
चॉकलेट में जिंदा कीड़े, रावत मिष्ठान भंडार पर खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई, बिना लाइसेंस चल रहा था रेस्टोरेंट…
जयपुर में रावत मिष्ठान भंडार की अजमेर रोड-नारायण सिंह सर्किल स्थित दुकानों पर छापेमारी
हेजलनट मिल्क और रोस्टेड चोको आलमंड चॉकलेट में जिंदा और मृत कीड़े मिले
पैकेटबंद मिठाइयों पर न निर्माण की तारीख, न एक्सपायरी डेट
बेकरी काउंटर के नीचे मिले मृत कॉकरोच और मक्खियां
नारायण सिंह सर्किल स्थित रेस्टोरेंट बिना वैध खाद्य लाइसेंस के हो रहा था संचालित
पिज्जा टॉपिंग, ब्रेड, पाव, क्रीम सहित अवधिपार मिलीं कई खाद्य सामग्री
महावीर सिंह
जयपुर, dusrikhabar.com। त्योहारों और खुशियों के मौके पर परिवारों के लिए मिठाइयां खरीदना हमारी रोजमर्रा की परंपरा का हिस्सा है। लेकिन जब इन्हीं मिठाइयों और चॉकलेट की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हों, तो मामला सिर्फ खाद्य सुरक्षा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लोगों के भरोसे और स्वास्थ्य से भी जुड़ जाता है। जयपुर में रावत मिष्ठान भंडार की दो दुकानों पर खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी में ऐसी ही कई गंभीर कमियां सामने आई हैं।
अजमेर रोड और नारायण सिंह सर्किल स्थित प्रतिष्ठानों पर की गई कार्रवाई के दौरान टीम को चॉकलेट और बेकरी उत्पादों में जिंदा और मृत कीड़े, गंदगी, अवधिपार खाद्य सामग्री तथा पैकेजिंग से जुड़ी अनियमितताएं मिलीं। जांच में यह भी सामने आया कि एक स्थान पर रेस्टोरेंट बिना वैध खाद्य लाइसेंस के संचालित हो रहा था। विभाग ने रेस्टोरेंट बंद करवाने के साथ खाद्य पदार्थों के नमूने भी जांच के लिए लिए हैं।
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मिठाई और बेकरी उत्पादों की गुणवत्ता पर उठे सवाल
खाद्य सुरक्षा टीम ने सबसे पहले अजमेर रोड स्थित रावत मिष्ठान भंडार की दुकान का निरीक्षण किया। यहां बिक्री काउंटर और चिलर में रखी पैकेटबंद मिठाइयों पर जरूरी जानकारियां दर्ज नहीं थीं। पैकेट पर निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट और पैकेजिंग से संबंधित अनिवार्य विवरण उपलब्ध नहीं मिले।
निरीक्षण के दौरान बेकरी काउंटर के नीचे मृत कॉकरोच और मक्खियां मिलने से साफ-सफाई की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए। मिठाई बनाने वाले स्थान पर जमीन पर खाद्य सामग्री के अवशेष और गंदगी पाई गई। कच्चे माल के भंडारण की जगहों पर भी कमियां सामने आईं।
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ उनकी तैयारी और भंडारण में स्वच्छता का ध्यान रखना भी जरूरी है। खासकर उन प्रतिष्ठानों में जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग खाने-पीने का सामान खरीदते हैं।
चॉकलेट में मिले जिंदा और मृत कीड़े
जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को परोसने के तरीके में भी लापरवाही मिली। सबसे गंभीर मामला कोल्ड स्टोरेज में रखी पैकेटबंद चॉकलेट से जुड़ा सामने आया। यहां रावत मिष्ठान भंडार के नाम से तैयार और पैक किए गए हेजलनट मिल्क और रोस्टेड चोको आलमंड हैंडक्राफ्टेड चॉकलेट में जिंदा और मृत कीड़े पाए गए।
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इन उत्पादों के पैकेट पर भी खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अनुरूप जरूरी जानकारियां पूरी नहीं थीं। चॉकलेट जैसे उत्पादों में इस तरह की स्थिति सामने आना उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि पैकेटबंद खाद्य सामग्री खरीदते समय लोग उसकी गुणवत्ता और सुरक्षित होने पर भरोसा करते हैं।
नारायण सिंह सर्किल पर बिना लाइसेंस रेस्टोरेंट
इसके बाद खाद्य सुरक्षा टीम ने नारायण सिंह सर्किल स्थित रावत मिष्ठान भंडार की दूसरी दुकान का निरीक्षण किया। यहां बिना वैध खाद्य लाइसेंस के रेस्टोरेंट संचालित पाया गया। जांच के दौरान रेस्टोरेंट में कई ऐसी खाद्य सामग्री मिलीं, जिनकी एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी। इनमें पिज्जा टॉपिंग, ब्रेड, पाव, फ्रूट कॉकटेल, एमडीएच चना मसाला, बेबी कॉर्न, रेड चिली सॉस, ग्रीन टी, स्वीट कॉर्न और क्रीम सहित अन्य उत्पाद शामिल थे।
अधिकारियों के अनुसार, इन अवधिपार खाद्य सामग्रियों का इस्तेमाल खाद्य पदार्थ तैयार करने में किया जा रहा था। इससे ग्राहकों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हुए। जांच में यह भी सामने आया कि प्रतिष्ठान के पास रेस्टोरेंट संचालन, खाद्य पदार्थों की दोबारा पैकिंग और समोसा-कचौरी निर्माण के लिए आवश्यक श्रेणी का वैध लाइसेंस नहीं था।
रेस्टोरेंट तत्काल बंद, अवधिपार सामग्री नष्ट करवाई
निरीक्षण में सामने आई कमियों के आधार पर खाद्य सुरक्षा टीम ने नारायण सिंह सर्किल स्थित रेस्टोरेंट को तत्काल बंद करवा दिया। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए कि संबंधित गतिविधियों के लिए वैध लाइसेंस प्राप्त होने तक रेस्टोरेंट का संचालन, समोसा-कचौरी का निर्माण और खाद्य पदार्थों की दोबारा पैकिंग नहीं की जाए।
इस प्रतिष्ठान से एक्सोटिक डार्क चॉकलेटियर चॉकलेट और काजू पिस्ता रोल के नमूने भी जांच के लिए लिए गए। इसके अलावा मौके पर मिली अवधिपार खाद्य सामग्री को नष्ट करवाया गया, ताकि उसका इस्तेमाल आगे खाद्य पदार्थ बनाने में नहीं हो सके।
मामला सिर्फ मिठाई की गुणवत्ता का नहीं, ग्राहकों के भरोसे का भी
खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह सवाल सामने रखा है कि बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता की निगरानी कितनी जरूरी है। ग्राहक किसी दुकान से मिठाई, बेकरी उत्पाद या चॉकलेट खरीदते समय यह उम्मीद करता है कि उसे सुरक्षित और मानकों के अनुरूप खाद्य सामग्री मिलेगी।
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खाद्य सुरक्षा का मतलब केवल अच्छा स्वाद या आकर्षक पैकिंग नहीं, बल्कि स्वच्छ निर्माण, सुरक्षित भंडारण, सही लेबलिंग और निर्धारित अवधि के भीतर उत्पाद की बिक्री भी है।
इस मामले में खाद्य सुरक्षा टीम ने निरीक्षण, नमूना संग्रह, अवधिपार सामग्री नष्ट करवाने और रेस्टोरेंट बंद करवाने जैसी कार्रवाई की है। अब लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट से खाद्य उत्पादों की वास्तविक गुणवत्ता के संबंध में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
बहरहाल त्योहारी सीजन में लोगों से अधिक से अधिक मुनाफा कमाने की तो चारों तरफ होड़ सी मची है लेकिन ग्राहक को जो क्वालिटी मिलनी चाहिए वो नहीं मिल पा रही बल्कि एक्सपाइरी डेट और जिंदा कीड़ों वाली खाद्य सामग्री परोसी जा रही है। इसमें रावत मिष्ठान भंडार जैसे नामी गिरामी संस्थान भी शामिल हैं ये जानकार और भी आश्चर्य होता है क्योंकि ऐसी दुकानों पर लोग साफ सफाई और हाइजीन के कारण आंख बंद करके भरोसा कर लेते हैं। हालांकि रावत मिष्ठार भंडार पहले भी अपनी प्रदूषित खाद्य सामग्री के लिए मीडिया की सुर्खियां बटोर चुका है। बावजूद इसके लापरवाही और गैर जिम्मेदारी के हालात बदस्तूर जारी हैं।
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