विश्व पर्यावरण दिवस पर हरित संकल्प: डेयरी कर्मियों ने लिया 8 हजार पौधे लगाने और संवारने का जिम्मा

विश्व पर्यावरण दिवस पर हरित संकल्प: डेयरी कर्मियों ने लिया 8 हजार पौधे लगाने और संवारने का जिम्मा

हर पौधे से जुड़ेगी एक जिम्मेदारी, कर्मचारियों से पौधे गोद लेने की अपील

‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत 8 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य

खाली जमीन पर उगेगी उम्मीद की हरियाली, प्रदेशभर में होगा सघन वृक्षारोपण

पौधों के साथ पक्षियों की भी चिंता, परिसर में लगाए गए परिंडे और दाना पात्र

वृक्षारोपण से आगे बढ़कर संरक्षण पर जोर, हर कर्मचारी अपनाएगा एक पौधा

महावीर सिंह,

जयपुर,dusrikhabar.com। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जयपुर डेयरी परिसर में शुरू हुआ पौधारोपण अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रकृति संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने का संदेश भी दे गया।

डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत 8 हजार पौधे लगाने की घोषणा करते हुए हर कर्मचारी से एक पौधा गोद लेने की अपील की। साथ ही बेजुबान पक्षियों के लिए परिंडे और दाना पात्र लगाकर पर्यावरण संरक्षण के साथ जीव-दया का भी प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया गया।

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विश्व पर्यावरण दिवस पर जयपुर डेयरी से शुरू हुआ हरित अभियान

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जयपुर डेयरी परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने के उद्देश्य से शुरू किया गया। कार्यक्रम में औषधीय और छायादार महत्व वाले अशोक एवं बेल के पौधे लगाए गए।

एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत 8 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य

डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत ने घोषणा की कि जयपुर डेयरी परिसर में करीब 8 हजार पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने कर्मचारियों से अपील की कि प्रत्येक व्यक्ति एक पौधे को गोद लेकर उसकी देखभाल करे, ताकि पौधारोपण केवल औपचारिकता न बनकर स्थायी हरियाली का आधार बने।

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आरसीडीएफ और जिला दुग्ध संघों की खाली भूमि बनेगी हरित क्षेत्र

मंत्री कुमावत ने निर्देश दिए कि प्रदेशभर में आरसीडीएफ एवं जिला दुग्ध संघों की खाली पड़ी भूमि पर सघन वृक्षारोपण किया जाए। उनका मानना है कि सरकारी और संस्थागत परिसरों की अनुपयोगी भूमि को हरित क्षेत्रों में बदलकर पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा दी जा सकती है।

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बेजुबान पक्षियों के लिए परिंडे और दाना पात्र बने आकर्षण का केंद्र

भीषण गर्मी को देखते हुए कार्यक्रम में पक्षियों के लिए पानी के परिंडे और दाना पात्र भी लगाए गए। यह पहल इस बात का संदेश देती है कि पर्यावरण संरक्षण केवल पेड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि जीव-जंतुओं और पक्षियों के संरक्षण से भी जुड़ा हुआ है।

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वृक्षारोपण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान

आरसीडीएफ की प्रबंध संचालक श्रुति भारद्वाज और जयपुर डेयरी के प्रबंध संचालक मनीष फौजदार ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण को जन-आंदोलन का स्वरूप देना होगा। पौधारोपण के साथ उनका संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

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इस अभियान की सबसे खास बात यह रही कि यहां केवल पौधे लगाने की बात नहीं हुई, बल्कि उन्हें परिवार के सदस्य की तरह अपनाने का संदेश दिया गया। एक पौधे को गोद लेने की पहल लोगों को प्रकृति से भावनात्मक रूप से जोड़ती है। वहीं पक्षियों के लिए पानी और भोजन की व्यवस्था ने मानवता और प्रकृति के बीच संतुलन का सुंदर उदाहरण पेश किया।

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