
तीसरी वेदांता जिंक सिटी हाफ मैराथन बनी फिटनेस, सामाजिक सरोकार और उदयपुर की जिंक विरासत का संगम
दौड़ते कदमों के साथ सेहत की सुरक्षा: हिंदुस्तान जिंक मैराथन में गीतांजलि हॉस्पिटल ने संभाला प्रतिभागियों का स्वास्थ्य
मैराथन में पिछली बार से करीब 45% ज्यादा लोगों ने लिया हिस्सा
500 से अधिक मैराथन प्रतिभागियों को मेडिकल एवं फिजियोथेरेपी सेवाएं मिलीं
गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल आयोजन का रहा मेडिकल पार्टनर
कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. रोहिन सेनी ने हृदय स्वास्थ्य और व्यायाम को लेकर किया जागरूक
“फिटनेस के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा” को मैराथन का महत्वपूर्ण संदेश बनाया गया।
-विजय श्रीवास्तव-
उदयपुर, dusrikhabar.com। सुबह की ठंडी हवा, सामने फतेहसागर झील का खूबसूरत नजारा, दूर अरावली की पहाड़ियां और सड़कों पर दौड़ते हजारों कदम… रविवार को उदयपुर का नजारा किसी उत्सव से कम नहीं था। तीसरी वेदांता जिंक सिटी हाफ मैराथन ने शहर को सिर्फ दौड़ का मैदान नहीं बनाया, बल्कि फिटनेस, सामाजिक जिम्मेदारी, समानता और मानवीय जज्बे का साझा मंच बना दिया।
इस बार 9,700 से अधिक धावकों ने ऑन-ग्राउंड और वर्चुअल माध्यम से हिस्सा लिया। पिछले संस्करण की तुलना में यह संख्या करीब 45 प्रतिशत अधिक रही। यानी इस मैराथन ने महज तीन आयोजनों में ही लोगों के बीच अपनी ऐसी जगह बना ली है, जहां अनुभवी धावकों के साथ पहली बार दौड़ने वाले लोग भी पूरे उत्साह से शामिल हो रहे हैं।

शहर में आयोजित हिंदुस्तान जिंक मैराथन ने फिटनेस, अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया। इस आयोजन में गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, उदयपुर ने मेडिकल पार्टनर के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए 500 से अधिक प्रतिभागियों को मेडिकल और फिजियोथेरेपी सेवाएं उपलब्ध कराईं। दौड़ के दौरान प्रतिभागियों की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों और फिजियोथेरेपिस्ट की टीम मौके पर मौजूद रही।
दौड़ सिर्फ जीतने के लिए नहीं, बदलाव के लिए भी, दौड़ के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा पर जोर
मैराथन की सबसे खास बात यह रही कि यहां हर प्रतिभागी के लिए जीत का अर्थ अलग था। किसी के लिए लक्ष्य निर्धारित समय में दौड़ पूरी करना था, तो कोई स्वास्थ्य और फिटनेस को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाने के संकल्प के साथ दौड़ा।
21.097 किलोमीटर हाफ मैराथन, 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर की विभिन्न श्रेणियों में देश-विदेश के धावकों ने हिस्सा लिया। वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं के फिटनेस समूहों, कॉर्पोरेट टीमों, दिव्यांग खिलाड़ियों, अनुभवी रनर्स और पहली बार दौड़ने वालों की भागीदारी ने आयोजन को वास्तव में समावेशी बना दिया। मैराथन में बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। लंबी दूरी की दौड़ के दौरान किसी भी प्रतिभागी को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी न हो, इसे ध्यान में रखते हुए गीतांजलि हॉस्पिटल की मेडिकल एवं फिजियोथेरेपी टीम ने आयोजन स्थल पर सेवाएं दीं।
ग्रामीण युवाओं से लेकर शिक्षा संबल के विद्यार्थियों तक की भागीदारी
मैराथन की मानवीय तस्वीर उस समय और मजबूत हुई, जब राजस्थान के ग्रामीण इलाकों और उदयपुर के अलग-अलग समुदायों के लोगों ने इसमें भाग लिया। हिंदुस्तान जिंक की शिक्षा पहल ‘शिक्षा संबल’ से जुड़े विद्यार्थियों के लिए विशेष चैंपियंस रेस आयोजित की गई। इससे आयोजन में केवल खेल भावना ही नहीं, बल्कि युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें आत्मविश्वास देने का संदेश भी दिखाई दिया।

हृदय स्वास्थ्य से लेकर जोड़ों की देखभाल तक विशेषज्ञों ने दिए टिप्स
आयोजन के दौरान कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. रोहिन सेनी ने प्रतिभागियों को हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया। उन्होंने नियमित व्यायाम और सक्रिय जीवनशैली को स्वस्थ हृदय के लिए महत्वपूर्ण बताया।
वहीं, विभागाध्यक्ष एवं आर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ. रामावतार सेनी ने दौड़ के दौरान घुटनों, जोड़ों और मांसपेशियों को सुरक्षित रखने से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। उन्होंने प्रतिभागियों को शारीरिक क्षमता के अनुसार व्यायाम करने और शरीर के संकेतों को नजरअंदाज नहीं करने की जरूरत बताई।
इस अवसर पर डॉ. पल्लव भटनागर, प्रिंसिपल एवं विभागाध्यक्ष, गीतांजलि फिजियोथेरेपी कॉलेज भी मौजूद रहे और मेडिकल एवं फिजियोथेरेपी सेवाओं के संचालन में टीम के साथ सक्रिय रहे।

इलाज से आगे प्रिवेंटिव हेल्थ पर गीतांजलि का फोकस
गीतांजलि हॉस्पिटल के मार्केटिंग हेड कल्पेश चंद रजबार ने कहा कि हॉस्पिटल की भूमिका केवल बीमारी का इलाज करने तक सीमित नहीं है। लोगों को बीमारियों से बचाव, फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
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उन्होंने कहा कि मैराथन जैसे आयोजन लोगों को नियमित व्यायाम, बेहतर हृदय स्वास्थ्य और शारीरिक सक्रियता के लिए प्रेरित करने का प्रभावी माध्यम हैं। ऐसे आयोजनों में विशेषज्ञ टीम की मौजूदगी से प्रतिभागियों को फिटनेस के साथ अपनी स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर भी जागरूक किया जा सकता है।

हिंदुस्तान जिंक ने गीतांजलि की सेवाओं को सराहा
आयोजन के दौरान हिंदुस्तान जिंक के सीईओ एवं एबीसीआर डायरेक्टर डॉ. मनोज सोनी ने गीतांजलि हॉस्पिटल की मेडिकल सेवाओं और आयोजन में दिए गए सहयोग की सराहना की।
उन्होंने स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर हॉस्पिटल की टीम की भूमिका के लिए आभार व्यक्त किया। मैराथन में गीतांजलि की भागीदारी ने यह संदेश मजबूत किया कि फिटनेस की दौड़ तभी सार्थक है, जब उसके साथ स्वास्थ्य और सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाए।
27 राज्यों और 6 देशों से पहुंचे धावक
वेदांता जिंक सिटी हाफ मैराथन अब उदयपुर की सीमाओं से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान की ओर बढ़ रही है। इस बार 27 राज्यों और 6 देशों के धावकों ने हिस्सा लिया। जयपुर, अहमदाबाद, मुंबई, दिल्ली और गुरुग्राम जैसे शहरों के रनिंग समुदायों के अलावा अमेरिका, स्वीडन, इटली, जापान, इंडोनेशिया और केन्या से भी प्रतिभागी पहुंचे। इन धावकों के साथ आए परिवारों और फिटनेस समूहों ने उदयपुर के होटल, पर्यटन और स्थानीय कारोबार को भी गति देने में भूमिका निभाई।
99.99% शुद्ध जिंक का मेडल बना यादगार निशानी
दौड़ पूरी करने वाले प्रत्येक प्रतिभागी को 99.99 प्रतिशत शुद्ध जिंक से बना विशेष फिनिशर मेडल प्रदान किया गया। यह मेडल केवल रेस पूरी करने की निशानी नहीं था, बल्कि उदयपुर की हजारों वर्षों पुरानी जिंक विरासत, मजबूती, उपलब्धि और जिजीविषा का प्रतीक भी बना। यही खासियत इस मैराथन को दूसरे आयोजनों से अलग पहचान देती है—जिस शहर की पहचान जिंक से जुड़ी है, उसी शहर की दौड़ पूरी करने पर धावकों को जिंक की याद अपने साथ ले जाने का मौका मिला।
बड़े नामों ने किया मैराथन का शुभारंभ
मैराथन का शुभारंभ उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत, उदयपुर रेंज आईजीपी गौरव श्रीवास्तव, उदयपुर कलेक्टर गौरव अग्रवाल, एसपी डॉ. अमृता दुहान, राजसमंद कलेक्टर अरुण हसीजा, राजसमंद एसपी हेमंत कलाल, वेदांता समूह के ग्लोबल सीईओ अरुण मिश्रा और हिंदुस्तान जिंक के सीईओ अमरेंदु प्रकाश सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने किया। इस अवसर पर एनीबडी कैन रन के संस्थापक डॉ. मनोज सोनी तथा हिंदुस्तान जिंक के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
तीसरे संस्करण में बना नया रिकॉर्ड
एसोसिएशन ऑफ इंटरनेशनल मैराथन एंड डिस्टेंस रेस से प्रमाणित और वैश्विक मैराथन कैलेंडर में सूचीबद्ध यह आयोजन तीसरे संस्करण में रिकॉर्ड भागीदारी के साथ नए मुकाम पर पहुंचा।
9,700+ धावक, 27 राज्य, 6 देश, तीन रेस श्रेणियां और ‘रन फोर जीरो हंगर’ का संदेश—इन सभी ने मिलकर इस आयोजन को उदयपुर के प्रमुख खेल आयोजनों में शामिल कर दिया।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि इस दौड़ में हर कदम के पीछे एक कहानी थी—किसी का लक्ष्य बेहतर स्वास्थ्य था, किसी का सपना अपनी पहली रेस पूरी करना, किसी के लिए उपलब्धि हासिल करना और किसी के लिए समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का संदेश देना।
यही वजह है कि वेदांता जिंक सिटी हाफ मैराथन अब सिर्फ एक मैराथन नहीं, बल्कि उदयपुर की बदलती पहचान, सामुदायिक ऊर्जा और सामाजिक सरोकारों का उत्सव बनती जा रही है।
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