
कुंभलगढ़ में केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह की संरक्षण और अतिक्रमण पर समीक्षा
केंद्रीय पर्यटन मंत्री की समीक्षा बैठक में जिला प्रशासन तलब…!
कुंभलगढ़–चित्तौड़गढ़ किलों में चल रहे निर्माण कार्यों का चल रहा मूल्यांकन
अतिक्रमण, पुनर्वास और 36 किमी परकोटा क्षेत्र की जमीन की होगी जांच
चित्तौड़गढ़ और राजसमंद के तमाम प्रशासिनक और पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद
विजय श्रीवासतव,
जयपुर/उदयपुर, dusrikhabar.com। राजस्थान के ऐतिहासिक धरोहर स्थलों को लेकर केंद्र सरकार सक्रिय नजर आ रही है। केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत आज कुंभलगढ़ दौरे पर हैं, जहां वे कुंभलगढ़ किला और चित्तौड़गढ़ किला स्थित पुरातात्विक एवं संरक्षित क्षेत्रों में चल रही गतिविधियों, निर्माण कार्यों और विकास योजनाओं की व्यापक समीक्षा कर रहे हैं। यह बैठक न केवल संरक्षण से जुड़ी चुनौतियों पर केंद्रित है, बल्कि आगामी उच्च स्तरीय आयोजनों को देखते हुए व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में भी अहम मानी जा रही है।
संरक्षण और विकास कार्यों की गहन समीक्षा
बैठक में कुंभलगढ़ एवं चित्तौड़गढ़ के पुरातात्विक स्थलों पर चल रहे संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की जा रही है। विशेषज्ञों और अधिकारियों से किलों की संरचनात्मक मजबूती, मरम्मत कार्य, दीवारों और ऐतिहासिक ढांचों की सुरक्षा को लेकर रिपोर्ट मांगी गई है।
इसके साथ ही संरक्षित क्षेत्रों के भीतर और आसपास प्रस्तावित निर्माण व विकास परियोजनाओं का भी मूल्यांकन किया जा रहा है, ताकि किसी भी गतिविधि से विरासत संरचना को नुकसान न पहुंचे।
अतिक्रमण, पुनर्वास और भूमि सत्यापन पर विशेष जोर
बैठक का एक महत्वपूर्ण एजेंडा कुंभलगढ़ किले के संरक्षित क्षेत्र में अतिक्रमण और वहां निवास कर रहे परिवारों के पुनर्वास से जुड़ा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि 36 किलोमीटर लंबी ऐतिहासिक परकोटा दीवार के भीतर भूमि स्वामित्व की स्थिति स्पष्ट की जाए और अवैध कब्जों का सत्यापन किया जाए। सूत्रों के अनुसार, संरक्षित क्षेत्र में अतिक्रमण का मुद्दा लंबे समय से लंबित है, जिस पर अब निर्णायक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
पर्यटन सुविधाओं और साउंड एंड लाइट शो की समीक्षा
बैठक में पर्यटक प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, पैदल मार्ग सुधार, पेयजल और विश्राम स्थलों जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति पर भी चर्चा हो रही है। इसके अतिरिक्त साउंड एंड लाइट शो (RTDC) के संचालन, एमओयू नवीनीकरण और राजस्व से जुड़े मुद्दों पर भी मंथन किया जा रहा है। किला परिसरों में आधुनिक प्रकाश व्यवस्था के उन्नयन और साइनेंज व इंटरप्रिटेशन सेंटर की स्थापना को लेकर भी प्रस्तुतीकरण दिए जा रहे हैं।
वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग पर्यटकों की सुविधा के लिए ई-कार्ट सेवा और सुगम्यता सुधार भी समीक्षा के दायरे में है।
कुंभलगढ़ और चित्तौड़गढ़ में बड़े आयोजनों से पहले उच्च स्तरीय तैयारियां
जानकार सूत्रों का कहना है कि आगामी दिनों में कुंभलगढ़ और चित्तौड़गढ़ में उच्च स्तरीय निजी समारोह आयोजित होने वाले हैं। इन्हीं आयोजनों को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय मंत्री स्वयं व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे हैं। बैठक में राज्य स्तरीय के कला, पर्यटन और संस्कृति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद हैं। माना जा रहा है कि इन आयोजनों में राष्ट्रीय स्तर की भागीदारी होगी, जिसके चलते तैयारियों में कोई कमी न रहे, इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उदयपुर में भी रहेगा कार्यक्रम
कुंभलगढ़ में समीक्षा बैठक के बाद गजेंद्र सिंह शेखावत का उदयपुर सर्किट हाउस पहुंचने का कार्यक्रम है। जानकारी के अनुसार वे उदयपुर में एक निजी समारोह में शामिल होंगे और कुछ विशिष्ट व्यक्तियों से मुलाकात भी करेंगे।
बहरहाल ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और पर्यटन विकास को संतुलित रखते हुए केंद्र सरकार का यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कुंभलगढ़ समीक्षा बैठक से यह संकेत मिल रहा है कि आने वाले समय में संरक्षित स्थलों पर अनियंत्रित गतिविधियों पर सख्ती और पर्यटन सुविधाओं में सुधार दोनों समानांतर रूप से आगे बढ़ेंगे।
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