
किलों-महलों से आगे बढ़ा राजस्थान का पर्यटन, आरडीटीएम ने दिखाई नए अनुभवों की दुनिया…
राजस्थान घूमने की कहानी बदली, RTDM ने दिखाए गांव, संस्कृति-अनुभवों के नए रास्ते
आरडीटीएम 2026 का छठा संस्करण जयपुर में आयोजित
18 सितंबर को एग्जीबिशन का उद्घाटन किया मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने
‘स्टोरीज, जर्नीज, स्माइल्स’ की थीम पर सजा आरडीटीएम
18Sep.को आगाज, 19को करीब 21हजार B2B बैठकें, अब मारवाड़ ट्रैवल मार्ट की बारी
देशभर से 300 ट्रैवल एजेंट्स, राजस्थान की 700 से अधिक प्रॉपर्टीज-टूर कंपनियां पहुंची
करीब 160 पवेलियन में पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी उत्पाद किए गए प्रदर्शित
पहली बार वेडिंग और इवेंट इंडस्ट्री को भी मिला विशेष मंच
राजस्थान के ग्रामीण, सांस्कृतिक, विरासत और अनुभव आधारित पर्यटन पर जोर रहा।
20 सितंबर से जोधपुर में पहले मारवाड़ ट्रैवल मार्ट का आगाज
माही राठौड़/विजय श्रीवास्तव
जयपुर, dusrikhabar.com। राजस्थान का पर्यटन अब सिर्फ किलों, महलों और पारंपरिक पर्यटन स्थलों तक सीमित नहीं रहना चाहता। गांवों की जिंदगी, स्थानीय खान-पान, हस्तशिल्प, लोक संगीत, वाइल्डलाइफ, वेलनेस, एडवेंचर, वेडिंग और नए अनुभव भी राजस्थान की पर्यटन पहचान का हिस्सा बन रहे हैं। इसी सोच को कारोबार और पर्यटन बाजार से जोड़ते हुए राजस्थान डोमेस्टिक ट्रैवल मार्ट (RDTM) 2026 का छठा संस्करण जयपुर में आयोजित हुआ।
18 सितंबर को बी.एम. बिड़ला ऑडिटोरियम/कन्वेंशन सेंटर में एग्जीबिशन के उद्घाटन के साथ शुरू हुए इस मार्ट में देशभर से करीब 300 ट्रैवल एजेंट्स और राजस्थान की 700 से अधिक प्रॉपर्टीज एवं टूर कंपनियों ने हिस्सा लिया। दो दिनों में 21 हजार से अधिक पूर्व-संरचित बी2बी बैठकें हुईं, जबकि अंतिम दिन दोपहर बाद एग्जीबिशन आम लोगों के लिए भी खोल दी गई।
18 सितंबर: उद्घाटन के साथ पर्यटन कारोबार का बड़ा मंच तैयार
आरडीटीएम के दूसरे दिन राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने एग्जीबिशन का उद्घाटन किया। उन्होंने रिबन काटकर और दीप प्रज्ज्वलित कर मार्ट की औपचारिक शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन कर राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों से आए पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी प्रतिनिधियों से बातचीत की।
मुख्य सचिव ने होटल, हेरिटेज प्रॉपर्टीज, तकनीक, पैलेस ऑन व्हील्स, कैरावैन और सस्टेनेबल टूरिज्म से जुड़े उत्पादों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आरडीटीएम में देशभर से पर्यटन क्षेत्र के लोगों की भागीदारी घरेलू पर्यटन के बढ़ते महत्व को दर्शाती है। इस दौरान पूर्व राजपरिवार के सदस्य सवाई पद्मनाभ सिंह ने भी एग्जीबिशन का अवलोकन किया और विभिन्न पर्यटन उत्पादों की जानकारी ली।

पर्यटन अब ‘देखने’ से आगे ‘महसूस करने’ का अनुभव
पर्यटन सचिव शुचि त्यागी ने कहा कि आज का यात्री केवल प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को देखने तक सीमित नहीं रहना चाहता। वह स्थानीय जीवन, संस्कृति और परंपराओं को करीब से अनुभव करना चाहता है।
इसी वजह से राजस्थान में वेडिंग, ग्रामीण पर्यटन, वाइल्डलाइफ, इको-टूरिज्म, वेलनेस, एडवेंचर, आध्यात्मिक, मॉनसून और एमआईसीई पर्यटन जैसी संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
उनके अनुसार कम चर्चित स्थलों और नए पर्यटन सर्किटों को विकसित करने से पर्यटन का लाभ केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्थानीय समुदायों, कारीगरों, होमस्टे संचालकों, गाइड और छोटे उद्यमियों तक पहुंचेगा।
आरडीटीएम को जिलों तक ले जाने की पहल
पर्यटन आयुक्त रुक्मणी रियार ने कहा कि आरडीटीएम का उद्देश्य घरेलू पर्यटन को मजबूती देने के साथ राजस्थान के पर्यटन उद्योग के लिए नए कारोबारी अवसर पैदा करना है। उन्होंने कम चर्चित पर्यटन स्थलों और स्थानीय उत्पादों को सामने लाने के लिए आरडीटीएम को जिलों तक ले जाने की पहल पर भी जोर दिया।
मार्ट में आए प्रतिनिधियों को आमेर की वास्तुकला, पोलो की खेल विरासत और राजीविका की महिला कारीगरों के हस्तशिल्प जैसे अनुभवों से राजस्थान की विविधता से परिचित कराया गया।
160 पवेलियन में दिखा राजस्थान का पर्यटन संसार
इस वर्ष आरडीटीएम में करीब 160 पवेलियन लगाए गए। इनमें राजस्थान की 700 से अधिक प्रॉपर्टीज और टूर कंपनियों ने अपने उत्पाद और सेवाएं प्रदर्शित कीं।
देश के अलग-अलग हिस्सों से आए करीब 300 ट्रैवल एजेंट्स ने राजस्थान के पर्यटन कारोबारियों के साथ संपर्क स्थापित किया। पहली बार इवेंट और वेडिंग इंडस्ट्री को भी विशेष मंच मिला, जिससे राजस्थान के लिए वेडिंग और एमआईसीई पर्यटन के नए कारोबारी अवसर तलाशे गए।
एफएचटीआर अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह शाहपुरा ने आरडीटीएम को पर्यटन उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बताते हुए कहा कि अब राजस्थान में पर्यटन के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों को भी नए निवेश और रोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है।
19 सितंबर: 21 हजार से ज्यादा बैठकों के साथ आरडीटीएम का समापन
आरडीटीएम 2026 का अंतिम दिन कारोबार की दृष्टि से खास रहा। दो दिनों के दौरान खरीदारों और विक्रेताओं के बीच 21 हजार से अधिक पूर्व निर्धारित बी2बी बैठकें आयोजित हुईं।
इन बैठकों में देशभर से आए डोमेस्टिक टूर ऑपरेटर्स ने राजस्थान के होटल, रिसॉर्ट, हेरिटेज प्रॉपर्टीज, अनुभव आधारित पर्यटन और अन्य सेवाओं की जानकारी ली। दूसरी ओर राजस्थान के पर्यटन कारोबारियों को नए बाजारों और संभावित व्यावसायिक साझेदारों तक पहुंच बनाने का अवसर मिला। इस तरह आरडीटीएम केवल प्रदर्शनी नहीं रहा, बल्कि पर्यटन उत्पाद को बाजार और खरीदार से जोड़ने वाला कारोबारी मंच भी बना।
राजस्थान टूरिज्म पवेलियन में दिखा अनुभवों वाला राजस्थान
आरडीटीएम में राजस्थान टूरिज्म का पवेलियन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। यहां राज्य की संस्कृति, विरासत, स्थापत्य, खान-पान और लोक परंपराओं को नए पर्यटन अनुभवों के साथ प्रस्तुत किया गया।
पर्यटकों को ग्रामीण परिवारों के साथ ठहरने, स्थानीय लोगों के साथ पारंपरिक भोजन तैयार करने, कम प्रसिद्ध इलाकों में साइक्लिंग करने और स्थानीय समुदाय की नजर से राजस्थान को समझने जैसे अनुभवों से जोड़ने की संभावनाएं दिखाई गईं।
जिम्मेदार पर्यटन को भी प्रमुखता दी गई। बावड़ियों के संरक्षण और मंगणियार समुदाय के पारंपरिक वाद्य कमायचा जैसी सांस्कृतिक विरासतों के संरक्षण के प्रयासों को प्रदर्शित किया गया।

जब पर्यटन बाजार में लोक संस्कृति भी बनी मेहमाननवाजी का हिस्सा
आरडीटीएम में राजीविका के कारीगरों और राजस्थान के लोक कलाकारों को भी मंच मिला। हस्तशिल्प की प्रदर्शनी के साथ राजस्थानी लोक संगीत ने मार्ट के कारोबारी माहौल में स्थानीय संस्कृति का रंग भर दिया। यह पहल इस मायने में भी महत्वपूर्ण रही कि पर्यटन से होने वाले आर्थिक लाभ को स्थानीय कला, शिल्प और समुदायों से जोड़ने का संदेश सामने आया।

मिलेट केक से प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन मनाया
आरडीटीएम के उद्घाटन समारोह के दौरान एफएचटीआर प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। इस अवसर पर जोधपुर से मंगाए गए मिलेट से तैयार विशेष केक को काटकर जन्मदिन की शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम के माध्यम से राजस्थान की पारंपरिक मिलेट खाद्य संस्कृति और स्वस्थ जीवनशैली में ‘श्री अन्न’ के महत्व को भी रेखांकित किया गया।
अब जयपुर से जोधपुर की ओर बढ़ेगा पर्यटन कारोबार
आरडीटीएम के समापन के साथ ही पर्यटन उद्योग की नजर अब मारवाड़ ट्रैवल मार्ट (MTM) पर है। जोधपुर में पहली बार आयोजित होने वाला यह तीन दिवसीय मार्ट 20 से 22 सितंबर तक चलेगा।
एमटीएम में करीब 200 होस्टेड बायर्स और 300 नॉन-होस्टेड रजिस्टर्ड बायर्स के शामिल होने की जानकारी दी गई है। इसका फोकस केवल मारवाड़ तक सीमित नहीं होगा, बल्कि पूरे थार डेजर्ट क्षेत्र के पर्यटन उत्पादों और अनुभवों को देशभर के ट्रैवल ट्रेड तक पहुंचाने पर रहेगा।
मार्ट में होटल, रिसॉर्ट, पर्यटन प्रॉपर्टीज और स्थानीय पर्यटन उत्पादों के साथ थार की विरासत, लोक संस्कृति, खान-पान, आतिथ्य और रेगिस्तानी जीवन के अनुभवों को प्रमुखता दी जाएगी। इस तरह जयपुर में आरडीटीएम से शुरू हुआ कारोबारी संवाद अब जोधपुर के रास्ते मारवाड़ और थार के पर्यटन कारोबार तक पहुंचने जा रहा है।
ट्यूर ऑपरेटर्स को करवाई गई शाही ट्रेन की विजिट
19 सितम्बर को ही पीओडब्ल्यू यानी पैलेस ऑन व्हील्स की तरफ से ट्यूर ऑपरेटर्स के लिए एक सरप्राइज विजिट रखी गई जिसमें सभी ट्यूर ऑपरेटर्स को POW की विजिट करवाई गई उन्हें शाही ट्रेन के रूट, फेयर और सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई साथ ही पैलेस ऑन व्हील्स ट्रेन में सभी के लिए छोटा सा गेट टू गेदर रखा गया।
आरडीटीएम की बड़ी तस्वीर
आरडीटीएम 2026 की सबसे महत्वपूर्ण बात केवल 21 हजार से अधिक बी2बी बैठकें नहीं रही, बल्कि यह रही कि पर्यटन को स्थानीय लोगों की जिंदगी और उनकी आजीविका से जोड़ने की कोशिश स्पष्ट दिखाई दी।
एक तरफ होटल, ट्रैवल एजेंट और टूर ऑपरेटर कारोबार के नए रास्ते तलाश रहे थे, तो दूसरी तरफ कारीगर, लोक कलाकार, ग्रामीण समुदाय और छोटे पर्यटन उद्यमी भी इस पूरी प्रक्रिया का हिस्सा बने।
यही बदलाव राजस्थान के पर्यटन को केवल ‘देखने की जगह’ से ‘जीने और महसूस करने के अनुभव’ में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।
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