
निवेश-भरोसा-भविष्य: डिजिफेस्ट 2026: स्टार्टअप्स को सक्सेस का नया रोडमैप
राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट-2026
डिजिफेस्ट 2026 में स्टार्टअप्स को मिला सक्सेस मंत्र: फंडिंग से लेकर भरोसे तक बदला ग्रोथ का नजरिया
सिर्फ पैसा नहीं, सोच भी चाहिए! डिजिफेस्ट 2026 में निवेश और कंज्यूमर ट्रस्ट पर बड़ा मंथन
स्टार्टअप्स के लिए फंडिंग से फ्यूचर प्लेटफॉर्म्स तक, डिजिफेस्ट में निवेश और भरोसे की नई परिभाषा
विजय श्रीवास्तव,
जयपुर,dusrikhabar.com। जयपुर के जेईसीसी, सीतापुरा में आयोजित राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट-2026 के तीसरे दिन उद्यमिता, निवेश रणनीति और उपभोक्ता विश्वास के भविष्य को लेकर गहन विमर्श हुआ। “इन्वेस्टर लेंस: फ्रॉम अर्ली बेट्स टू स्केल” और “फ्रॉम क्लिक्स टू केयर: द फ्यूचर ऑफ कंज्यूमर प्लेटफॉर्म्स” जैसे सत्रों में विशेषज्ञों ने स्टार्टअप इकोसिस्टम के सामने खड़े वास्तविक सवालों और अवसरों पर खुलकर चर्चा की।
फंडिंग सिर्फ पैसा नहीं, एक रणनीतिक फैसला
मुग्धा हॉल में आयोजित “इन्वेस्टर लेंस: फ्रॉम अर्ली बेट्स टू स्केल” सत्र में 121 फाइनेंस के फाउंडर डॉ. रवि मोदानी ने ‘आविष्कार’ के विनीत राय, IIT Growth Opportunity Fund के मोहित गुलाटी और Werlinvest के अर्जुन वैद्य से संवाद किया।
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विशेषज्ञों ने कहा कि पूंजी जुटाने का निर्णय केवल वित्तीय नहीं, बल्कि एक गहन व्यक्तिगत और रणनीतिक प्रक्रिया है। निवेश के बाद संस्थापकों को गवर्नेंस, पारदर्शिता और निरंतर जवाबदेही के लिए तैयार रहना पड़ता है।
उन्होंने चेताया कि प्रारंभिक सफलता के बाद कई बार अहंकार और मान्यता की चाह स्केलिंग में बाधा बन जाती है, जिससे विकास-केंद्रित निवेशक पीछे हटते हैं। पैनल में तीन स्पष्ट विकल्पों पर चर्चा हुई:
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सीमित स्केल पर स्थिर रहना,
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आक्रामक विस्तार के लिए पूंजी जुटाना,
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सही समय पर एग्जिट लेना।
विशेषज्ञों के अनुसार, इन विकल्पों को सचेत रूप से न चुनना तनाव और असफलता का कारण बन सकता है। स्व-जागरूकता, स्पष्ट उद्देश्य, मजबूत टीम और अनुशासित निष्पादन को सफलता की कुंजी बताया गया।
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डिजिटल क्लिक्स से आगे ‘केयर’ का दौर
इसी दिन आयोजित “फ्रॉम क्लिक्स टू केयर: द फ्यूचर ऑफ कंज्यूमर प्लेटफॉर्म्स” सत्र में Trueworth Wellness के फाउंडर राजेश मुंदड़ा के साथ Shiprocket के सीईओ अक्षय गुलाटी और Tata 1mg के संस्थापक प्रशांत टंडन ने विचार साझा किए। पैनलिस्ट्स ने कहा कि कंज्यूमर प्लेटफॉर्म्स का भविष्य केवल डिजिटल एंगेजमेंट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वास्तविक देखभाल और भरोसे पर टिकेगा।

विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि प्लेटफॉर्म्स को अब केवल टेक्नोलॉजी मीडिएटर नहीं, बल्कि ग्राहक अनुभव की पूरी जिम्मेदारी लेनी होगी। कंज्यूमर-फर्स्ट और सेलर-फर्स्ट कल्चर अपनाकर ही दीर्घकालिक विश्वास बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि जहां “क्लिक्स” ट्रैफिक लाते हैं, वहीं “केयर” ग्राहक को जोड़े रखती है और सस्ते विकल्पों के बावजूद भुगतान की इच्छा पैदा करती है। दीर्घकालिक सफलता का पैमाना अल्पकालिक ग्रोथ नहीं, बल्कि रिटेंशन, विश्वास और वास्तविक प्रभाव है।
डिजिफेस्ट 2026 से उद्यमियों को क्या संदेश?
राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट-2026 ने स्पष्ट संदेश दिया कि आज का स्टार्टअप इकोसिस्टम केवल तेजी से बढ़ने की दौड़ नहीं, बल्कि सोच-समझकर निवेश लेने, भरोसेमंद प्लेटफॉर्म बनाने और टिकाऊ विकास का नाम है।
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