
गीतांजलि मेडिकल कॉलेज उदयपुर में राजस्थान की पहली ‘कोबास प्रो’ मशीन, मरीजों को मिलेगी तेज-सटीक रिपोर्ट
गीतांजलि मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य जांच सेवाओं का नया अध्याय
राजस्थान में पहली बार लगी ‘कोबास प्रो’ मशीन, जांच सेवाओं में आएगा बड़ा बदलाव
200 से अधिक टेस्ट एक साथ, मरीजों को मिलेगी तेज और सटीक रिपोर्ट
मेडिकल स्टूडेंट्स और शोधार्थियों के लिए खुले नए अवसर
उदयपुर,dusrikhbar.com। उदयपुर स्थित गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल की एनएबीएल मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में स्थापित ‘कोबास प्रो नियो आईएसई’ डायग्नोस्टिक ऑटो एनालाइजर मशीन स्वास्थ्य जांच सेवाओं को नई दिशा देने जा रही है। इस मशीन का उद्घाटन हॉस्पिटल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अंकित अग्रवाल ने किया।
मरीजों को मिलेगा त्वरित और भरोसेमंद निदान
गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ने स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल करते हुए राजस्थान में पहली बार अत्याधुनिक ‘कोबास प्रो नियो आईएसई’ ऑटो एनालाइजर मशीन की शुरुआत की है।
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आपको बता दें कि यह तकनीक न केवल मरीजों को कम समय में सटीक जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराएगी, बल्कि गंभीर बीमारियों के समय पर निदान और उपचार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मानवीय दृष्टिकोण से देखें तो यह पहल उन हजारों मरीजों के लिए राहत लेकर आई है, जिन्हें जांच रिपोर्ट के लिए लंबे इंतजार का सामना करना पड़ता था।

गीतांजलि मेडिकल कॉलेज उदयपुर में राजस्थान की पहली ‘कोबास प्रो’ मशीन का लोकार्पण करते हुए हॉस्पिटल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अंकित अग्रवाल एवं अन्य
लैब डायरेक्टर डॉ. आशीष शर्मा के अनुसार, यह मशीन एक साथ 200 से अधिक विभिन्न प्रकार के टेस्ट करने की क्षमता रखती है। इसकी मदद से बड़ी संख्या में सैंपलों की जांच तेज, सटीक और अधिक विश्वसनीय तरीके से की जा सकेगी, जिससे मरीजों को रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
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राजस्थान में पहली बार स्थापित हुई अत्याधुनिक तकनीक
गीतांजलि प्रबंधन के अनुसार, यह अत्याधुनिक तकनीक राजस्थान में पहली बार किसी चिकित्सा संस्थान में स्थापित की गई है। यह उपलब्धि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।
नई मशीन की सहायता से विभिन्न रोगों के निदान में अधिक सटीकता आएगी। चिकित्सकों को उपचार संबंधी निर्णय लेने में बेहतर मदद मिलेगी, जिससे मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
मेडिकल शिक्षा और रिसर्च को मिलेगा नया आयाम
यह तकनीक केवल मरीजों के लिए ही नहीं, बल्कि मेडिकल शिक्षा और शोध के क्षेत्र के लिए भी बेहद उपयोगी साबित होगी। पीजी विद्यार्थियों, शोधार्थियों और मेडिकल स्टूडेंट्स को अत्याधुनिक लैब तकनीकों के साथ कार्य करने का अवसर मिलेगा।
नवीनतम डायग्नोस्टिक प्रक्रियाओं को समझने और शोध गतिविधियों को आगे बढ़ाने में यह मशीन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे विद्यार्थियों की अकादमिक उत्कृष्टता, व्यावहारिक दक्षता और शोध क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

गीतांजलि मेडिकल कॉलेज उदयपुर में राजस्थान की पहली ‘कोबास प्रो’ मशीन
उद्घाटन समारोह में मौजूद रहे प्रमुख पदाधिकारी
इस अवसर पर हॉस्पिटल के सीईओ ऋषि कपूर, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. हरप्रीत सिंह, गीतांजलि यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. अरविंद यादव, डीन डॉ. संगीता गुप्ता, अतिरिक्त प्रिंसिपल डॉ. मनजिंदर कौर सहित वरिष्ठ चिकित्सक, फैकल्टी सदस्य और मेडिकल स्टूडेंट्स उपस्थित रहे।
गीतांजलि प्रबंधन ने इसे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और मेडिकल एजुकेशन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। यह पहल आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों तक अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने की दिशा में एक मजबूत प्रयास मानी जा रही है।
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