
पुराने दर्द से जूझ रहे मरीजों के लिए राहत की नई उम्मीद: गीतांजलि हॉस्पिटल उदयपुर में RFA सुविधा शुरू
गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में RFA सुविधा शुरू
RFA का उपयोग घुटने, जोड़ों और रीढ़ के पुराने दर्द में संभव
कैंसर से जुड़े दर्द के मामलों में भी यह उपचार हो सकता विकल्प
माही राठौड़,
उदयपुर, dusrikhabar.com। लंबे समय से दर्द के साथ जिंदगी गुजार रहे मरीजों के लिए गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में उपचार का एक नया विकल्प उपलब्ध हुआ है। अस्पताल के एनेस्थीसियोलॉजी, क्रिटिकल केयर एवं पेन मेडिसिन विभाग में रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन (RFA) की सुविधा शुरू की गई है। यह तकनीक उन चुनिंदा मरीजों के लिए उपयोगी हो सकती है, जिन्हें दवाइयों और सामान्य उपचार से पर्याप्त राहत नहीं मिल पाती। अस्पताल में इस सुविधा का शुभारंभ 31 अगस्त 2026 को किया गया।
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दर्द सिर्फ शरीर की तकलीफ नहीं, रोजमर्रा की जिंदगी भी प्रभावित करता है
लंबे समय तक रहने वाला दर्द मरीज की दिनचर्या को काफी प्रभावित कर सकता है। उठने-बैठने, चलने-फिरने और रोजमर्रा के सामान्य काम करने में परेशानी होने से व्यक्ति की जीवनशैली और जीवन की गुणवत्ता पर भी असर पड़ता है।
ऐसे मरीजों के लिए उपचार का सही विकल्प चुनना महत्वपूर्ण होता है। इसी दिशा में RFA सुविधा की शुरुआत को लंबे समय से दर्द से परेशान मरीजों के लिए एक अतिरिक्त उपचार विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।
किन मरीजों में RFA का हो सकता है इस्तेमाल?
विभागाध्यक्ष डॉ. अलका छाबड़ा ने बताया कि RFA का उपयोग उचित रूप से चयनित मरीजों में किया जा सकता है। इसमें मुख्य रूप से घुटने और जोड़ों के पुराने दर्द, रीढ़ से संबंधित दर्द और कैंसर से जुड़े दर्द जैसी स्थितियां शामिल हो सकती हैं।
उन्होंने बताया कि इस उपचार का उद्देश्य केवल दर्द को कम करना नहीं है, बल्कि मरीज को अपनी रोजमर्रा की गतिविधियां बेहतर तरीके से करने में मदद करना और जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना भी है।
समारोह में RFA की कार्यप्रणाली समझाई गई
RFA सुविधा का शुभारंभ गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री अंकित अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ चिकित्सकों और विभागीय फैकल्टी की मौजूदगी रही। इस दौरान डॉ. चारु शर्मा ने RFA को लेकर विशेष प्रस्तुति दी। उन्होंने इसकी कार्यप्रणाली, उपयोग, प्रक्रिया और मरीजों के चयन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी साझा की।
सही जांच के बाद ही उपचार का फैसला
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि लंबे समय से दर्द झेल रहे हर मरीज के लिए एक जैसा उपचार उपयुक्त नहीं होता। मरीज की स्थिति की सही जांच और चिकित्सकीय मूल्यांकन के बाद ही यह तय किया जाता है कि उसके लिए RFA या कोई अन्य उपचार विकल्प उपयुक्त है या नहीं।
इस सुविधा की शुरुआत से ऐसे मरीजों को उपचार का एक और विकल्प मिल सकेगा, जो लंबे समय से दर्द के कारण अपनी सामान्य जिंदगी प्रभावित होते देख रहे हैं।
मानवीय पहलू: दर्द से राहत का मतलब बेहतर जिंदगी
पुराना दर्द केवल शरीर तक सीमित नहीं रहता। लगातार दर्द रहने से मरीज की सक्रियता, नींद, कामकाज और सामान्य जीवन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में दर्द को नियंत्रित करने की दिशा में उपलब्ध होने वाला हर उपयुक्त उपचार विकल्प मरीज के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। RFA सुविधा की शुरुआत इसी उम्मीद से जुड़ी है कि जरूरतमंद और उपयुक्त मरीजों को दर्द में राहत के साथ बेहतर दैनिक जीवन की दिशा में मदद मिल सके।
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