अंत समय में भी शिक्षक बना मिसाल, अंगदान से कई लोगों को जीने की उम्मीद

अंत समय में भी शिक्षक बना मिसाल, अंगदान से कई लोगों को जीने की उम्मीद

जीवन के अंत में भी शिक्षक बना मानवता की मिसाल, गीतांजली मेडिकल कॉलेज में अंगदान

शिक्षक कन्हैयालाल आनंद ने अंगदान कर कई जिंदगियों को दी नई उम्मीद

ब्रेन डेड घोषित होने के बाद परिवार ने किया अंगदान

ग्रीन कॉरिडोर बनाकर किडनियां जयपुर भेजी गईं

सुश्री सोनिया,

उदयपुर,dusrikhabar.com।  उदयपुर में एक शिक्षक ने अपने जीवन के अंतिम क्षणों में भी समाज को बड़ी सीख दी। अंगदान कर उन्होंने कई जरूरतमंदों को नई जिंदगी देने का मार्ग प्रशस्त किया। यह घटना न सिर्फ प्रेरणादायक है, बल्कि समाज में जागरूकता का भी संदेश देती है।

चित्तौड़ के 62 वर्षीय शिक्षक कन्हैयालाल आनंद ने जीवनभर शिक्षा के जरिए समाज को दिशा दी और अंत समय में अंगदान कर मानवता की मिसाल पेश की। उदयपुर के गीतांजली मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में भर्ती कन्हैयालाल को 23 मार्च को ब्रेन डेड घोषित किया गया। उनकी इच्छा के अनुसार परिजनों ने उनके अंग दान करने का निर्णय लिया, जिससे कई लोगों को नया जीवन मिल सके।

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ग्रीन कॉरिडोर बनाकर किडनियां पहुंचाई जयपुर

अंगदान के बाद प्रशासन और चिकित्सा टीम ने मिलकर ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया। इसके जरिए उनकी दोनों किडनियों को उदयपुर से हवाई मार्ग से जयपुर के एसएमएस अस्पताल भेजा गया। वहीं उनकी आंखों को उदयपुर स्थित आई बैंक सोसायटी को दान किया गया, जिससे नेत्रहीनों को रोशनी मिल सके।

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भावुक हुआ माहौल, लोगों ने दी श्रद्धांजलि

इस दौरान अस्पताल परिसर में माहौल बेहद भावुक हो गया। उपस्थित लोगों ने “कन्हैयालाल आनंद अमर रहें” के नारे लगाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस पुनीत कार्य में अस्पताल की ऑर्गन ट्रांसप्लांट टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गीतांजली हॉस्पिटल की टीम में डॉ. हरप्रीत सिंह के निर्देशन में डॉ. गोविंद मंगल, डॉ. निलेश भटनागर, डॉ. विनोद मेहता, डॉ. ऋषि मेहता, डॉ. करुणा शर्मा (नोडल अधिकारी), डीएमएस हर्षा सोनी और ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर राजेश मेहता ने पूरी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

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समाजसेवा में भी थे सक्रिय

कन्हैयालाल के पुत्र राहुल ने बताया कि उनके पिता न केवल एक समर्पित शिक्षक थे, बल्कि समाजसेवा में भी हमेशा आगे रहते थे। जरूरतमंदों की सहायता करना उनके जीवन का उद्देश्य था। हॉस्पिटल के सीईओ ऋषि कपूर ने अंगदाता और उनके परिवार को नमन करते हुए इस अंगदान अभियान के लिए आभार जताया। साथ ही प्रशासन, पुलिस और ट्रैफिक टीम का सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।

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गौरतलब है कि कन्हैयालाल आनंद को 19 मार्च को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 23 मार्च को उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया गया। इसके बाद उनके परिवार ने बड़ा निर्णय लेते हुए अंगदान कर कई जिंदगियों को रोशन कर दिया।

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