
जयपुर में धारव हाई स्कूल की कैंटीन में चल रही अवैध नॉनवेज बेकरी प्रोडक्ट यूनिट…!, खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी
जयपुर के भांकरोटा स्थित धारव हाई स्कूल की कैंटीन में खाद्य सुरक्षा विभाग का छापा
कैंटीन संचालन के लाइसेंस पर परिसर में बेकरी उत्पादों के निर्माण की चल रही थी यूनिट
अधिकारियों के अनुसार, वेज और नॉनवेज बेकरी उत्पाद हो रहे थे तैयार
जयपुर शहर के अलग-अलग आउटलेट्स पर किए जा रहे थे सप्लाई
छापेमारी में विभाग को डीप फ्रीजर में बड़ी मात्रा में मिला फ्रोजन नॉनवेज
विभाग ने संबंधित निर्माण गतिविधियां करवाई तत्काल बंद, की कार्रवाई
विजय श्रीवास्तव
जयपुर,dusrikhabar.com। स्कूल की कैंटीन का नाम और लाइसेंस लेकर वहां बेकरी उत्पादों के निर्माण से लेकर नॉनवेज आइटम तैयार करने और शहर के अलग-अलग आउटलेट तक सप्लाई करने का मामला सामने आया है। अजमेर रोड स्थित धारव हाई स्कूल (पूर्व DPS) की कैंटीन में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापा मारकर अनियमितताओं की जांच की। अधिकारियों के अनुसार, कैंटीन संचालन के लिए लाइसेंस लिया गया था, लेकिन मौके पर बेकरी उत्पाद बनाने की यूनिट भी संचालित हो रही थी। यहां वेज और नॉनवेज बेकरी आइटम तैयार किए जा रहे थे।
कार्रवाई के दौरान टीम को डीप फ्रीजर में बड़ी मात्रा में फ्रोजन नॉनवेज मिला। अधिकारियों के मुताबिक, बेकरी उत्पादों के निर्माण और नॉनवेज के भंडारण व बिक्री के लिए आवश्यक लाइसेंस नहीं लिए गए थे। टीम ने संबंधित खाद्य पदार्थों के निर्माण पर तत्काल रोक लगवाई और जांच के लिए नमूने एकत्र किए।
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कैंटीन के लाइसेंस पर चल रही थी बेकरी निर्माण यूनिट
जयपुर के सीएमएचओ डॉ. मनीष मित्तल के अनुसार, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने भांकरोटा स्थित धारव हाई स्कूल की कैंटीन का निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि कैंटीन संचालन के लिए जारी लाइसेंस के तहत परिसर में बेकरी उत्पादों के निर्माण का काम भी किया जा रहा था।
अधिकारियों के मुताबिक, यहां तैयार होने वाले वेज और नॉनवेज बेकरी उत्पादों की जयपुर शहर के विभिन्न आउटलेट पर सप्लाई की जा रही थी। टीम ने मौके पर खाद्य पदार्थों से संबंधित दस्तावेजों और लाइसेंस की पड़ताल की। जांच का मुख्य बिंदु यह था कि जिस परिसर में कैंटीन संचालन की अनुमति थी, वहां अन्य खाद्य उत्पादों के निर्माण और वितरण के लिए जरूरी अनुमतियां ली गई थीं या नहीं।

डीप फ्रीजर में मिला फ्रोजन नॉनवेज, लाइसेंस पर उठे सवाल
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षण के दौरान डीप फ्रीजर में काफी मात्रा में फ्रोजन नॉनवेज रखा मिला। अधिकारियों के अनुसार, इसका इस्तेमाल नॉनवेज बेकरी उत्पाद तैयार करने में किया जा रहा था।
सीएमएचओ डॉ. मनीष मित्तल के मुताबिक, संचालक ने बेकरी उत्पादों के निर्माण के लिए अलग लाइसेंस नहीं लिया था। इसके अलावा नॉनवेज के भंडारण और बिक्री से संबंधित आवश्यक लाइसेंस भी नहीं होने की बात सामने आई।
खाद्य कारोबार में अलग-अलग गतिविधियों के लिए लागू लाइसेंस और खाद्य सुरक्षा संबंधी शर्तों का पालन करना जरूरी है। ऐसे में विभाग ने मौके पर मौजूद दस्तावेजों की जांच करते हुए संबंधित गतिविधियों को लेकर कार्रवाई की।
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विद्यार्थियों को भी बेचे जा रहे थे मोमोज, बर्गर और दूसरे जंक फूड
अधिकारियों के अनुसार, कैंटीन में मोमोज, पास्ता, नूडल्स, बर्गर और फ्रेंच फ्राइज जैसे खाद्य पदार्थ भी तैयार किए जा रहे थे। ये उत्पाद विद्यार्थियों को बेचे जा रहे थे।
स्कूल परिसर में खाद्य पदार्थों के निर्माण और बिक्री का मामला बच्चों की खाद्य सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। स्कूलों में उपलब्ध भोजन और स्नैक्स की गुणवत्ता, साफ-सफाई तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन विद्यार्थियों के स्वास्थ्य से सीधे जुड़ा होता है।
हालांकि, मौके पर मिले उत्पादों की गुणवत्ता या उनसे किसी विद्यार्थी के बीमार होने की पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए खाद्य पदार्थों की वास्तविक गुणवत्ता के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट के बाद ही निकाला जा सकेगा।
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निर्माण बंद करवाया, पनीर और इस्तेमाल किए गए तेल के नमूने लिए
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके पर मौजूद मैनेजर राकेश गुप्ता को पाबंद करते हुए नॉनवेज बेकरी उत्पादों और जंक फूड के निर्माण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगवाई।
इसके साथ ही टीम ने पनीर और इस्तेमाल किए जा चुके कुकिंग ऑयल के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। इन नमूनों की रिपोर्ट से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुरूप होने की स्थिति का पता चल सकेगा।
अब जांच के नतीजों के आधार पर खाद्य सुरक्षा विभाग आगे की कार्रवाई कर सकता है। इस मामले में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित खाद्य कारोबार के लिए आवश्यक लाइसेंस और अन्य नियामकीय शर्तों का कितना पालन किया जा रहा था।
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