
गुलाबी ई-बसों से बदलेगी आबोहवा, ट्रायल रन शुरु, 8 शहरों में ई-बसें चलाने की तैयारी…
GPS, CCTV और पैनिक बटन से लैस 300+ गुलाबी ई-बसें जून तक
जयपुर में JCTSL का 3 दिवसीय ट्रायल शुरू, 9-12 मीटर की आधुनिक बसें सड़कों पर
केंद्र की ई-बस सेवा योजना के तहत 1150 बसें, पहले चरण में 150 जयपुर को
कम होगा वायु व ध्वनि प्रदूषण, डीजल खर्च में भी आएगी बड़ी कमी
महावीर,
जयपुर, dusrikhabar.com, राजधानी जयपुर में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और प्रदूषण-मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए गुलाबी इलेक्ट्रिक बसें गुरुवार को सड़कों पर दौड़ती नजर आईं। Jaipur City Transport Services Limited (JCTSL) ने 3 दिवसीय ट्रायल रन की शुरुआत की है, जिसमें 9 और 12 मीटर लंबाई की नई पीढ़ी की ई-बसों की तकनीकी क्षमता, बैटरी परफॉर्मेंस और यात्री सुविधाओं का परीक्षण किया जा रहा है।
अगर ट्रायल सफल रहा, तो जून तक 300 से अधिक नई इलेक्ट्रिक बसें जयपुर की सिटी ट्रांसपोर्ट व्यवस्था की तस्वीर बदल सकती हैं।
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अग्रवाल फार्म से शुरू हुआ ट्रायल, प्रमुख रूटों पर होगी जांच
पहली गुलाबी ई-बस सुबह 11 बजे अग्रवाल फार्म से रवाना हुई। तीन दिन तक चलने वाले इस ट्रायल में बसों को शहर के प्रमुख मार्गों पर चलाकर उनकी लोड क्षमता, चार्जिंग एफिशिएंसी और संचालन की व्यवहारिक स्थिति का मूल्यांकन किया जाएगा। ट्रायल के बाद तैयार तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर नियमित संचालन की अंतिम तिथि तय की जाएगी। फिलहाल दो इलेक्ट्रिक बसों का परीक्षण शुरू किया गया है।
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जयपुर सहित 8 शहरों को पहले चरण में मिलेंगी 675 बसें
JCTSL के प्रबंध निदेशक नारायण सिंह के अनुसार, केंद्र सरकार की ई-बस सेवा योजना के तहत राजस्थान को कुल 1150 इलेक्ट्रिक बसें मिलनी हैं। इनमें से पहले चरण में 675 बसों का आवंटन किया गया है। जयपुर को शुरुआती चरण में 150 बसें मिलेंगी। इसके बाद 168 और फिर 150 नई बसें और शामिल की जाएंगी। शहर के बगराना और टोडी डिपो को संचालन के लिए तैयार किया गया है, जहां पहले चरण में दोनों डिपो को 75-75 बसें आवंटित की जाएंगी। इसके साथ ही अलवर को 50, अजमेर को 100, कोटा को 100, भीलवाड़ा को 50, उदयपुर को 50, जोधपुर को 100, बीकानेर को 75, ई-बसें मिलेंगी।
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यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर विशेष फोकस
नई इलेक्ट्रिक बसों में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। बसों में आधुनिक फीचर्स शामिल हैं:
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GPS ट्रैकिंग सिस्टम
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CCTV कैमरे
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पैनिक बटन
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ऑटोमेटिक दरवाजे
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दिव्यांगजनों के लिए विशेष रैंप
इन सुविधाओं के कारण सफर न केवल सुरक्षित बल्कि आरामदायक और शोर-रहित भी होगा।
प्रदूषण में कमी, ईंधन खर्च में बचत
जयपुर में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण दोनों में उल्लेखनीय कमी आएगी। चूंकि ये बसें डीजल के बजाय बिजली से चलती हैं, इसलिए ईंधन खर्च में भी भारी कमी होगी। पारंपरिक बसों की तुलना में इलेक्ट्रिक बसें काफी कम आवाज करती हैं, जिससे शहर का वातावरण अधिक शांत और स्वच्छ बनेगा।
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बदलेगी शहर की पब्लिक ट्रांसपोर्ट तस्वीर
राजधानी में गुलाबी ई-बसों का आगमन स्मार्ट और सतत परिवहन व्यवस्था की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। यदि ट्रायल सफल रहता है, तो जून तक 300 से ज्यादा बसों के संचालन से जयपुर की पब्लिक ट्रांसपोर्ट प्रणाली आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल रूप में नजर आएगी।
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