तकनीक से नर्सिंग को नई दिशा, मरीजों की देखभाल में मानवीय संवेदना रहेगी सर्वोपरि

तकनीक से नर्सिंग को नई दिशा, मरीजों की देखभाल में मानवीय संवेदना रहेगी सर्वोपरि

नर्सिंग शिक्षा और आधुनिकीकरण के लिए गीतांजलि विश्वविद्यालय में हुआ खास आयोजन

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी मुख्य अतिथि भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ भी रहे मौजूद

1,000 से अधिक प्रतिभागियों और 150 से अधिक नर्सिंग कॉलेजों के प्राचार्यों हुए शामिल

सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल हेल्थ और आधुनिक नर्सिंग पर हुई चर्चा 

विशेषज्ञों ने तकनीकी प्रगति के साथ मानवीय संवेदना बनाए रखने को दिया महत्व

सोनिया

उदयपुर,dusrikhabar.com।  मरीज के दर्द को समझना, मुश्किल समय में उसे संबल देना और स्वस्थ होने की उम्मीद जगाना नर्सिंग सेवा की पहचान है। बदलते दौर में अब इस सेवा के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल हेल्थ और आधुनिक अनुसंधान भी जुड़ रहे हैं। इसी बदलाव को समझने और भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से गीतांजलि विश्वविद्यालय, उदयपुर में राज्य स्तरीय नर्सिंग सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में विशेषज्ञों ने तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ नर्सिंग के मानवीय मूल्यों को बनाए रखने पर जोर दिया।

गीतांजलि विश्वविद्यालय में जुटे प्रदेशभर के नर्सिंग विशेषज्ञ

ट्रेंड नर्सेज एसोसिएशन ऑफ इंडिया (TNAI) की राजस्थान राज्य शाखा और गीतांजलि विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में 31 अक्टूबर को विश्वविद्यालय परिसर स्थित स्व. श्रीमती नर्मदा देवी अग्रवाल ऑडिटोरियम में सम्मेलन आयोजित हुआ।

‘इमर्जिंग इंटेलिजेंस एंड डिजिटल हेल्थ: रीडिजाइनिंग नर्सिंग थ्रू टेक्नोलॉजी, रिसर्च एंड इनोवेशन’ विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में 1,000 से अधिक प्रतिभागियों और 150 से अधिक नर्सिंग कॉलेजों के प्राचार्यों ने भाग लिया। सम्मेलन में नर्सिंग शिक्षा, डिजिटल स्वास्थ्य, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अनुसंधान और मरीजों की देखभाल में नवाचारों पर चर्चा हुई।

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नर्सिंग शिक्षा और आधुनिकीकरण के क्षेत्र में गीतांजलि विश्वविद्यालय की पहचान को देखते हुए इसे इस आयोजन के लिए चुना गया। विश्वविद्यालय को इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) के प्रतिनिधियों की पहली पसंद बताया गया। आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं, शिक्षा, अनुसंधान और डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में संस्थान की उपलब्धियां भी इसके चयन का आधार रहीं।

तकनीक से नर्सिंग को नई दिशा, मरीजों की देखभाल में मानवीय संवेदना रहेगी सर्वोपरि

गीतांजलि हॉस्पिटल में आयोजित समम्मेलन की दीप प्रज्जवलन कर शुरुआत करते हुए विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़।

नर्सें स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़: वासुदेव देवनानी

सम्मेलन के मुख्य अतिथि राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि समय के साथ नर्सिंग की भूमिका व्यापक हुई है। आज नर्सें केवल मरीजों की देखभाल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्वास्थ्य शिक्षा, जागरूकता, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

उन्होंने नर्सिंग शिक्षा, कौशल विकास और निरंतर प्रशिक्षण को आवश्यक बताते हुए कहा कि नर्सें स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं। राजस्थान सहित देश की नर्सें अपनी दक्षता, सेवाभाव और कार्यकुशलता के दम पर विदेशों में भी पहचान बना रही हैं।

आधुनिक चिकित्सा के साथ संवेदना भी जरूरी: राजेंद्र राठौड़

पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि चिकित्सा विज्ञान में तेजी से प्रगति हो रही है, लेकिन मरीजों के प्रति संवेदना, समर्पण और मानवीय स्पर्श का महत्व कभी कम नहीं हो सकता। उन्होंने नर्सिंगकर्मियों की सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में मरीजों के साथ खड़े रहकर नर्सें स्वास्थ्य सेवाओं को मानवीय आधार प्रदान करती हैं।

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तकनीक बदल सकती है काम का तरीका, सेवाभाव है असली ताकत

तकनीक से नर्सिंग को नई दिशा, मरीजों की देखभाल में मानवीय संवेदना रहेगी सर्वोपरि

सम्मेलन में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए गीतांजलि ग्रुप चेयरमैन जेपी अग्रवाल

गीतांजलि विश्वविद्यालय के चेयरमैन जे.पी. अग्रवाल ने कहा कि नर्सिंग के बिना स्वास्थ्य सेवाओं की कल्पना अधूरी है। कोरोना महामारी के दौरान नर्सिंगकर्मियों ने साहस, अनुशासन और समर्पण का जो परिचय दिया, वह प्रेरणादायी है।

उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बना सकती हैं, लेकिन नर्सिंग की वास्तविक शक्ति मानवीय संवेदनशीलता और सेवाभाव में ही निहित है।

उन्होंने नर्सिंगकर्मियों को अपने स्वास्थ्य और परिवार का ध्यान रखते हुए कार्यक्षेत्र में उत्कृष्टता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। साथ ही भारतीय नर्सों की वैश्विक पहचान और उनके योगदान की सराहना की।

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निरंतर प्रशिक्षण और अनुसंधान पर जोर

TNAI राजस्थान राज्य शाखा के अध्यक्ष डॉ. जोगेंद्र शर्मा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए नर्सिंग समुदाय के योगदान और कोरोना काल में उनकी सेवाओं को याद किया।

उन्होंने नर्सिंग शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए संचालित सतत नर्सिंग शिक्षा (INC) मॉड्यूल और संगठन की ओर से आयोजित लगभग 60 वेबिनारों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नर्सिंगकर्मियों को नवीनतम तकनीकों और ज्ञान से लगातार जोड़ना समय की आवश्यकता है।

सम्मेलन में डिजिटल हेल्थ, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नर्सिंग अनुसंधान और तकनीक आधारित मरीज देखभाल पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए। चर्चा में यह बात प्रमुखता से सामने आई कि आधुनिक तकनीक तभी सार्थक है, जब वह मरीजों की बेहतर देखभाल और मानवीय संवेदना को मजबूत करे।

52 शोध पत्र और 19 पोस्टर बने अकादमिक चर्चा का आधार

सम्मेलन में नर्सिंग फैकल्टी और विद्यार्थियों ने कुल 52 शोध पत्र प्रस्तुत किए। इसके अलावा 19 शोध पत्रों के पोस्टर प्रदर्शित किए गए। इन प्रस्तुतियों ने नर्सिंग शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में अनुसंधान, नवाचार और नए विचारों को साझा करने का अवसर दिया।

कार्यक्रम में TNAI राजस्थान राज्य शाखा के अध्यक्ष डॉ. जोगेंद्र शर्मा, गीतांजलि विश्वविद्यालय के चेयरमैन जे.पी. अग्रवाल, वाइस चेयरमैन कपिल अग्रवाल, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अंकित अग्रवाल, वाइस चांसलर डॉ. राकेश कुमार व्यास, रजिस्ट्रार डॉ. अरविंद कुमार यादव और गीतांजलि कॉलेज एंड स्कूल ऑफ नर्सिंग के डीन डॉ. विजय अजमेरा सहित नर्सिंग विशेषज्ञ एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

सम्मेलन ने नर्सिंग शिक्षा, तकनीक और अनुसंधान को एक साझा मंच प्रदान किया। विशेषज्ञों के विचारों और शोध प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि भविष्य की नर्सिंग सेवाओं में आधुनिक तकनीक के साथ मरीज के प्रति संवेदना, समर्पण और मानवीय जुड़ाव ही सबसे महत्वपूर्ण आधार बने रहेंगे।

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