
चांदी के रथ पर निकले सांवलिया सेठ, भव्य होली: गुलाल से सराबोर मंडफिया
चित्तौड़गढ़ में होली खेलने निकले सांवलिया सेठ, भक्तों का सड़कों पर उमड़ा हुजूम
राजभोग आरती के बाद शालिग्राम स्वरूप का नगर भ्रमण, साढ़े चार घंटे तक उमड़ा जनसैलाब
मथुरा-वृंदावन जैसा दिखा नजारा, देशभर से पहुंचे हजारों श्रद्धालु
भजन-कीर्तन, डीजे और रंगों की फुहारों से भक्तिमय हुआ पूरा मंडफिया कस्बा
कृष्ण मुरारी,
चित्तौड़गढ़, dusrikhabar.com। जिले के प्रसिद्ध श्री सांवलिया जी मंदिर में बुधवार को होली का पर्व अपार श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया। फागोत्सव के इस पावन अवसर पर सांवला सेठ के शालिग्राम स्वरूप को राजभोग आरती के बाद चांदी के रथ पर विराजित कर नगर भ्रमण कराया गया। पूरे मंडफिया कस्बे में ऐसा दृश्य था मानो मथुरा-वृंदावन की होली जीवंत हो उठी हो।
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प्रभु संग खेली गुलाल की होली, भक्ति में डूबा मंदिर परिसर
सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी थी। भक्तों ने ठाकुर जी के दर्शन कर गुलाल उड़ाते हुए जमकर होली खेली। मंदिर में गूंजते भजन-कीर्तन और जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
राजस्थान के साथ-साथ मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात समेत देशभर से आए श्रद्धालुओं ने सांवला सेठ पर गुलाल अर्पित कर रंगों का उत्सव मनाया। हर ओर भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला।
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चांदी के रथ पर नगर भ्रमण, चार घंटे तक गूंजते रहे जयकारे
राजभोग आरती के बाद ठाकुर जी के शालिग्राम स्वरूप को सुसज्जित चांदी के रथ पर विराजमान कर मंडफिया कस्बे की गलियों में नगर भ्रमण कराया गया। जहां-जहां रथ पहुंचा, वहां श्रद्धालुओं ने गुलाल उड़ाकर और भजन गाकर स्वागत किया।
यह भव्य नगर भ्रमण करीब साढ़े चार घंटे तक चला। रथ मंडफिया की अलग-अलग गलियों और चौराहों से गुजरता हुआ शाम को पुनः मंदिर परिसर लौटा। वापसी पर ठाकुर जी के बाल स्वरूप को गर्भगृह में विराजित कर विशेष आरती की गई।
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गलियों में रंगों की बौछार, युवाओं में दिखा खास उत्साह
फागोत्सव के दौरान मंडफिया नगर की हर गली और चौराहे पर रंगों की फुहारें उड़ती नजर आईं। युवाओं ने रंग और पानी के साथ जमकर होली खेली। डीजे की धुनों पर लोग नाचते-गाते झूमते दिखाई दिए।
महिलाएं, युवतियां, बच्चे और बुजुर्ग सभी इस रंगोत्सव में शामिल हुए। खासकर युवा वर्ग में अलग ही उत्साह देखने को मिला। कई युवक-युवतियां रंगों के बीच सेल्फी लेते और मोबाइल पर रील बनाते नजर आए।
रथ वापसी पर भी नहीं थमा जोश
नगर भ्रमण के बाद जब भगवान सांवलिया सेठ का रथ मंदिर की ओर लौटा, तब भी श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर रहा। रास्ते भर लोग जयकारे लगाते, भजन गाते और गुलाल उड़ाते हुए रथ के साथ चलते रहे। रथ की वापसी के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और उमंग में कोई कमी नहीं आई। पूरा मंडफिया नगर रंग, भक्ति और उल्लास से सराबोर नजर आया।

ठाकुर जी के आगमन पर उमड़ी भीड़
जैसे ही ठाकुर जी का रथ नगर की गलियों में पहुंचा, लोग गली-चौराहों पर एकत्रित हो गए। हर ओर गुलाल की रंगत और भक्ति गीतों की गूंज सुनाई दी। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी ने प्रभु संग होली खेलने का आनंद लिया। इस प्रकार चित्तौड़गढ़ के मंडफिया में मनाया गया यह भव्य फागोत्सव श्रद्धा, संस्कृति और सामूहिक उल्लास का अनूठा उदाहरण बन गया।
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