
ARCH कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय Co-LIFE पायलट-2 वर्कशॉप का समापन
उद्योग पैनल ने जोड़ी वैश्विक सोच से भारतीय विरासत
Erasmus+ समर्थित वर्कशॉप में चार देशों के 50 से अधिक प्रतिभागियों की सहभागिता
डिज़ाइन थिंकिंग, सामाजिक नवाचार और स्थिरता पर रहा विशेष फोकस
Global Market Trends और Indian Heritage Crafts पर उद्योग विशेषज्ञों की गहन चर्चा
नवीन,
जयपुर,dusrikhabar.com। जयपुर स्थित ARCH कॉलेज ऑफ़ डिज़ाइन एंड बिज़नेस में आयोजित पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय Co-LIFE पायलट 2 वर्कशॉप का 27 से 31 जनवरी 2026 तक सफल आयोजन के बाद भव्य समापन हुआ। यह वर्कशॉप यूरोपीय संघ द्वारा समर्थित Erasmus+ कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित की गई, जिसमें भारत सहित फ़िनलैंड, बेल्जियम और डेनमार्क से आए 50 से अधिक छात्र, शिक्षक और मेंटर्स शामिल हुए। कार्यक्रम ने अंतर-सांस्कृतिक सीख, उद्योग सहयोग और प्रभाव-केंद्रित नवाचार को एक साझा मंच प्रदान किया।
read also: 47th Jaisalmer Maru Mahotsav Concludes on Magh Purnima
उद्घाटन से ही दिखा अंतरराष्ट्रीय सहयोग का प्रभाव
कार्यक्रम का शुभारंभ ARCH कॉलेज की संस्थापक एवं निदेशक अर्चना सुराना द्वारा किया गया। उन्होंने LAB University of Applied Sciences, Laurea University (फ़िनलैंड), Aarhus University (डेनमार्क), Thomas More University of Applied Sciences (बेल्जियम), Goa Institute of Management, Indian School of Development Management और École Intuit Lab से आए प्रतिनिधियों का स्वागत किया। इस दौरान प्रतिभागियों ने 26 जनवरी को ARCH परिसर में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में भी भाग लिया, जिससे सांस्कृतिक आदान-प्रदान और भारत की विविधता को समझने का अवसर मिला।
read also:आज के युग में प्रभाव का महत्व: रिश्तों और सफलता का पैमाना बन रहा ‘प्रभाव’
डिज़ाइन थिंकिंग और भविष्य की रचनात्मक क्षमताओं पर विशेष सत्र
वर्कशॉप के दौरान फ़िनलैंड की Laurea University से टाइना वुओरेला ने डिज़ाइन थिंकिंग पर एक महत्वपूर्ण सत्र लिया, जिसमें रचनात्मक समस्या समाधान और सहयोगात्मक कार्यप्रणाली पर जोर दिया गया। वहीं, अर्चना सुराना ने ‘Creative Competencies of the Future’ विषय पर सत्र लेते हुए डिज़ाइन शिक्षा, सामाजिक नवाचार और स्थिरता को जोड़ने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने जयपुर के स्थानीय उद्योग उदाहरणों के माध्यम से यह समझाया कि किस तरह डिज़ाइन वैश्विक समस्याओं के समाधान में भूमिका निभा सकता है।
read also:मोदी सरकार मुसलमानों पर मेहरबान, जानिए बजट में अल्पसंख्यक मंत्रालय को कितना पैसा मिला?
उद्योग भ्रमण और विरासत से जुड़ा व्यावहारिक अनुभव
वर्कशॉप के अंतर्गत प्रतिभागियों ने जयपुर रग्स, नीरजा इंटरनेशनल, कल्पना हैंडमेड पेपर्स और जयपुर ब्लॉक जैसे प्रमुख उद्योग साझेदार संस्थानों का दौरा किया। यहाँ उन्हें स्थायी कार्यप्रणालियों और पारंपरिक शिल्प आधारित व्यवसायों को करीब से समझने का अवसर मिला। इसके अलावा ज्ञान संग्रहालय की यात्रा और जयपुर हेरिटेज टूर ने प्रतिभागियों के अनुभव को और भी समृद्ध बनाया, जिससे वे भारतीय संस्कृति और डिज़ाइन विरासत से गहराई से जुड़ सके।

उद्योग पैनल और छात्र प्रस्तुतियों के साथ समापन
Co-LIFE पायलट 2 वर्कशॉप का समापन छात्र प्रस्तुतियों और Global Market Trends & Indian Heritage Crafts विषय पर आयोजित उद्योग पैनल चर्चा के साथ हुआ। इस पैनल में
रुत्वी चौधरी (Jaipur Rugs),
लीला बोर्डिया (Neerja International),
त्रिलोक सैनी (Kalpana Handmade Papers),
एना पजारी (LAB University of Applied Sciences),
टाइना वुओरेला (Laurea University of Applied Sciences) और
मैत्रेयी मुखर्जी (Indian School of Development Management) जैसे प्रतिष्ठित विशेषज्ञ शामिल रहे।
जयपुर को सतत डिज़ाइन और नवाचार का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में कदम
यह अंतरराष्ट्रीय Co-LIFE पायलट 2 वर्कशॉप ARCH कॉलेज के अंतरराष्ट्रीय साझेदारी और उद्योग सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुई। साथ ही, इसने जयपुर को सतत डिज़ाइन, सांस्कृतिक शिक्षा और नवाचार के एक उभरते हुए वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की भूमिका निभाई।
—————
#ARCHCollege, #CoLIFEWorkshop, #ErasmusPlus, #InternationalWorkshop, #DesignThinking, #SustainableDesign, #Jaipur, ARCH कॉलेज, Co-LIFE पायलट 2 वर्कशॉप, Erasmus+ कार्यक्रम, अंतरराष्ट्रीय वर्कशॉप, डिज़ाइन थिंकिंग, सतत डिज़ाइन, जयपुर
