
शिक्षण, शोध और नवाचार को नई दिशा, तकनीकी शिक्षा में एआई का नया अध्याय
जेनरेटिव एआई और एलएलएम पर फोकस, GITS में एआईसीटीई–अटल एफडीपी संपन्न
एआई-पॉवर्ड इमिजिनेशन और जेनरेटिव मॉडल्स पर देश-विदेश के विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
GITS उदयपुर में एआईसीटीई–अटल प्रायोजित छह दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का सफल आयोजन
एआई-पॉवर्ड इमिजिनेशन पर छह दिवसीय राष्ट्रीय एफडीपी, GITS उदयपुर बना ज्ञान केंद्र
उदयपुर,dusrikhabar.com। गीतांजली इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल स्टडीज (GITS), उदयपुर में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE)–अटल अकादमी के प्रायोजन से छह दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का सफल आयोजन किया गया।
“AI-Powered Imagination: Exploring Boundaries of Generation Models” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में देश-विदेश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों और उद्योग जगत के अनुभवी विशेषज्ञों ने सहभागिता निभा कर शिक्षकों को उभरती जेनरेटिव एआई तकनीकों से रूबरू कराया।
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जेनरेटिव AI
GITS उदयपुर में आयोजित इस AICTE–ATAL प्रायोजित FDP का उद्देश्य शिक्षकों को नवीनतम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और जेनरेटिव मॉडल्स की गहराई से समझ प्रदान करना रहा। संस्थान के निदेशक डॉ. एस. एम. प्रसन्ना कुमार ने बताया कि जेनरेटिव एआई जैसी उभरती तकनीकों पर आधारित ऐसे कार्यक्रम संकाय सदस्यों को न केवल तकनीकी रूप से सशक्त बनाते हैं, बल्कि उनके शिक्षण, शोध और नवाचार को भी नई दिशा देते हैं।
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कार्यक्रम की शुरुआत ऑटोएन्कोडर्स, डिफ्यूजन मॉडल्स और GAN आर्किटेक्चर जैसी मूलभूत अवधारणाओं से हुई। इसके साथ ही इंटेलिजेंट विज़न मॉडल्स के लिए CNN आधारित जेनरेटिव एआई, CIFAR डेटासेट पर हैंड्स-ऑन इम्प्लीमेंटेशन तथा नेचर-इंस्पायर्ड ऑप्टिमाइजेशन तकनीकें जैसे स्पाइडर मंकी ऑप्टिमाइजेशन और आर्टिफिशियल अल्गोरिद्म पर विशेष सत्र आयोजित किए गए।

इस फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम में देश-विदेश के ख्यातिप्राप्त वक्ताओं ने अपने अनुभव साझा किए। प्रमुख वक्ताओं में टेक्सास स्टेट यूनिवर्सिटी, यूएसए से डॉ. हीना राठौड़, यूएसए से राहुल अग्रवाल, राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा से डॉ. हरीश शर्मा, एमबीएम यूनिवर्सिटी, जोधपुर से प्रो. डॉ. आलोक सिंह गहलोत, मणिपाल यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु से डॉ. शालीन भटनागर शामिल रहे।
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इनके अलावा रेवा यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु से डॉ. अमृत राव पुरोहित, जी.एच. राय सोनी कॉलेज, नागपुर से डॉ. सारिका खंडेलवाल, कडेल लैब्स से गिरीश आमेटा, O9 सॉल्यूशंस से सुश्री आकांक्षा जैन, सिएरा-सीडर तथा सिक्योर मीटर्स प्रा. लि. से सुश्री सोनिया केसवानी भी प्रमुख वक्ताओं में शामिल रहीं।
कार्यक्रम के कोऑर्डिनेटर डॉ. मयंक पटेल ने बताया कि इस FDP में एजेंटिक एआई, ऑटोनॉमस डिजिटल वर्कर्स, हेल्थकेयर में जेनरेटिव एआई के अनुप्रयोग, सप्लाई चेन में जोखिम एवं मांग पूर्वानुमान, क्लाउड आधारित एंटरप्राइज सिस्टम्स, LLM के साथ एकीकरण और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के ढांचे पर भी विस्तृत जानकारी दी गई।
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इस राष्ट्रीय स्तर के FDP में देश के 50 शहरों से कुल 240 फैकल्टी मेंबर्स ने भाग लिया। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. रूचि व्यास द्वारा किया गया। इस अवसर पर वित्त नियंत्रक बी.एल. जागिंड ने कहा कि सीमित संसाधनों में भी उच्च गुणवत्ता वाला ऐसा कार्यक्रम आयोजित करना संस्थान की दूरदर्शी सोच और मजबूत एकेडेमिक योजना को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम संकाय सदस्यों के कौशल विकास के साथ-साथ संस्थान की शैक्षणिक प्रतिष्ठा को भी सुदृढ़ करते हैं।
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