Visitors: 6698814
सिलाई के हुनर से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम, कामधेनु जीवनधारा केंद्र में कार्यशाला

सिलाई के हुनर से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम, कामधेनु जीवनधारा केंद्र में कार्यशाला

पेशेवर प्रशिक्षकों ने 40 प्रशिक्षुओं को दिया प्रशिक्षण

सिलाई की बारीकियां, मशीन की देखभाल और कपड़ों की समझ पर भी दिया व्यावहारिक ज्ञान

भिवाड़ी केंद्र में कंप्यूटर और टेलरिंग के छह-छह महीने के कोर्स हो रहे संचालित 

दोनों पाठ्यक्रमों में कुल 130 छात्र नामांकित

जरूरतमंद चयनित लाभार्थियों को दी जा रही मुफ्त सिलाई मशीनें 

पहल का उद्देश्य कौशल को रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर से जोड़ना

महावीर सिंह

भिवाड़ी/गुरुग्राम,dusrikhabar.com। किसी के लिए सिलाई महज एक हुनर हो सकता है, लेकिन सही प्रशिक्षण मिले तो यही हुनर आजीविका और आत्मनिर्भरता का रास्ता भी खोल सकता है। इसी सोच के साथ कामधेनु जीवनधारा फाउंडेशन की ओर से भिवाड़ी स्थित कौशल विकास केंद्र में प्रशिक्षुओं के लिए विशेष सिलाई कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में करीब 40 प्रशिक्षुओं ने हिस्सा लिया और पेशेवर प्रशिक्षकों से सिलाई की बुनियादी तकनीकों के साथ मशीन संचालन और देखभाल की व्यावहारिक जानकारी हासिल की।

सिलाई मशीन से लेकर कपड़े की पहचान तक मिली व्यावहारिक सीख

कार्यशाला में प्रतिभागियों को केवल सिलाई करने की तकनीक ही नहीं सिखाई गई, बल्कि सिलाई मशीन के सही इस्तेमाल, उसकी आवश्यक देखभाल, कपड़ों की प्रकृति और सुई सहित जरूरी सामग्री के चयन के बारे में भी जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य यह था कि प्रशिक्षु सीखी हुई तकनीक को अपने रोजमर्रा के काम और भविष्य की आजीविका में प्रभावी ढंग से इस्तेमाल कर सकें।

यह प्रशिक्षण सिलाई मशीन निर्माता कंपनी सिंगर की ओर से आयोजित किया गया, जिसमें पेशेवर प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को अभ्यास के माध्यम से सिलाई की बारीकियां समझाईं।

हुनर के साथ आजीविका का रास्ता तैयार करना लक्ष्य

कामधेनु जीवनधारा फाउंडेशन की चेयरपर्सन राधा अग्रवाल ने कहा कि फाउंडेशन कौशल विकास के माध्यम से लोगों को सशक्त बनाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए लगातार काम कर रहा है। उनके अनुसार, इस तरह के व्यावहारिक प्रशिक्षण से प्रशिक्षुओं को सिलाई तकनीक के साथ-साथ मशीन और कपड़ों की बेहतर समझ मिलती है।

उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद प्रतिभागी टेलरिंग को आजीविका के विकल्प के रूप में अपनाने और सिलाई मशीनों का अधिक प्रभावी इस्तेमाल करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

130 छात्र सीख रहे कंप्यूटर और टेलरिंग का हुनर

भिवाड़ी स्थित कामधेनु जीवनधारा कौशल विकास केंद्र में वर्तमान में छह महीने की अवधि वाले कंप्यूटर प्रशिक्षण और टेलरिंग के दो कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। दोनों पाठ्यक्रमों में कुल 130 छात्र नामांकित हैं। विद्यार्थियों को 10 से 15 छात्रों के पांच बैचों में प्रशिक्षण दिया जाता है।

केंद्र के संचालन के लिए एक सेंटर इनचार्ज के साथ प्रत्येक कोर्स के लिए दो पेशेवर प्रशिक्षक नियुक्त हैं, ताकि प्रशिक्षणार्थियों को नियमित और व्यावहारिक मार्गदर्शन मिल सके।

2019 से सैकड़ों महिलाओं तक पहुंचा कौशल विकास का प्रयास

कामधेनु जीवनधारा फाउंडेशन वर्ष 2019 से कौशल विकास कक्षाएं संचालित कर रहा है। इस पहल के जरिए अब तक सैकड़ों महिलाओं को प्रशिक्षण का लाभ मिला है। उद्देश्य केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को ऐसा हुनर उपलब्ध कराना है, जिससे वे अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों में योगदान देने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर हासिल कर सकें।

फाउंडेशन की ओर से जरूरत के आधार पर चयनित लाभार्थियों को मुफ्त सिलाई मशीनें भी उपलब्ध कराई जाती हैं। इससे प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों के लिए सीखे हुए हुनर को आगे बढ़ाकर काम में बदलने की संभावना और मजबूत होती है।

—————————————   

#KamdhenuJivandhara, #KamdhenuGroup, #SewingTraining, #SewingWorkshop, #SkillDevelopment, #WomenEmpowerment, #Tailoring, #Bhiwadi, #CSR, #EmploymentTraining, #SelfReliance, कामधेनु जीवनधारा फाउंडेशन, सिलाई कार्यशाला, कौशल विकास, महिला सशक्तीकरण, टेलरिंग प्रशिक्षण, भिवाड़ी कौशल विकास केंद्र, सिलाई मशीन प्रशिक्षण, आजीविका के अवसर

CATEGORIES
TAGS
Share This