
विश्व नशा निषेध दिवस: साई तिरुपति यूनिवर्सिटी में ‘नशा मुक्त भारत’ का संकल्प, युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से किया जागरूक
विश्व नशा निषेध दिवस पर साई तिरुपति यूनिवर्सिटी में जागरूकता कार्यक्रम
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और आरोग्य सेवा संस्थान के विशेषज्ञों ने किया जागरूक
विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में दी जानकारी
सभी प्रतिभागियों ने नशा मुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया
साई तिरुपति यूनि., वेंकटेश्वर कॉलेज ऑफ नर्सिंग एवं NSS संयुक्त तत्वावधान में आयोजन
संदीप बहल,
उदयपुर,dusrikhabar.com। विश्व नशा निषेध दिवस के अवसर पर 26 जून 2026 को उदयपुर स्थित साई तिरुपति यूनिवर्सिटी में वेंकटेश्वर कॉलेज ऑफ नर्सिंग एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के संयुक्त तत्वावधान में ‘नशा मुक्त भारत‘ विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए स्वस्थ, सुरक्षित और नशा मुक्त जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। इस दौरान सभी प्रतिभागियों ने नशा मुक्त भारत के निर्माण का संकल्प भी लिया।
read also:कैसा रहेगा आपका आज, क्या कहता है भाग्यांक? 27 जून, शनिवार, 2026
विश्व नशा निषेध दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम, युवाओं को दिया सकारात्मक संदेश
साई तिरुपति यूनिवर्सिटी परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे की लत से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम का नेतृत्व यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. देवेंद्र जैन, डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. कनुप्रिया तिवारी और प्राचार्य डॉ. विजय सिंह रावत ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और समाज में जागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया।
read also: EUS तकनीक से कैंसर, टीबी और अन्य जटिल रोगों का सटीक निदान संभव…
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने बताए नशे के दुष्प्रभाव
कार्यक्रम में आरोग्य सेवा संस्थान से सुदर्शन सिंह एवं नरपत सिंह चौहान, साथ ही एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के सीआई कवरपाल सिंह और उनकी टीम ने विद्यार्थियों को नशे के बढ़ते खतरे और उसके गंभीर परिणामों की जानकारी दी।
विशेषज्ञों ने बताया कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, शिक्षा, करियर और पूरे समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके खिलाफ जागरूक करने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने ‘नशा मुक्त भारत‘ के निर्माण में अपना योगदान देने का संकल्प लिया।
read also:राजस्थान में बदली परंपराएं, 13 की बेटी का किया राजतिलक…
शिक्षकों और NSS टीम के सहयोग से सफल हुआ आयोजन
इस अवसर पर डॉ. चंद्र प्रकाश देखावत, डॉ. गीतांजलि शर्मा, डॉ. अर्चला, रूपेंद्र सिंह शक्तावत, तनवीर खान और गिरिराज चारण सहित कई शिक्षकों एवं गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में साई तिरुपति यूनिवर्सिटी के राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) सेल के प्रोग्राम ऑफिसर दीपक तेली और आनंद त्रिवेदी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
——————-
