
National e-Governance Conference 2026: जयपुर में 1 जुलाई को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा करेंगे शुभारंभ
दो दिवसीय 29वीं राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस कॉन्फ्रेंस राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में कल से
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा करेंगे उद्घाटन, डिजिटल सेवाओं का होगा लोकार्पण
2,700+ प्रतिनिधि, 200+ वक्ता, 1,100 स्टार्टअप्स और 400 शिक्षाविद होंगे शामिल
‘विकसित भारत 2047: AI सक्षम, डेटा संचालित एवं सुरक्षित डिजिटल गवर्नेंस’ इस वर्ष की थीम
42 डिजिटल प्रदर्शनी स्टॉल्स, 16 राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार और AI पिच-ए-थॉन होंगे आकर्षण
डिजिटल गवर्नेंस, AI, डीप टेक, स्मार्ट पुलिसिंग और डेटा आधारित शासन पर होगा व्यापक मंथन
विजय श्रीवास्तव,
जयपुर,dusrikhabar.com। राजस्थान की राजधानी जयपुर एक और राष्ट्रीय स्तर के आयोजन का गवाह बनने जा रही है। 1 और 2 जुलाई को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) में आयोजित होने वाली 29वीं राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस कॉन्फ्रेंस (NCeG-2026) का शुभारंभ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा करेंगे। ‘विकसित भारत 2047: एआई सक्षम, डेटा संचालित एवं सुरक्षित डिजिटल गवर्नेंस’ थीम पर आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन में देशभर से 2,700 से अधिक प्रतिनिधि, 200 से ज्यादा वक्ता, 1,100 स्टार्टअप्स, 400 शिक्षाविद और नीति-निर्माता भाग लेकर डिजिटल शासन के भविष्य पर मंथन करेंगे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा करेंगे उद्घाटन, डिजिटल सेवाओं का होगा लोकार्पण
29वीं राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस कॉन्फ्रेंस का आयोजन भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा राजस्थान सरकार के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।
1 जुलाई को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ भी मौजूद रहेंगे। उद्घाटन समारोह में एनसीईजी प्रदर्शनी का शुभारंभ किया जाएगा और राजस्थान सरकार की विभिन्न जनउपयोगी डिजिटल सेवाओं का लोकार्पण भी होगा।
मंगलवार को RIC में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम सुशासन’ के विजन को साकार करने में डिजिटल गवर्नेंस देश में परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन चुका है।
उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से सरकारी सेवाओं की पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही बढ़ी है तथा नागरिकों और शासन के बीच की दूरी लगातार कम हुई है।
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मंच पर मुख्य सचिव वी श्रीनिवास, उनके दाएं भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग के अतिरिक्त सचिव पुनीत यादव तथा बाएं सरिता चौहान, प्रदेश के सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के शासन सचिव डॉ. रवि कुमार सुरपुर और आयुक्त हिमांशु गुप्ता।
27 राज्य और 9 यूनियन टेरेटरी के प्रतिनिधि होंगे शामिल
मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने बताया कि यह आयोजन DARPG, MEITY और राजस्थान सरकार के संयुक्त तत्वावधान में होगा। इस दो दिवसीय आयोजन में 27 राज्य और 9 यूनियन टेरेटरी के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सीएस ने अनुभव साझा करते हुए पत्रकारों को बताया कि केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के साथ इस तरह की लगभग 11 कॉन्फ्रेंस में वो शामिल हो चुके हैं जिनमें से 8 कॉन्फ्रेंस उन्होंने खुद करवाई हैं।
AI, डेटा और डिजिटल गवर्नेंस के भविष्य पर होगा राष्ट्रीय मंथन
मुख्य सचिव ने बताया कि इस वर्ष सम्मेलन की थीम ‘विकसित भारत 2047: एआई सक्षम, डेटा संचालित एवं सुरक्षित डिजिटल गवर्नेंस’ रखी गई है। इस दो दिवसीय सम्मेलन में 2,700 से अधिक प्रतिनिधि, 200 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय वक्ता, 400 से अधिक शिक्षाविद, 1,100 से ज्यादा स्टार्टअप्स, नीति-निर्माता, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और शोधकर्ता भाग लेंगे।
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42 प्रदर्शनी स्टॉल्स, राष्ट्रीय पुरस्कार और स्टार्टअप्स को मिलेगा बड़ा मंच
मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने जानकारी देते हुए बताया कि सम्मेलन परिसर में 42 से अधिक प्रदर्शनी स्टॉल्स लगाए जाएंगे, जहां केंद्र और राज्यों के डिजिटल नवाचारों के साथ राजस्थान सरकार की प्रमुख ई-गवर्नेंस परियोजनाओं का प्रदर्शन होगा।
इनमें जन आधार, ई-मित्र, राजस्थान संपर्क-181, राजकाज, राज किसान साथी, स्मार्ट गवर्नेंस और स्टेट डेटा सेंटर जैसी परियोजनियां प्रमुख रहेंगी। साथ ही आईटी प्लेटफॉर्म एवं बिल्डिंग ब्लॉक्स हैंडबुक का विमोचन भी किया जाएगा।
सम्मेलन के दौरान कुल 17 पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे जिनमें 16 राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार (स्वर्ण एवं रजत) और एक विशेष जूरी पुरस्कार शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा आईएसबी हैदराबाद के सहयोग से आयोजित राजस्थान AI बिल्डर्स पिच-ए-थॉन में करीब 1,700 स्टार्टअप्स ने भागीदारी दर्ज कराई है। श्रेष्ठ तीन स्टार्टअप्स को क्रमशः 1 लाख, 50 हजार और 25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि के साथ विशेष मेंटरशिप और प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा।
सम्मेलन में नैसकॉम नॉलेज पार्टनर के रूप में सहयोग करेगा, जबकि मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान सहित देश के प्रमुख शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान भी भागीदारी करेंगे।

RIC में दो दिवसीय 29वीं राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस कॉन्फ्रेंस के बारे में जानमारी देते हुए आयुक्त हिमांशु दीक्षित।
6 प्लेनरी सेशन और 6 ब्रेकआउट सेशन
इस मौके पर आयुक्त हिमांशु दीक्षित ने बताया कि सम्मेलन के दौरान 6 प्लेनरी सेशन और 6 ब्रेकआउट सेशन आयोजि होंगे। इनमें प्रमुख विषय होंगे—
- डीप टेक एंड क्वांटम ड्रिवन डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन
- एआई एंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर सिक्योर पब्लिक सर्विसेज
- ग्रासरूट्स गवर्नेंस: डिजिटल डिसेंट्रलाइज्ड, डेटा-ड्रिवन
- एक्सीलेंस इन ई-गवर्नेंस इनिशिएटिव्स बाय गोल्ड अवार्डीज़ ऑफ NCeG 2026 – I
- एक्सीलेंस इन ई-गवर्नेंस इनिशिएटिव्स बाय गोल्ड अवार्डीज़ ऑफ NCeG 2026 – II
- एम्पावरिंग यूथ, एक्सेलरेटिंग इनोवेशन, ट्रांसफॉर्मिंग गवर्नेंस
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सम्मेलन का उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकारों, उद्योग तथा अकादमिक संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाना और विकसित भारत-2047 के लिए डिजिटल शासन की नई दिशा तय करना है।
आज हुई प्रेसवार्ता के दौरान भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग के अतिरिक्त सचिव पुनीत यादव तथा सरिता चौहान, प्रदेश के सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के शासन सचिव डॉ. रवि कुमार सुरपुर, आयुक्त हिमांशु गुप्ता सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारीगण मौजूद रहे।
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