गीतांजलि विश्वविद्यालय में नई फार्मेसी शिक्षा की दिशा तय, NEP-2020 पर फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम आयोजित

गीतांजलि विश्वविद्यालय में नई फार्मेसी शिक्षा की दिशा तय, NEP-2020 पर फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम आयोजित

Total Visits: 5698082

NEP-2020 के तहत बी.फार्मा पाठ्यक्रम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन पर मंथन

PCI के सहयोग से आयोजित हुआ फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम

AI, OBE और आधुनिक मूल्यांकन प्रणाली पर विशेषज्ञों ने दिए व्याख्यान

100 से अधिक फार्मेसी शिक्षकों ने कार्यक्रम में लिया भाग

संदीप  बहल,

उदयपुर, dusrikhabar.com। बदलते समय के साथ शिक्षा को अधिक व्यावहारिक, तकनीक आधारित और वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने की दिशा में गीतांजलि विश्वविद्यालय ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। गीतांजलि इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी द्वारा फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI), नई दिल्ली के सहयोग से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अंतर्गत बी.फार्मा पाठ्यक्रम (2026) के प्रभावी क्रियान्वयन” विषय पर एक दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को नए पाठ्यक्रम की अवधारणा और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों के लिए तैयार करना था।

read also:भारत की चिकित्सा विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प, 760 स्टूडेंट्स को मिली उपाधि…

शिक्षकों को भविष्य की शिक्षा के लिए किया गया तैयार

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि PCI के उपाध्यक्ष जे.एच. चौधरी ने कहा कि वर्ष 2026 तक पूरे देश में एक समान, आधुनिक और भविष्य उन्मुख बी.फार्मा पाठ्यक्रम लागू करना PCI की प्राथमिकता है। उन्होंने नई शिक्षा नीति के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण फार्मेसी शिक्षा की आवश्यकता पर बल दिया।

AI, OBE और नई मूल्यांकन प्रणाली पर विशेष चर्चा

कार्यक्रम में डॉ. एच. लालहलेनमाविया, डॉ. सरथ चंद्रन सी, प्रो. संदीप ग्रोवर, डॉ. वी.के. मौर्य, डॉ. नीरज उपमन्यु तथा एआई विशेषज्ञ प्रतीक शुक्ला ने व्याख्यान दिए। विशेषज्ञों ने आउटकम बेस्ड एजुकेशन (OBE), ब्लूम्स टैक्सोनॉमी, आधुनिक मूल्यांकन प्रणाली तथा फार्मेसी शिक्षा एवं अनुसंधान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के प्रभावी उपयोग पर विस्तार से जानकारी साझा की।

read also:कैसा रहेगा आपका आज, क्या कहता है भाग्यांक? 17 जुलाई, शुक्रवार, 2026

100 से अधिक शिक्षकों ने लिया भाग

कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न फार्मेसी महाविद्यालयों से 100 से अधिक प्राध्यापकों ने भाग लिया। समापन अवसर पर कार्यक्रम संयोजक डॉ. महेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि गीतांजलि विश्वविद्यालय पारंपरिक शिक्षा को आधुनिक तकनीक और वैश्विक शैक्षणिक मानकों से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।

इस अवसर पर गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के कार्यकारी निदेशक अंकित अग्रवाल, कुलपति डॉ. राकेश कुमार व्यास और कुलसचिव डॉ. अरविंद यादव ने आयोजन समिति को शुभकामनाएं दीं।

read also:कोरोना में लगे स्टेरॉयड से गल रहीं हड्डियां, नसें सिकुड़ीं: 17 वर्षीय युवती बैठ नहीं पाती, युवक का कमर से घुटने तक का हिस्सा नहीं करता काम

——————————————-

#GeetanjaliUniversity, #NEP2020, #BPharm2026, #PharmacyEducation, #PCI, #FacultyDevelopment, #Udaipur, #AIEducation, गीतांजलि विश्वविद्यालय, NEP 2020, बी.फार्मा पाठ्यक्रम 2026, फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, PCI, फार्मेसी शिक्षा, AI इन फार्मेसी

CATEGORIES
TAGS
Share This

COMMENTS

Wordpress (0)
Disqus ( )