
“विकसित भारत-समृद्ध किसान” के संकल्प को मिलेगा नया बल, राजस्थान में प्राकृतिक खेती और कृषि ढांचे पर सरकार का बड़ा फोकस
राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन में राजस्थान की प्राकृतिक खेती मॉडल पर हुई विशेष चर्चा
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने किसानों की आय बढ़ाने पर दिया जोर
जलवायु-अनुकूल खेती और डिजिटल एग्रीकल्चर को लेकर केंद्र-राज्य की साझा रणनीति
खरीफ सीजन से पहले खाद, बीज और पेस्टिसाइड की उपलब्धता पर मंथन
“विकसित भारत-समृद्ध किसान” संकल्प को साकार करने के लिए रोडमैप तैयार करने की तैयारी
नवीन सक्सेना,
जयपुर,dusrikahabr.com। राजस्थान सरकार राज्य में कृषि अवसंरचना को मजबूत बनाने, किसानों की आय बढ़ाने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए तेजी से काम कर रही है। नई दिल्ली के पूसा में आयोजित राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन में कृषि एवं बागवानी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने राजस्थान के किसानों की जरूरतों और कृषि विकास के रोडमैप को मजबूती से रखा।
सम्मेलन में जलवायु-अनुकूल खेती, डिजिटल कृषि, प्राकृतिक खेती और किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने जैसे मुद्दों पर गंभीर मंथन हुआ। इस पहल को किसानों के भविष्य को सुरक्षित और खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
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किसानों की आय बढ़ाने और खेती को आधुनिक बनाने पर जोर
राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि खेती को तकनीक से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक टिकाऊ बनाने की दिशा में तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “विकसित भारत – समृद्ध किसान” विजन को किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला बताया।
प्राकृतिक खेती और जलवायु-अनुकूल कृषि पर हुई व्यापक चर्चा
सम्मेलन में प्राकृतिक खेती, जलवायु-अनुकूल कृषि और टिकाऊ खेती मॉडल पर विशेष चर्चा हुई। डॉ. मीणा ने कहा कि बदलते मौसम और जल संकट को देखते हुए अब किसानों को ऐसी खेती की ओर बढ़ना होगा जो कम लागत में अधिक उत्पादन दे सके और पर्यावरण के अनुकूल हो।
उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को जागरूक करने और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।
खाद, बीज और पेस्टिसाइड समय पर उपलब्ध कराने पर फोकस
कृषि मंत्री ने सम्मेलन में किसानों के लिए सबसे बड़ी जरूरत समय पर खाद, बीज और पेस्टिसाइड उपलब्ध कराने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि किसानों को उचित समय और उचित मूल्य पर कृषि सामग्री मिले, इसके लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए हैं। सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इन सुझावों पर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।
राजस्थान के कृषि विकास का रोडमैप जल्द होगा तैयार
डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि राजस्थान में कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए जल्द ही एक व्यापक कृषि विकास रोडमैप तैयार किया जाएगा। इसमें कृषि अवसंरचना, सिंचाई, आधुनिक तकनीक, प्राकृतिक खेती और किसानों की बाजार तक पहुंच जैसे विषय शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को केवल योजनाओं का लाभ देना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है।
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किसानों के हितों को राष्ट्रीय मंच पर मजबूती से रखा गया
राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन में देशभर से आए कृषि वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों और विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों के बीच राजस्थान की कृषि चुनौतियों और संभावनाओं को प्रमुखता से रखा गया। डॉ. मीणा ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए हर स्तर पर प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि खेती केवल रोजगार नहीं, बल्कि करोड़ों परिवारों के जीवन और भविष्य से जुड़ा विषय है, इसलिए किसानों की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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