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राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर जयपुर के जेकेके में राज्य स्तरीय समारोह, बुनकर राज्यस्तरीय पुरस्कार से सम्मानित…

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर जयपुर के जेकेके में राज्य स्तरीय समारोह, बुनकर राज्यस्तरीय पुरस्कार से सम्मानित…

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस: जेकेके में दिखी बुनकरों की प्रतिभा

मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ बोले– भारतीय हथकरघा को पीएम मोदी ने दिलाई वैश्विक पहचान

युवाओं से अपील, हाथ से बने वस्त्र पहनें और उनकी कहानी सोशल मीडिया पर डालें

बाड़मेर के युवा बुनकर बरीगा राम को राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार-2025 से किया गया सम्मानित

9 अगस्त तक 60 स्टॉल वाली हथकरघा प्रदर्शनी आमजन के लिए रहेगी खुली

विजय श्रीवास्तव,

जयपुर,dusrikhabar.com। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर जयपुर के जवाहर कला केंद्र (जेकेके) में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में राजस्थान की समृद्ध बुनकरी परंपरा और हस्तनिर्मित उत्पादों का भव्य प्रदर्शन देखने को मिला। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय हथकरघा उत्पादों को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे हाथ से बने वस्त्र पहनें और उनकी कहानी सोशल मीडिया पर साझा करें, ताकि स्थानीय बुनकरों को नया बाजार और सम्मान मिल सके।

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प्रधानमंत्री के प्रयासों से भारतीय हथकरघा को मिली वैश्विक पहचान

समारोह को संबोधित करते हुए उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि भारतीय हथकरघा केवल वस्त्र निर्माण नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत, परंपरा और शिल्प कौशल का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं समय-समय पर देश के बुनकरों द्वारा तैयार किए गए वस्त्र धारण कर इस कला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देते रहे हैं।

उन्होंने कहा कि दुनिया के प्रतिष्ठित फैशन और लाइफस्टाइल ब्रांड भी अब भारतीय बुनकरों के साथ साझेदारी कर रहे हैं, जिससे स्थानीय कारीगरों को नए अवसर मिल रहे हैं।

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युवाओं से अपील: हथकरघा पहनें, उसकी कहानी सोशल मीडिया पर बताएं

कर्नल राठौड़ ने युवाओं से आग्रह किया कि वे हैंडलूम वस्त्रों को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि केवल कपड़ा पहनना ही नहीं, बल्कि धागे से लेकर बुनाई और तैयार होने तक की पूरी कहानी सोशल मीडिया पर साझा करें, ताकि देशभर में हथकरघा उत्पादों के प्रति जागरूकता बढ़े और बुनकरों को आर्थिक मजबूती मिले।

उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार बुनकरों एवं हस्तशिल्पियों के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही हैं, जिनका उद्देश्य उनकी आय बढ़ाना और पारंपरिक कला को संरक्षित करना है। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने हथकरघा प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा विभिन्न जिलों से आए बुनकरों से संवाद कर उनके उत्पादों और कार्यप्रणाली की जानकारी ली।

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राष्ट्रीय हथकरघा दिवस: जेकेके में दिखी बुनकरों की प्रतिभा, 9 अगस्त तक 60 स्टॉल वाली हथकरघा प्रदर्शनी

राज्य स्तरीय बुनकर पुरस्कार स्वरूप चैक और प्रमाण पत्र के साथ बुनकर उद्योग के आर्टीजन्स।

उत्कृष्ट बुनकरों को मिला राज्य स्तरीय सम्मान

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले बुनकरों को राज्य स्तरीय बुनकर पुरस्कार प्रदान किए गए।

पुरस्कार प्राप्त बुनकर:

  • प्रथम पुरस्कार: जालोर के कानाराम – कॉटन एवं सिल्क साड़ी निर्माण।
  • द्वितीय पुरस्कार: नागौर के सोहनराम – कलात्मक दरी निर्माण।
  • तृतीय पुरस्कार: झालावाड़ की धापूबाई – तोता गागरौनी डबल बेडशीट निर्माण।
  • सांत्वना पुरस्कार: जोधपुर के दिनेश भोबरिया – पंजा दरी।
  • सांत्वना पुरस्कार: बाड़मेर की श्रीमती कबू – टेबल कवर निर्माण।

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9 अगस्त तक चलेगी हथकरघा प्रदर्शनी, 60 स्टॉल पर मिलेंगे पारंपरिक उत्पाद

जेकेके में 9 अगस्त तक तीन दिवसीय हथकरघा प्रदर्शनी आयोजित की गई है, जिसमें करीब 60 स्टॉल लगाए गए हैं। प्रदर्शनी में उपलब्ध प्रमुख उत्पादों में—

  • कोटा डोरिया साड़ियां
  • मालानी पट्टू
  • पंजा दरी
  • खेस
  • हैंडलूम बेडशीट
  • दुपट्टे
  • कुशन कवर
  • गृह सज्जा सामग्री
  • हैंडलूम शॉल
  • ऊनी वस्त्र
  • इंडिगो आधारित हैंडलूम उत्पाद
  • साफा एवं पगड़ी के कपड़े

साथ ही भारत सरकार के बुनकर सेवा केंद्र द्वारा हथकरघा तकनीक पर आधारित विशेष थीम पवेलियन भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

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बाड़मेर के युवा बुनकर बरीगा राम को मिला राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार

राजस्थान के लिए गर्व की बात रही कि बाड़मेर जिले के सेड़वा क्षेत्र के आलिसरो की बस्ती निवासी युवा बुनकर बरीगा राम को उनकी उत्कृष्ट पट्टू साड़ी बुनाई कला के लिए राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार-2025 से सम्मानित किया गया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में उन्हें सम्मानित किया। इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण जेकेके में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में भी दिखाया गया, जिसे उपस्थित बुनकरों और अतिथियों ने उत्साहपूर्वक देखा।

पहले ही दिन आर्टिजन्स ने अव्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों पर जाहिर की नाराजगी

गौरतलब है कि प्रदर्शनी के पहले दिन प्रदर्शनी वाले कक्ष के एक हिस्से में मौजूद आर्टिजन्स जिन्होंने हथकरघा प्रदर्शनी में अपनी स्टॉल लगाई है प्रशासन से नाराजगी जाहिर करते हुए नजर आए। स्टॉल्स लगाने वाले कुछ लोगों ने डीसीए जयपुर के अधिकारियों के सामने व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई। कुछ आर्टिजन्स ने नाश्ते-खाने और पानी की अव्यवस्था के साथ साथ स्टॉल वाली जगह पर खराब एसी के कारण गर्मी में परेशान होने और लाइट एवं स्पेस को लेकर भी अधिकारियों को खरी खोटी सुनाई।

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