
जयपुर में विराट हिन्दू सम्मेलन: ‘पंच परिवर्तन’ से राष्ट्र निर्माण का आह्वान
जयपुर में विराट हिन्दू सम्मेलन: सामाजिक समरसता का सशक्त संदेश
मुरलीपुरा में जुटा सर्व समाज, संतों और समाज प्रतिनिधियों ने रखे विचार
बालिकाओं का तलवार प्रदर्शन बना आकर्षण, शौर्य और संस्कृति का संगम
समाज सेवा में अग्रणी व्यक्तियों और 20 भामाशाहों का हुआ सम्मान
विजय श्रीवास्तव,
जयपुर,dusrikhabar.com। जयपुर के मुरलीपुरा क्षेत्र में आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन में सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्र निर्माण के मुद्दों पर व्यापक मंथन हुआ। कार्यक्रम में वक्ताओं ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा प्रतिपादित पंच परिवर्तन—सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी आचरण और नागरिक कर्तव्य—को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया। सम्मेलन में सर्व समाज की भागीदारी, महिलाओं की सक्रिय उपस्थिति और युवाओं के उत्साह ने आयोजन को विशेष बना दिया।
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‘पंच परिवर्तन’ से सकारात्मक राष्ट्र निर्माण का संदेश
श्री बड़ पीपली बालाजी धाम के महंत प्रमेन्द्र नाथ ने अपने संबोधन में कहा कि पंच परिवर्तन केवल सामाजिक सुधार का कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्र के सामाजिक और आर्थिक ताने-बाने को सुदृढ़ करने का व्यापक अभियान है। उन्होंने कहा कि इन मूल्यों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा और पर्यावरण संरक्षण व ऊर्जा प्रबंधन जैसे विषयों पर भी ठोस दिशा मिलेगी।
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महंत प्रमेन्द्र नाथ ने यह भी कहा कि सनातन संस्कृति की अविरल परंपरा ने समय-समय पर विभिन्न आक्रांताओं और समुदायों को आत्मसात किया है, लेकिन इसकी उदारता को कभी-कभी कमजोरी समझ लिया गया। उन्होंने वैश्विक परिदृश्य का उदाहरण देते हुए समाज में शक्ति और सजगता की आवश्यकता पर बल दिया तथा शास्त्र के साथ शस्त्र ज्ञान को भी प्रासंगिक बताया।

महिला सम्मान और उद्यमिता पर विशेष जोर
विश्व हिन्दू परिषद जयपुर प्रांत के मंत्री राकेश शर्मा ने अपने वक्तव्य में माता जीजाबाई के उदाहरण से बताया कि भारतीय समाज में नारी की प्रतिष्ठा ऐतिहासिक रूप से सुदृढ़ रही है। मुख्य अतिथि उद्यमी वीरेंद्र जांगिड़ ने युवाओं को सरकारी नौकरियों पर निर्भर रहने के बजाय स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। सम्मेलन संयोजक विनोद खूंटेटा ने जानकारी दी कि बड़ी संख्या में महिलाओं ने कलश यात्रा में भाग लेकर सामाजिक समरसता और सद्भाव का संदेश दिया।
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बालिकाओं का शौर्य प्रदर्शन बना आकर्षण
कार्यक्रम में संस्कृति स्कूल की बालिकाओं ने तलवार चलाकर शौर्य प्रदर्शन किया, जिसने उपस्थित जनसमूह को रोमांचित कर दिया। इसके साथ ही गणेश वंदना, सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ और चंग-धमाल की प्रस्तुतियों ने आयोजन को सांस्कृतिक रंग प्रदान किया। आयोजन सचिव शंकरलाल शर्मा ने ऋग्वेद की ऋचाओं के साथ स्वस्ति वाचन किया।
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‘पंच परिवर्तन’ विशिष्ट सम्मान और भामाशाहों का अभिनंदन
सम्मेलन के दौरान समाज सेवा में योगदान देने वाले व्यक्तियों को पंच परिवर्तन विशिष्ट सम्मान से सम्मानित किया गया।
सम्मानित व्यक्तियों में शामिल रहे:
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आदर्श संयुक्त परिवार के लिए संतोष देवी खूंटेटा एवं सूरजलाल सोनी
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पशु-पक्षियों की सेवा के लिए प्रभु सांखला
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गौ संवर्धन और पौध वितरण के लिए मालीराम सैनी
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निःशुल्क चिकित्सा सेवा के लिए डॉ. गोपेश हरित
इसके अतिरिक्त समाज में विविध कार्यों में सहयोग देने वाले 20 भामाशाहों का भी सार्वजनिक अभिनंदन किया गया।

सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना का संदेश
जयपुर हिन्दू सम्मेलन ने यह संदेश दिया कि राष्ट्र निर्माण केवल राजनीतिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और नागरिक दायित्वों के पालन से संभव है। दीप प्रज्ज्वलन के साथ प्रारंभ हुआ यह आयोजन सर्व समाज की भागीदारी और उत्साहपूर्ण वातावरण के बीच संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन डॉ. संजय मिश्रा ने किया।
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