
मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर के 13वें दीक्षांत समारोह का आगाज, दो दिवसीय आयोजन में 4,184 विद्यार्थियों को मिलेंगी डिग्री…
मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर का दो दिवसीय 13वां दीक्षांत समारोह
समारोह में 4,184 विद्यार्थियों को प्रदान की जाएंगी डिग्रियां
मणिपाल यूनिवर्सिटी के विभिन्न श्रेणियों में 62 स्वर्ण पदक
पहले दिन 1,570 से अधिक विद्यार्थियों को दी गईं डिग्रियां
21 स्वर्ण पदक विजेताओं और 18 पीएच.डी. शोधार्थियों को किया गया सम्मानित
दीक्षान्त समारोह के पहले दिन डॉ. एच. एस. बल्लाल रहे मुख्य अतिथि
विजय श्रीवास्तव
जयपुर, dusrikhabar.com। वर्षों की मेहनत, माता-पिता के त्याग, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अपने सपनों को पूरा करने के संकल्प के साथ विद्यार्थी अब जीवन की नई पारी शुरू करने जा रहे हैं। जयपुर स्थित मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर (एमयूजे) के 13वें दीक्षांत समारोह का भव्य शुभारंभ हुआ।
दो दिवसीय इस आयोजन में कुल 4,184 विद्यार्थियों को डिग्रियां और 62 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए जा रहे हैं। समारोह के पहले दिन 1,570 से अधिक विद्यार्थियों को उपाधियां दी गईं, जबकि 21 स्वर्ण पदक विजेताओं और 18 पीएच.डी. शोधार्थियों को सम्मानित किया गया। समारोह में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संदेश भी दिया गया।
read also:कैसा रहेगा आपका आज, क्या कहता है रविवार, 1 नवम्बर 2026 का भाग्यांक?
अकादमिक उपलब्धियों के साथ शुरू हुआ विद्यार्थियों के नए सफर का उत्सव
जयपुर, 31 अक्टूबर 2026। मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर के 13वें दीक्षांत समारोह का शुभारंभ गरिमामय माहौल में हुआ। दो दिवसीय समारोह के पहले दिन मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन (एमएएचई) के प्रो-चांसलर डॉ. एच. एस. बल्लाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत अकादमिक परिषद की शोभायात्रा और मणिपाल कुलगीत के साथ हुई। इसके बाद विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) एम. डी. वेंकटेश ने समारोह के औपचारिक शुभारंभ की घोषणा की। उन्होंने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, अभिभावकों और डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का स्वागत किया।
दीक्षांत समारोह का दूसरा दिन भी महत्वपूर्ण रहेगा। 1 नवंबर को भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा मंत्रालय के राज्य मंत्री जयंत चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

डिग्री लेने से पूर्व दूसरी खबर के साथ मुखातिब होने के बादे पोज देते हुए मणिपाल यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स
विद्यार्थियों से बोले विश्वविद्यालय के पदाधिकारी—ज्ञान और संस्कार से समाज को दें नई दिशा
समारोह के स्वागत संबोधन में विश्वविद्यालय के प्रो-प्रेसिडेंट कमांडर (डॉ.) अनिल राणा ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय से शिक्षा पूरी करने के बाद विद्यार्थी अब जीवन के एक नए अध्याय में प्रवेश कर रहे हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे यहां से प्राप्त ज्ञान, संस्कार और सेवाभाव को केवल अपनी व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रखें, बल्कि अपने कार्यों से समाज और देश के विकास में भी योगदान दें।
read also:तकनीक से नर्सिंग को नई दिशा, मरीजों की देखभाल में मानवीय संवेदना रहेगी सर्वोपरि

कुलपति डॉ. नीति निपुण शर्मा
वहीं, कुलपति डॉ. नीति निपुण शर्मा ने विश्वविद्यालय की वर्ष 2011 में स्थापना से लेकर अब तक की शैक्षणिक यात्रा और उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने संस्थापक पद्मश्री डॉ. टी. एम. ए. पाई की दूरदर्शी सोच और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया।
डॉ. शर्मा ने विद्यार्थियों से कहा कि उनकी सफलता के पीछे माता-पिता, शिक्षकों और मार्गदर्शकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। ऐसे में जीवन की नई शुरुआत करते समय उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना भी जरूरी है।
उन्होंने विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान, शोध गतिविधियों, अकादमिक उत्कृष्टता और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया।
मुख्य अतिथि ने स्वामी विवेकानंद के संदेश से विद्यार्थियों में भरा आत्मविश्वास

मुख्य अतिथि डॉ. एच. एस. बल्लाल ने अपने दीक्षांत संबोधन में स्वामी विवेकानंद के प्रेरणादायी संदेश ‘उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए’ का उल्लेख किया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में सफलता हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास, दृढ़ संकल्प और सीखने की इच्छा बनाए रखना जरूरी है।
उन्होंने विद्यार्थियों का शिक्षित एवं ज्ञानवान नागरिकों के समुदाय में स्वागत करते हुए अकादमिक शिक्षा, शोध और खेलों में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना की। डॉ. बल्लाल ने संस्थापक डॉ. टी. एम. ए. पाई की उस सोच को भी याद किया, जिसमें शिक्षा को निरक्षरता, गरीबी और अस्वस्थता जैसी सामाजिक चुनौतियों से मुकाबले का प्रभावी माध्यम माना गया है।
उन्होंने कहा कि मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर ने कम समय में उल्लेखनीय प्रगति की है। विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय सहयोग, आधुनिक आधारभूत सुविधाओं और शैक्षणिक विस्तार की सराहना करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को तेजी से बदलती वैश्विक दुनिया के अनुरूप अपनी क्षमताएं विकसित करने की सलाह दी।
read also:गहलोत बोले-एसीबी में एक महिला अफसर सुपर डीजी
उन्होंने परिसर में उसी दिन उद्घाटित अत्याधुनिक प्रयोगशाला का उल्लेख करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को वैश्विक अवसरों के लिए खुद को तैयार करना चाहिए और अपने ज्ञान का दायरा व्यापक बनाना चाहिए। मुख्य अतिथि के संबोधन के बाद कुलपति डॉ. नीति निपुण शर्मा ने उन्हें स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।

4,184 डिग्रियां और 62 गोल्ड मेडल, प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को मिला सम्मान
समारोह के दौरान परीक्षा नियंत्रक डॉ. दासरी नागराजू ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से जुड़े शैक्षणिक आंकड़े प्रस्तुत किए। चेयरपर्सन लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) एम. डी. वेंकटेश ने विद्यार्थियों को औपचारिक रूप से उपाधियां प्रदान कीं। इसके बाद परीक्षा नियंत्रक ने विद्यार्थियों को शपथ दिलाई।
दो दिवसीय समारोह में कुल 4,184 डिग्रियां और 62 स्वर्ण पदक प्रदान किए जा रहे हैं। स्वर्ण पदकों में 45 स्नातक, 16 स्नातकोत्तर और एक पीएच.डी. श्रेणी का पदक शामिल है।

13वें दीक्षांत समारोह के प्रमुख आंकड़े
4,184 कुल डिग्रियां
62 स्वर्ण पदक
1,570+ पहले दिन सम्मानित विद्यार्थी
18 पहले दिन सम्मानित पीएच.डी. शोधार्थी
स्वर्ण पदकों का वर्गीकरण
-
स्नातक: 45
-
स्नातकोत्तर: 16
-
पीएच.डी.: 1
पहले दिन 21 स्वर्ण पदक विजेताओं और 18 पीएच.डी. शोधार्थियों को सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत, अनुशासन और शैक्षणिक प्रतिबद्धता का परिणाम है।

विशेष स्वर्ण पदक विजेताओं को मिली पहचान
समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को विशेष स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया गया।
-
एड्रियन राउथ और अनुष्का कोठियाल: समग्र उत्कृष्टता के लिए चेयरपर्सन स्वर्ण पदक।
-
प्रियंका शर्मा: शोध में उत्कृष्टता के लिए प्रेसिडेंट स्वर्ण पदक।
-
तथ्य गोविल: पाठ्येतर गतिविधियों में उत्कृष्टता के लिए प्रेसिडेंट स्वर्ण पदक।
-
सुजीत सुभाष सोनुने: उद्यमिता एवं नेतृत्व क्षमता के लिए डॉ. के. कस्तूरीरंगन स्वर्ण पदक।
-
मुस्कान मित्तल: डिजाइन शिक्षा एवं शोध में उत्कृष्टता के लिए श्रीमती चंद्रावती स्वर्ण पदक।
समारोह के प्रथम दिवस का समापन विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अमित सोनी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने मुख्य अतिथि, अकादमिक परिषद, प्रबंधन मंडल, संकाय सदस्यों, अभिभावकों और आयोजन से जुड़ी समितियों का आभार व्यक्त किया। अंत में राष्ट्रगान और अकादमिक शोभायात्रा के प्रस्थान के साथ पहले दिन के कार्यक्रम का समापन हुआ।
—————————
#Manipal University Jaipur, #MUJ Convocation 2026, #13th Convocation, #Jaipur News, #Education News, #H S Ballal, #Jayant Chaudhary, #Gold Medal Winners, #Higher Education Rajasthan, #Manipal Academy of Higher Education, मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर दीक्षांत समारोह, MUJ 13th Convocation, मणिपाल यूनिवर्सिटी 2026, जयपुर विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह, 4184 डिग्रियां, 62 गोल्ड मेडल, डॉ एच एस बल्लाल, जयंत चौधरी, मणिपाल यूनिवर्सिटी गोल्ड मेडल, जयपुर शिक्षा समाचार,
