
टोक्यो में गूंजा ‘रॉयल राजस्थान’: जापानी पर्यटकों को मिला शाही मेहमाननवाज़ी और सांस्कृतिक विरासत का न्यौता
टोक्यो में ‘रॉयल राजस्थान‘ पर्यटन रोड शो का आयोजन
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने जापानी पर्यटकों को राजस्थान आने का दिया निमंत्रण
भारतीय दूतावास और राजस्थान पर्यटन विभाग की संयुक्त पहल
राजस्थान की संस्कृति, विरासत, वन्यजीव, डेजर्ट और वेलनेस पर्यटन का व्यापक प्रचार
जापानी टूर ऑपरेटरों ने राजस्थान को भारत का सबसे विशिष्ट सांस्कृतिक गंतव्य बताया
विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने और पर्यटन निवेश को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
माही राठौड़,
जयपुर/टोक्यो, dusrikhabar.com। राजस्थान की रंग-बिरंगी संस्कृति, भव्य किले, शाही महल, रेगिस्तान, वन्यजीव और अतुलनीय आतिथ्य अब जापान के पर्यटन बाजार में नई पहचान बना रहे हैं। भारतीय दूतावास, टोक्यो और राजस्थान पर्यटन विभाग की संयुक्त पहल से आयोजित ‘रॉयल राजस्थान: सेलिब्रेटिंग इंडियाज हैरिटेज, कल्चर एंड टूरिज्म‘ रोड शो में जापानी पर्यटकों को राजस्थान आने का विशेष निमंत्रण दिया गया।

उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी
उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दिया कुमारी के प्रेरक वीडियो संदेश ने कार्यक्रम का आकर्षण बढ़ाया और राजस्थान को जापानी पर्यटकों के लिए भारत का सबसे यादगार पर्यटन गंतव्य बनाने की दिशा में मजबूत संदेश दिया।
राजस्थान की संस्कृति और शाही विरासत ने जीता जापान का दिल
टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास में आयोजित इस विशेष रोड शो का उद्देश्य केवल पर्यटन प्रचार नहीं था, बल्कि राजस्थान और जापान के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत बनाना भी था।
कार्यक्रम का शुभारंभ जापान में भारत की राजदूत नगमा मोहम्मद मलिक के स्वागत संबोधन से हुआ। इसके बाद राजस्थान की प्राकृतिक सुंदरता, विश्व धरोहर स्थलों, शाही महलों, रेगिस्तानी पर्यटन, धार्मिक आस्था और लोक संस्कृति पर आधारित विशेष फिल्म ने उपस्थित लोगों को राजस्थान की यात्रा करने के लिए प्रेरित किया।
सबसे अधिक सराहना उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के वीडियो संदेश को मिली, जिसमें उन्होंने जापानी नागरिकों से कहा कि राजस्थान केवल घूमने की जगह नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति और आत्मीयता का जीवंत अनुभव है।
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महलों से आगे बढ़कर राजस्थान ने दिखाई पर्यटन की नई दुनिया

आनंद त्रिपाठी, वरिष्ठ अतिरिक्त निदेशक, पर्यटन विभाग, राजस्थान
राजस्थान पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अतिरिक्त निदेशक आनंद त्रिपाठी ने जापानी ट्रैवल ट्रेड के सामने राजस्थान की व्यापक पर्यटन संभावनाओं का प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने बताया कि राजस्थान अब केवल किलों और महलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां
- यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल
- लक्ज़री पर्यटन
- डेजर्ट सफारी
- वन्यजीव पर्यटन
- बौद्ध पर्यटन सर्किट
- वेडिंग डेस्टिनेशन
- ग्रामीण पर्यटन
- सांस्कृतिक एवं लोक कला पर्यटन
- एडवेंचर पर्यटन
- एमआईसीई (MICE) पर्यटन
- वेलनेस और सतत पर्यटन
जैसे अनेक आकर्षण उपलब्ध हैं, जो दुनिया भर के यात्रियों को अलग-अलग अनुभव प्रदान करते हैं।
पर्यटन में निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे
प्रस्तुतीकरण में राजस्थान पर्यटन इकाई नीति-2024 के तहत निवेश प्रोत्साहन, पर्यटन उद्योग को उद्योग का दर्जा, विरासत संरक्षण, होमस्टे और पर्यटन अवसंरचना विकास जैसी योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
विशेष रूप से बताया गया कि राजस्थान भारत के 9 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों का प्रमुख केंद्र है वहीं विश्वस्तरीय लक्ज़री होटल और हेरिटेज होटल उपलब्ध हैं। इधर पैलेस ऑन व्हील्स जैसी विश्वप्रसिद्ध लग्ज़री ट्रेन का राजस्थान से संचालन होता है। तो राजस्थान गोल्डन ट्रायंगल सर्किट का महत्वपूर्ण हिस्सा और अंतरराष्ट्रीय डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए सबसे पसंदीदा राज्यों में शामिल है।
यह प्रचार अभियान भविष्य में विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ होटल, ट्रैवल, हस्तशिल्प, परिवहन और स्थानीय रोजगार को भी नई गति देगा।

जापानी टूर ऑपरेटरों ने बताया राजस्थान को सबसे खास भारतीय गंतव्य
कार्यक्रम में जापान के प्रमुख टूर ऑपरेटर टाकेशी मिज़ुनो और सातोरू हारुना ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि राजस्थान जापानी पर्यटकों के बीच भारत का सबसे आकर्षक सांस्कृतिक और विरासत पर्यटन गंतव्य बन चुका है।
उन्होंने बताया कि जापानी पर्यटकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए विशेष राजस्थान-केंद्रित ट्रैवल पैकेज तैयार किए गए हैं, जिनमें विरासत, आध्यात्मिकता, प्रकृति और स्थानीय संस्कृति को विशेष स्थान दिया गया है।
कालबेलिया की थाप पर समाप्त हुआ पर्यटन उत्सव
कार्यक्रम का समापन राजस्थान के विश्वप्रसिद्ध कालबेलिया लोक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति से हुआ। इसके बाद भारतीय और जापानी पर्यटन उद्योग के प्रतिनिधियों के बीच नेटवर्किंग और बिजनेस इंटरैक्शन आयोजित किया गया।
इस अवसर पर HRAR, RATO, FRTO, IHHA, FHTR, ADTOI और होटल एसोसिएशन ऑफ जयपुर सहित राजस्थान के पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र से जुड़े प्रमुख संगठन भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
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