
चित्तौड़गढ़ सरस डेयरी प्लांट में शक्कर की किल्लत, नहीं बन रहे पेय-खाद्य..
चित्तौड़गढ़ सरस की कलेक्टर तक पहुंची शिकायत, नहीं मिल रहे ठंडे पेय पदार्थ
शक्कर की कमी से उत्पादन ठप, डेयरी प्रबंधन पर उठे सवाल
तेज गर्मी में सरस डेयरी बूथ खाली, ग्राहकों को नहीं मिल रहे ठंडे उत्पाद
छाछ, लस्सी, श्रीखंड और फ्लेवर मिल्क की कमी से ग्राहक निराश
GST नियमों ने छोटे संचालकों की मुश्किलें बढ़ाईं
कलेक्टर तक पहुंची शिकायत, जांच के आदेश
नवीन सक्सेना,
चित्तौड़गढ़, dusrikhabar.com। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में भीषण गर्मी के बीच सरस डेयरी बूथ पर ठंडे उत्पादों की किल्लत ने नया संकट खड़ा कर दिया है। छाछ, लस्सी, श्रीखंड और फ्लेवर मिल्क जैसे जरूरी आइटम न मिलने से जहां ग्राहक निराश लौट रहे हैं, वहीं बूथ संचालकों की कमाई पर सीधा असर पड़ रहा है।
चित्तौड़गढ़ जिले में इन दिनों बढ़ती गर्मी के साथ सरस डेयरी के बूथों पर सबसे ज्यादा मांग वाले उत्पाद ही गायब होते जा रहे हैं। आमतौर पर गर्मी के मौसम में जिन चीजों की बिक्री सबसे ज्यादा होती है, जैसे छाछ, लस्सी और फ्लेवर मिल्क, वही अब बूथों पर उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में रोजाना इन उत्पादों की उम्मीद लेकर आने वाले ग्राहक खाली हाथ लौट रहे हैं, जिससे उनकी नाराजगी भी बढ़ रही है।
read also:कैसा रहेगा आपका आज, क्या कहता है भाग्यांक? 18 अप्रेल, शनिवार, 2026

इस स्थिति का सबसे ज्यादा असर सरस बूथ संचालकों पर पड़ रहा है। उनका कहना है कि दिनभर बूथ पर बैठने के बावजूद जब बिक्री ही नहीं हो रही, तो खर्च निकालना मुश्किल हो गया है। कई संचालकों ने साफ कहा कि अगर यही हाल रहा तो बूथ चलाना उनके लिए बोझ बन जाएगा।
समस्या की जड़ में उत्पादन में आई रुकावट बताई जा रही है। सरस बूथ एजेंट संघ के अध्यक्ष हरीश संत के अनुसार, डेयरी प्रबंधन ने बताया कि शक्कर की कमी के कारण छाछ, लस्सी और श्रीखंड जैसे उत्पाद बनाए ही नहीं जा पा रहे हैं। ऐसे में सबसे ज्यादा मांग के समय ही सप्लाई बंद होना कई सवाल खड़े कर रहा है।
read also:उदयपुर में 25 साल के तस्कर के घर से मिला 51लाख रुपए कैश, ANTF की…
इसी बीच एक और नई परेशानी ने संचालकों की चिंता बढ़ा दी है। उनका कहना है कि अब डेयरी से घी लेने के लिए GST नंबर अनिवार्य कर दिया गया है। छोटे स्तर पर काम करने वाले संचालकों के लिए यह नियम भारी पड़ रहा है, क्योंकि GST नंबर लेने के लिए उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है। उनका कहना है कि जितनी कमाई होती है, उससे ज्यादा खर्च प्रक्रिया में चला जाएगा, ऐसे में काम करना मुश्किल हो जाएगा।
संचालकों ने यह भी आरोप लगाया कि डेयरी को भुगतान करने के बावजूद उन्हें पक्की रसीद नहीं मिलती। कई लोग NEFT के जरिए पैसे जमा करते हैं, लेकिन उसके बाद भी उन्हें सही दस्तावेज नहीं दिए जाते, जिससे भविष्य में हिसाब-किताब को लेकर चिंता बनी रहती है।
read also:संसद में आधी रात को लागू हुआ महिला आरक्षण कानून 2023…
बढ़ती समस्याओं के बीच बूथ संचालकों ने प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने जिले की कलेक्टर डॉ. मंजू को शिकायत दी है, जिस पर उन्होंने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। वर्तमान में सरस डेयरी के चेयरमैन पद की जिम्मेदारी भी प्रशासन के पास है, ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि जल्द समाधान निकलेगा।
—————-
#Rajasthan News, #Chittorgarh News, #Dairy News, #Business News, #Local Issues, चित्तौड़गढ़ सरस डेयरी, छाछ लस्सी की कमी, सरस बूथ समस्या, GST नियम बूथ संचालक, डेयरी संकट
