया, जिसमें दवाइयों के असर को परखा गया। इस टेस्ट के परिणाम सकारात्मक रहे, जिससे यह तय हुआ कि DBS तकनीक मरीज के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।
Deep Brain Stimulation (DBS) एक उन्नत चिकित्सा तकनीक है, जिसमें दिमाग के विशेष हिस्से में छोटे-छोटे इलेक्ट्रोड लगाए जाते हैं। ये इलेक्ट्रोड हल्के इलेक्ट्रिक सिग्नल के जरिए दिमाग के प्रभावित हिस्से को सक्रिय रखते हैं। आसान भाषा में कहें तो यह तकनीक दवाइयों जैसा ही असर देती है, लेकिन अधिक स्थिर और लंबे समय तक प्रभावी रहती है।
करीब 5 से 6 घंटे तक चली इस जटिल सर्जरी के दौरान मरीज को कुछ समय के लिए जागृत रखा गया, ताकि डॉक्टर तुरंत सुधार का आकलन कर सकें। इस पूरी प्रक्रिया में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम और अत्याधुनिक मशीनों का उपयोग किया गया।
सर्जरी के बाद परिणाम बेहद सकारात्मक रहे। मरीज अब बिना अधिक दवाइयों के खड़े हो पा रहे हैं, बेहतर तरीके से चल पा रहे हैं और हाथों की मूवमेंट में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। महज दो हफ्तों में उन्होंने अपने दैनिक कार्य फिर से शुरू कर दिए हैं और खुद को 80 से 90 प्रतिशत तक बेहतर महसूस कर रहे हैं।
इस मामले पर न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ Dr. Vaibhav Mathur ने बताया कि कई पार्किंसन मरीजों में समय के साथ दवाइयां असर करना बंद कर देती हैं, ऐसे में DBS सर्जरी एक प्रभावी विकल्प बनकर सामने आती है। उन्होंने यह भी बताया कि अब Artificial Intelligence (AI) आधारित एनालिसिस की मदद से मरीज के मूवमेंट पैटर्न और दवाइयों के रिस्पॉन्स को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है, जिससे इलाज और अधिक सटीक हो गया है।
वहीं, अस्पताल के फैसिलिटी डायरेक्टर Balwinder Singh Walia ने कहा कि अब राजस्थान के मरीजों को इस तरह की उन्नत सर्जरी के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं है। जयपुर में ही यह सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिल रही है।
क्लिनिकल डायरेक्टर Dr. Pradeep Kumar Goyal ने कहा कि पार्किंसन बीमारी केवल मरीज को ही नहीं बल्कि पूरे परिवार को प्रभावित करती है। ऐसे में DBS जैसी आधुनिक तकनीक मरीजों को नई उम्मीद देती है और उनके जीवन को बेहतर बना सकती है। उन्होंने लोगों से समय पर इलाज कराने और लक्षणों को नजरअंदाज न करने की अपील भी की।
नारायणा हॉस्पिटल जयपुर के बारे में
Narayana Hospital Jaipur एक प्रमुख मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल है, जहां आधुनिक तकनीक और अनुभवी डॉक्टरों की टीम के साथ मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाती हैं। यहां न्यूरोलॉजी समेत कई विशेष विभाग उपलब्ध हैं और अस्पताल का उद्देश्य किफायती व भरोसेमंद इलाज देना है।
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