Visitors: 5742379
RGHS में गड़बड़ियों को लेकर अस्पतालों के बाद अब फार्मेसियों पर सरकार की नकेल, 69 फार्मा स्टोर योजना से बाहर…

RGHS में गड़बड़ियों को लेकर अस्पतालों के बाद अब फार्मेसियों पर सरकार की नकेल, 69 फार्मा स्टोर योजना से बाहर…

58 एलोपैथिक और 11 आयुर्वेदिक फार्मा स्टोर RGHS योजना से बाहर 

14 एलोपैथिक फार्मा स्टोरों के औषधि लाइसेंस निरस्त किए

10 फार्मेसी स्टोरों का TMS अस्थायी रूप से बंद किया

एक माह तक दवा नहीं देने वाली फार्मेसियों का TMS होगा निलंबित 

महंगी दवाओं की फर्जी बिलिंग और कृत्रिम मूल्य वृद्धि पर सख्त कार्रवाई

जेनेरिक दवाओं को ब्रांडेड बताकर क्लेम करने वालों पर भी होगी कार्रवाई

नवीन सक्सेना,

जयपुर,dusrikhabar.com। राजस्थान सरकार ने राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन और लाभार्थियों के हितों की रक्षा के लिए अब अस्पतालों के बाद फार्मेसी स्टोरों पर भी सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में अपनाई गई जीरो टॉलरेंसनीति के तहत 58 एलोपैथिक और 11 आयुर्वेदिक फार्मा स्टोरों को आरजीएचएस योजना से बाहर कर दिया गया है। इनमें से 14 एलोपैथिक फार्मा स्टोरों के औषधि लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं, जबकि शेष स्टोरों के लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

read also:कैसा रहेगा आपका आज, क्या कहता है भाग्यांक, 20 जुलाई सोमवार, 2026

साथ ही, 10 फार्मेसी स्टोरों का ट्रांजेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (TMS) अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मरीजों के नाम पर किसी भी प्रकार की फर्जी बिलिंग, दवा मूल्य में कृत्रिम वृद्धि या वित्तीय अनियमितता अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

69 फार्मा स्टोर योजना से बाहर, अनियमितताओं पर कड़ा एक्शन

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता आरजीएचएस के पात्र लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और उचित मूल्य पर दवाएं उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य से 58 एलोपैथिक एवं 11 आयुर्वेदिक फार्मा स्टोरों को योजना से डीलिस्ट कर दिया गया है। इनमें 14 एलोपैथिक स्टोरों के ड्रग लाइसेंस निरस्त किए जा चुके हैं, जबकि 44 एलोपैथिक और 11 आयुर्वेदिक स्टोरों के लाइसेंस निरस्त करने के लिए संबंधित विभागों को पत्र भेजा गया है।

read also:एमपी सरकार न लगाई अफसरों पर लगाम, फ्लाइट में इकोनॉमी क्लास तक सीमित, होटलों में मीटिंग भी बंद…

इसके अलावा, प्रचलित बाजार दर से अधिक कीमत पर दवा बिलिंग करने वाले 10 अनुमोदित फार्मेसी स्टोरों का TMS अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। सरकार ने सभी पैनलबद्ध फार्मेसियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी करते हुए चेतावनी दी है कि यदि कोई फार्मेसी एक माह से अधिक समय तक लाभार्थियों को दवा उपलब्ध नहीं कराती है, तो उसका TMS भी निलंबित कर दिया जाएगा।

जांच में सामने आईं चौंकाने वाली गड़बड़ियां, महंगी दवाओं के फर्जी दावे भी पकड़े गए

प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने बताया कि जांच के दौरान कई ऐसे मामले सामने आए, जिनमें कब्ज और कमजोरी जैसी सामान्य बीमारियों में भी दस हजार रुपये से अधिक मूल्य की आयुष दवाएं लिखी गईं, जिससे सरकारी खजाने पर अनावश्यक वित्तीय भार पड़ा।

read also:शेखावाटी, जैसलमेर, बांसवाड़ा सहित नए डेस्टिनेशन विकसित करने की तैयारी; राजस्थान को पूरे साल मिलेगा पर्यटक: दिया कुमारी

जांच में यह भी सामने आया कि Denosumab 60 mg Injection, जिसकी बाजार कीमत लगभग 6,500 रुपये है, उसका दावा 18,000 रुपये तक प्रस्तुत किया गया। ऐसे मामलों में संबंधित फार्मेसियों से खरीद बिल, जीएसटी चालान, स्टॉक रजिस्टर और अन्य दस्तावेज मांगे गए हैं।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि जेनेरिक दवाओं को ब्रांडेड दवाओं के नाम पर बेचकर क्लेम करने, गलत पैक साइज, गलत उत्पाद कोड, कृत्रिम मूल्य वृद्धि और अप्रमाणित दावों पर रिकवरी के साथ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। पूर्व में प्रस्तुत दावों का भी सिस्टम आधारित ऑडिट किया जाएगा।

ग्रीन फ्लैगसे सम्मानित होंगी ईमानदार फार्मेसियां

राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी (RSHAA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरजीलाल अटल ने बताया कि योजना के तहत पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए सभी अनुमोदित फार्मेसी स्टोरों को नए दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य किया गया है।

read also:सोनम वांगचुक आज खत्म कर सकते हैं अनशन, पत्नी ने रखी ये शर्त, संसद मार्च पर भी की अपील

वहीं, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी निधि पटेल ने बताया कि भविष्य में निर्माता द्वारा अनुमोदित सही पैक साइज, उत्पाद कोड और एमआरपी दर्ज करना अनिवार्य होगा। सभी दावे वास्तविक खरीद बिल, जीएसटी चालान और स्टॉक रजिस्टर के आधार पर ही स्वीकार किए जाएंगे।

सरकार ने एक सकारात्मक पहल करते हुए घोषणा की है कि नियमों का पूर्ण पालन करने, पारदर्शी कार्यप्रणाली अपनाने और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पैनलबद्ध फार्मेसी स्टोरों को “ग्रीन फ्लैग” से सम्मानित किया जाएगा, ताकि ईमानदार संस्थानों को प्रोत्साहन मिल सके।

————————–  

#RGHS, #RajasthanHealth, #Pharmacy, #DrugLicense, #TMS, #BhajanlalSharma, #HealthDepartment, #MedicalAudit, #Healthcare, #ZeroTolerance, #RajasthanGovernment, RGHS, राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम, फार्मेसी कार्रवाई, गजेन्द्र सिंह खींवसर, गायत्री राठौड़, हरजीलाल अटल, निधि पटेल, दवा बिलिंग, TMS, औषधि लाइसेंस, राजस्थान स्वास्थ्य विभाग

CATEGORIES
TAGS
Share This

COMMENTS

Wordpress (0)
Disqus ( )